बंगाल में बीजेपी और टीएमसी के बीच क्लोज फाइट, कुछ भी हो सकता है- अशोक गहलोत

Last Updated:April 27, 2026, 16:29 IST
West Bengal Chunav: अशोक गहलोत ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि वहां कुछ भी हो सकता है. बीजेपी ने इस चुनाव को एक युद्ध की तरह लड़ा है. पश्चिम बंगाल के चुनावी दौरे से लौटने के बाद गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि अगर वहां बीजेपी जीतती है तो यह उसकी नहीं बल्कि चुनाव आयोग की जीत होगी. गहलोत ने इस दौरान अपने प्रतिद्वंदी सचिन पायलट को लेकर भी कहा कि अब वे कांग्रेस को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे. उनकी दोनों टांगे कांग्रेस में है.
गहलोत ने बंगाल चुनाव के नतीजों पर सस्पेंस जताते हुए कहा कि 4 तारीख को ही स्थिति साफ होगी.
जयपुर. पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार कर जयपुर लौटे कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने बड़ा बयान दिया है. गहलोत ने कहा है कि बंगाल में बीजेपी और टीएमसी के बीच क्लोज फाइट है. अगर वहां बीजेपी जीती तो वह चुनाव आयोग की जीत होगी. वहीं गहलोत ने सचिन पायलट को लेकर कहा कि अब वे कभी कांग्रेस छोड़ने के बारे में नहीं सोचेंगे. उन्हें पता चल गया है कि कांग्रेस से दूर होने का अंजाम क्या होता है. बीजेपी ने पिछली बार उनको गुमराह कर दिया था.
गहलोत ने कहा कि बंगाल चुनाव में कुछ भी हो सकता है. बीजेपी ने इस चुनाव को एक युद्ध की तरह लड़ा है. उसने काफी पहले से तैयारी शुरू कर दी थी. अगर बंगाल में बीजेपी जीतती है तो वह उसकी नहीं बल्कि चुनाव आयोग की जीत होगी. वहां नतीजों के बारे में कोई भी कयास लगा पाना मुश्किल है. इसके साथ ही गहलोत ने यह भी कहा कि बंगाल में भाजपा के प्रवेश के लिए ममता बनर्जी सरकार जिम्मेदार है. गहलोत ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने केंद्र की पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह और राजस्थान में मेरी सरकार को गिराने का षड्यंत्र रचा था. बंगाल में अगर बीजेपी जीतती है तो वह उसके हथकंडों और चुनाव आयोग की जीत होगी.
पायलट की दोनों टांगे अब कांग्रेस में है
गहलोत यहीं नहीं थमे और बोले कि यह चुनाव आयोग के लिए भी इम्तिहान है. बंगाल में बख्तरबंद गाड़ियां चिंता का सबब बनी हुई है. गहलोत ने कांग्रेस महासचिव और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बारे में कहा कि वे अब पूरी तरह से कांग्रेस के साथ हैं. मुझे उम्मीद है कि अब वे कभी कांग्रेस छोड़ने के बारे में नहीं सोचेंगे. वे अब इस बात को समझ भी चुके हैं और संभल भी गए हैं. उनकी दोनों टांगें अब कांग्रेस में हैं और आगे भी रहेंगी.
उपसभापति को नियमों के मुताबिक ही फैसला लेना चाहिएगहलोत ने राजस्थान विधानसभा के लिए लगातार तीसरी बार बम की धमकी मिलने पर कहा कि पंद्रह दिनों में तीसरी बार धमकी दिया जाना मेरी समझ से परे है. यह सरकार के लिए चिंता की बात होनी चाहिए. सरकार को स्थिति साफ करनी चाहिए कि अब तक धमकी देने वाले लोग क्यों पकड़े नहीं जा रहे हैं. आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के बीजेपी में विलय को मंजूरी मिलने पर अशोक गहलोत बोले कि उपसभापति को इस बारे में नियमों के मुताबिक ही फैसला लेना चाहिए. विपक्ष के एतराज को भी सुनना चाहिए. हमने भी दो बार बीएसपी के विधायकों का विलय अपनी पार्टी में कराया था. लेकिन हर बार नियमों और औपचारिकताओं का पालन कराया गया था.
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…और पढ़ें
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Location :
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
April 27, 2026, 16:29 IST



