बालेसर के दीपाराम को मिला सम्मान

Last Updated:April 20, 2026, 13:44 IST
Deeparam Honored for Saving Accident Victims: जोधपुर जिले के बालेसर निवासी दीपाराम ने अपने पिता की सड़क हादसे में हुई मृत्यु के बाद उनके अंतिम शब्दों को जीवन का संकल्प बना लिया है. पिता ने मरते समय उनसे कहा था कि वे अस्पतालों में जाकर सड़क हादसों में घायल लोगों की जान बचाएं ताकि किसी का परिवार न उजड़े. इसी सीख को अपना धर्म मानते हुए दीपाराम पिछले कई वर्षों से हाईवे पर होने वाले हादसों में घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाने और उनके लिए रक्त की व्यवस्था करने का निस्वार्थ कार्य कर रहे हैं. आज दीपाराम का नाम पूरे क्षेत्र में सम्मान के साथ लिया जा रहा है और वे युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत बन गए हैं.
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Deeparam Honored for Saving Accident Victims in Rajasthan: अक्सर देखा जाता है कि लोग अपने किसी प्रियजन को खोने के बाद गहरे दुख और निराशा में डूब जाते हैं, लेकिन कुछ विरले व्यक्तित्व ऐसे भी होते हैं जो अपने व्यक्तिगत दर्द को समाज की भलाई की सबसे बड़ी ताकत बना लेते हैं. राजस्थान के जोधपुर जिले के बालेसर थाना क्षेत्र से एक ऐसी ही दिल को छू लेने वाली और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है. बालेसर के मेकानिया का बेरा निवासी दीपाराम ने एक दर्दनाक सड़क हादसे में अपने पिता को खो दिया था, लेकिन उस शोक की घड़ी में पिता द्वारा कहे गए अंतिम शब्दों ने दीपाराम के जीवन की दिशा ही बदल दी. अस्पताल में दम तोड़ने से पहले उनके पिता अमानाराम ने उनसे कहा था कि बेटा अगर वास्तव में सेवा करनी है तो अस्पताल जाना और सड़क हादसों में घायल हुए लोगों की जान बचाना. पिता के इन शब्दों को दीपाराम ने पत्थर की लकीर मान लिया और तब से लेकर आज तक वे घायलों के लिए एक ‘देवदूत’ बनकर सड़कों पर तैनात रहते हैं.
पिता की मृत्यु के बाद दीपाराम ने शोक मनाने के बजाय दूसरों के घरों को उजड़ने से बचाने को ही अपने जीवन का एकमात्र लक्ष्य बना लिया. पिछले कई सालों से दीपाराम हाईवे या संपर्क सड़कों पर होने वाले किसी भी हादसे की सूचना मिलते ही सबसे पहले मौके पर पहुँचते हैं. उनका कार्य केवल घायलों को अस्पताल पहुँचाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वे अस्पताल में उन्हें भर्ती कराने से लेकर उनके इलाज और जरूरत पड़ने पर रक्तदान करने तक की जिम्मेदारी बखूबी निभाते हैं. दीपाराम अब तक सैकड़ों लोगों को मौत के मुँह से बाहर निकाल चुके हैं और उनके लिए घायल व्यक्ति की जाति या धर्म कभी मायने नहीं रखता. उनके मन में बस एक ही धुन सवार रहती है कि किसी भी कीमत पर घायल की सांसें नहीं रुकनी चाहिए और जिस तरह उन्होंने अपने पिता को खोया, वैसा दुख किसी और बेटे या परिवार को न झेलना पड़े.
पुलिस स्थापना दिवस पर मिला विशेष सम्मानदीपाराम के इसी निस्वार्थ जज्बे और निरंतर की जा रही जनसेवा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने उन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया. पाली के पुलिस लाइन स्थित श्रीराम पवेलियन ग्राउंड में आयोजित ‘पुलिस स्थापना दिवस’ समारोह के दौरान दीपाराम को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक (IG) सतेन्द्र सिंह और पुलिस अधीक्षक (SP) मोनिका सैन ने दीपाराम को प्रशस्ति पत्र देकर उनके हौसले की सराहना की. अधिकारियों ने कहा कि आज के दौर में जहाँ लोग अक्सर हादसों को देखकर मुँह फेर लेते हैं, वहाँ दीपाराम जैसे लोग मानवता की जीवित मिसाल पेश कर रहे हैं. इस गरिमामयी समारोह में दीपाराम के साथ ही सांडेराव निवासी एडवोकेट नारायण भाटी को भी लावारिसों और जरूरतमंदों की मदद करने के नेक कार्य के लिए सम्मानित किया गया.
समाज के लिए प्रेरणा बने दीपारामदीपाराम की यह कहानी उन सभी लोगों के लिए एक बड़ी सीख है जो व्यस्तता या डर के कारण सड़क पर तड़पते घायलों की मदद करने से कतराते हैं. दीपाराम ने साबित कर दिया है कि एक इंसान का दृढ़ संकल्प सैकड़ों परिवारों के चिराग बुझने से बचा सकता है. उनकी इस सेवा भावना की चर्चा अब पूरे जोधपुर और पाली संभाग में हो रही है. दीपाराम आज भी अपने पिता की उस अंतिम सीख को याद करते हुए हर वक्त अस्पताल और सड़कों के पास सक्रिय रहते हैं ताकि किसी भी जरूरतमंद को समय पर सहायता मिल सके. पुलिस महानिरीक्षक द्वारा मिले इस सम्मान ने दीपाराम के संकल्प को और अधिक मजबूती दी है और वे भविष्य में भी इसी तरह मानवता की सेवा में जुटे रहने का इरादा रखते हैं. दीपाराम जैसे सच्चे समाजसेवकों के कारण ही आज भी समाज में इंसानियत पर भरोसा कायम है और लोग उनकी इस निस्वार्थ सेवा को दिल से सलाम कर रहे हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें
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Location :
Jodhpur,Jodhpur,Rajasthan
First Published :
April 20, 2026, 13:41 IST



