Rajasthan
धौलपुर की ‘जालदार तोप’ जिसकी मार से कांपते थे दुश्मन; 7 किलोमीटर थी क्षमता, जानें विश्व धरोहर दिवस पर इस अनसुनी विरासत का सच – हिंदी

“एक बार चली और इतिहास बन गई!” देखिए धौलपुर की जालदार तोप की वो अनसुनी गाथा
Jaldar Top History: धौलपुर की ऐतिहासिक जालदार तोप शौर्य और प्राचीन तकनीकी कौशल का अद्भुत संगम है. अष्टधातु और लोहे से निर्मित यह तोप अपनी सुंदर जालीनुमा नक्काशी के कारण ‘जालदार’ कहलाती है. रियासत काल में महाराज राना निहाल सिंह के समय इसकी मारक क्षमता 7 किलोमीटर तक थी. ग्वालियर के शासकों से सुरक्षा के लिए इसे सामरिक दृष्टि से ग्वालियर मार्ग पर तैनात किया गया था. आज विश्व धरोहर दिवस पर यह तोप धौलपुर के गौरवशाली इतिहास और उस दौर की उन्नत इंजीनियरिंग के प्रतीक के रूप में सुरक्षित है. यह अनसुनी विरासत राजस्थान के सैन्य कौशल की जीवंत गवाह है.




