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Cocktail 2 Movie Review: प्यार, दोस्ती और उलझते रिश्तों का एक और खट्टा-मीठा सफर है ‘कॉकटेल 2’

नई दिल्ली. 2012 की कल्ट क्लासिक की विरासत को आगे बढ़ाते हुए, मैडॉक फिल्म्स की ‘कॉकटेल 2’ आज के प्यार और मुश्किल रिश्तों पर एक नया नजरिया पेश करती है. शाहिद कपूर का टाइमलेस चार्म, कृति सनोन का इमोशनल चार्म और रश्मिका मंदाना की फ्रेशनेस इस ट्रायंगुलर लव स्टोरी की जान हैं. डायरेक्टर होमी अदजानिया ने बिना किसी मेलोड्रामा के मेट्रोपॉलिटन लाइफ की मुश्किलों, मजबूत दोस्ती और दिल टूटने को खूबसूरती से दिखाया है. हाई-एनर्जी पार्टी ट्रैक्स और दिल को छू लेने वाले सूफी म्यूजिक से भरपूर, यह फिल्म आज के सिनेमा लवर्स के लिए जरूर देखने लायक और एक कम्प्लीट सिनेमैटिक ट्रीट है.

कहानी‘कॉकटेल 2’ आज की मेट्रोपॉलिटन दुनिया के तीन किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी सोच, लाइफस्टाइल और पास्ट एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं. हालात ऐसे मोड़ लेते हैं और इन तीनों के रास्ते अचानक एक-दूसरे से मिल जाते हैं. इसके बाद इमोशंस का एक कभी न खत्म होने वाला सिलसिला शुरू होता है, जहां प्यार और सच्ची दोस्ती के बीच की लाइनें धुंधली होने लगती हैं. फिल्म की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह अपनी ओरिजिनल फिल्म (कॉकटेल) की स्पिरिट, चार्म और इमोशनल कोर को बनाए रखती है, फिर भी साथ ही एक नई और बहुत मॉडर्न पहचान बनाती है. स्क्रीनप्ले रिश्तों की मुश्किलों और मुश्किल फैसलों को खूबसूरती से दिखाता है. डायलॉग इतने नेचुरल हैं और आज के युवाओं से इतने मिलते-जुलते हैं कि दर्शक हर सिचुएशन से सीधे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं.

एक्टिंगयह फिल्म एक्टिंग के मामले में एक बड़ी जीत है. शाहिद कपूर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब इंटेंस रोमांस और कॉम्प्लेक्स किरदारों की बात आती है, तो उनका कोई मुकाबला नहीं है. वह अपने रोल में कमाल की मैच्योरिटी, चार्म और एक अनोखी इमोशनल सेंसिटिविटी दिखाते हैं. उनका किरदार स्क्रीन पर जितना फ्लर्टी दिखता है, वह अंदर से उतना ही कॉम्प्लेक्स है, जिसे शाहिद ने शानदार ढंग से दिखाया है. कृति सेनन का रोल ऐसा है जो उन्हें अपनी एक्टिंग के दोनों एक्सट्रीम को एक्सप्लोर करने का मौका देता है. जहां स्क्रीन पर उनका स्टाइलिश और ग्लैमरस लुक चमकता है, वहीं सीरियस और इमोशनल सीन के दौरान उनकी आंखों का खालीपन दर्शकों को उदास कर देता है. रश्मिका मंदाना इस तिकड़ी में फ्रेशनेस और एक खास गर्मजोशी लाती हैं. उनकी नेचुरल और मासूम परफॉर्मेंस फिल्म के माहौल को हल्का और खुशनुमा बनाए रखती है. इन तीन मेन एक्टर्स के बीच ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री और तालमेल फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी है.

