Rajasthan

जोधपुर में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल और आपदा प्रबंधन अभ्यास

Last Updated:April 27, 2026, 05:01 IST

Jodhpur Disaster Management Mock Drill: जोधपुर जिला प्रशासन द्वारा आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए शहर में एक बड़ा ‘ब्लैकआउट’ मॉक ड्रिल आयोजित किया गया. जिला कलेक्टर आलोक रंजन और पुलिस कमिश्नर शरत कविराज की मौजूदगी में सायरन बजाकर पूरे शहर के अलर्ट सिस्टम की जांच की गई. चौपासनी हाउसिंग बोर्ड से लेकर सोजती गेट तक हुए इस अभ्यास में NDRF, SDRF, फायर ब्रिगेड और पुलिस बल ने हिस्सा लिया. ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना था. अभ्यास के दौरान शहर के मुख्य केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और संसाधनों के प्रभावी उपयोग का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया.

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जोधपुर अलर्ट: सायरन की आवाज़ और ब्लैकआउट, जानें क्यों अचानक थम गया पूरा शहरZoomजोधपुर में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल और आपदा प्रबंधन अभ्यास

Jodhpur Mock Drill: जोधपुर शहर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड से लेकर प्रताप नगर, शास्त्री नगर, रातानाडा और सोजती गेट कलेक्टर ऑफिस तक उस वक्त अचानक हलचल बढ़ गई, जब पूरे शहर में तेज सायरन की आवाज़ें गूँजने लगीं. यह किसी वास्तविक आपदा की स्थिति नहीं, बल्कि जिला प्रशासन द्वारा आयोजित आपदा प्रबंधन तैयारियों का एक बड़ा मॉक ड्रिल था. इस ड्रिल के तहत ‘ब्लैकआउट’ अभ्यास किया गया, जिसके जरिए प्रशासन ने आपातकालीन अलर्ट सिस्टम को परखा और युद्ध या किसी बड़ी आपदा की स्थिति में शहर की तैयारियों का जायजा लिया. कलेक्टर परिसर से संचालित इस अभ्यास के दौरान सायरन बजाकर आमजन को सतर्क करने की प्रणाली की गहन जांच की गई.

इस महत्वपूर्ण ड्रिल का नेतृत्व जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने किया, जबकि पुलिस कमिश्नर शरत कविराज खुद पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे थे. मौके पर डिप्टी पुलिस कमिश्नर मनीष चौधरी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुरेंद्र सिंह राजपुरोहित, एसडीएम पंकज जैन, एसीपी मंगलेश चुंडावत और जनसंपर्क अधिकारी आकांक्षा पालावत सहित तहसीलदार कृष्ण पाल सिंह भी मौजूद रहे. सभी अधिकारियों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए यह सुनिश्चित किया कि ड्रिल पूरी तरह से योजनाबद्ध और प्रभावी ढंग से संपन्न हो.

संयुक्त कार्यप्रणाली का हुआ आकलनड्रिल के दौरान पुलिस विभाग के साथ-साथ फायर ब्रिगेड, SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की संयुक्त कार्यप्रणाली का आकलन किया गया. इसके साथ ही होमगार्ड्स, NCC कैडेट्स और NSS स्वयंसेवकों की भागीदारी भी काफी अहम रही. इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया (Quick Response), विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग की क्षमता को जाँचना था.

अनुशासन और संयम पर जोरब्लैकआउट अभ्यास के दौरान शहरवासियों के बीच अनुशासन और संयम बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया. प्रशासन का मुख्य लक्ष्य आपदा के समय सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है. अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के अभ्यास से प्रशासन और नागरिकों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित होता है, जिससे किसी भी वास्तविक आपात स्थिति में तेजी और प्रभावशीलता के साथ कार्रवाई की जा सके. जिला प्रशासन ने इस ड्रिल को सफल बताते हुए भविष्य में भी ऐसी तैयारियों को जारी रखने की बात कही है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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Jodhpur,Jodhpur,Rajasthan

First Published :

April 27, 2026, 05:01 IST

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