डायरेक्शनडायरेक्टर होमी अदजानिया को मॉडर्न और अर्बन रिश्तों की मुश्किलों को दिखाने में मास्टर माना जाता है. यह स्किल इस फिल्म में साफ दिखती है. उन्होंने इमोशनल सीन को बहुत मैच्योरिटी के साथ हैंडल किया है, जिससे यह पक्का होता है कि फिल्म कभी भी बहुत ज्यादा मेलोड्रामैटिक या बोरिंग न लगे. होमी ने यह पक्का किया है कि फिल्म का एंटरटेनमेंट कोशेंट हाई बना रहे. स्क्रीनप्ले लगातार आगे बढ़ता है, रोमांस, हल्की-फुल्की कॉमेडी और इंटेंस ड्रामा के बीच एक परफेक्ट बैलेंस बनाता है.

सिनेमैटोग्राफीदेखने में ‘कॉकटेल 2’ एक शानदार और रिच फिल्म है. फिल्म को विदेश और भारत दोनों जगह कई शानदार और खूबसूरत लोकेशन पर शूट किया गया है. सिनेमैटोग्राफर ने हर फ्रेम को इतनी ग्रेस और रिचनेस के साथ कैप्चर किया है कि फिल्म को बड़े पर्दे पर देखना आंखों के लिए एक ट्रीट है. स्टाइलिश कॉस्ट्यूम से लेकर हाई-एंड प्रोडक्शन डिजाइन तक, फिल्म का हर टेक्निकल पहलू इसकी मॉडर्न थीम को पूरी तरह से सपोर्ट करता है.

म्यूजिकफिल्म का म्यूजिक भी इसकी एक और बड़ी खूबी है. गाने कहानी में जबरदस्ती नहीं डाले गए हैं, बल्कि वे कहानी का हिस्सा बन जाते हैं और स्क्रीनप्ले को आगे बढ़ाते हैं. म्यूजिक एल्बम में हर मूड के लिए गाने हैं. हाई-एनर्जी पार्टी नंबर्स से लेकर युवाओं को नाचने पर मजबूर करने वाले सोलफुल और सूफी धुनें जो दिल टूटने का दर्द दिखाती हैं. बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के जरूरी इमोशनल सीन के असर को बढ़ाता है.

कमियांबहुत एंटरटेनिंग और दिल को छू लेने वाला रोमांटिक ड्रामा होने के बावजूद, फिल्म में कुछ छोटी-मोटी कमियां हैं. दूसरे हाफ में एक प्वाइंट ऐसा आता है जब कन्फ्यूज करने वाले रिश्ते और किरदारों का एक ही मुद्दे पर बार-बार परेशान होना कहानी को धीमा कर देता है. कुछ सीन ओरिजिनल फिल्म की याद दिलाते हैं, जिससे थोड़ा अंदाजा लगता है कि सब कुछ पहले से तय है. इसके अलावा, जो दर्शक सिर्फ ट्रेडिशनल या एक्शन से भरपूर सिनेमा देखना पसंद करते हैं, उन्हें इसका शहरी और रिश्तों पर आधारित मूड थोड़ा अजीब लग सकता है.

अंतिम फैसलाआखिर में ‘कॉकटेल 2’ एक बहुत ही सीरियस, मॉडर्न और पूरी तरह से पैसा वसूल रोमांटिक एंटरटेनर है. यह फिल्म हमें सिखाती है कि प्यार सिर्फ किसी को ढूंढने या परफेक्ट होने के बारे में नहीं है, बल्कि समझने, थोड़े सब्र और अपनी जिंदगी जीते हुए लिए गए मुश्किल फैसलों को मानने के बारे में है. शाहिद कपूर का जबरदस्त स्टारडम, कृति और रश्मिका की शानदार परफॉर्मेंस, होमी का शानदार डायरेक्शन और कमाल का म्यूजिक इस वीकेंड इसे जरूर देखने लायक फिल्म बनाते हैं. अगर आप सिनेमा में अच्छी कहानियों, शानदार विजुअल्स और दिल को छू लेने वाले इमोशंस के फैन हैं, तो ‘कॉकटेल 2’ थिएटर में एक बहुत ही संतोषजनक अनुभव साबित होगी. मेरी ओर से फिल्म को 5 में से 3 स्टार.

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