बकरियों को खिलाएं बबूल की फलियां, इम्युनिटी और दूध उत्पादन बढ़ाने में है मददगार, किसान से जानें तरीका

होमताजा खबरकृषि
कम खर्च में ज्यादा मुनाफा, बबूल की फलियों से ऐसे बढ़ाएं बकरियों का दूध उत्पादन
Last Updated:May 03, 2026, 17:44 IST
Acacia Beans Benefits: भीलवाड़ा में पशुपालकों के लिए बबूल की फलियां सस्ता और असरदार विकल्प बनकर उभरी हैं. आसींद के किसान नारायण लाल गुर्जर के अनुसार, बबूल की फलियां प्रोटीन, फाइबर और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, जो बकरियों की इम्युनिटी और पाचन शक्ति को मजबूत बनाती हैं. इससे पशु ज्यादा स्वस्थ और सक्रिय रहते हैं. संतुलित मात्रा में खिलाने से दूध उत्पादन और गुणवत्ता में भी सुधार होता है. हालांकि, विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार सीमित मात्रा में ही इसका उपयोग करना चाहिए.
ख़बरें फटाफट
भीलवाड़ा. पशुपालन की बात की जाए तो बकरी पालन सबसे सस्ता और आसान माना जाता है. आमतौर पर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बबूल के पेड़ सबसे ज्यादा पाए जाते हैं. खासकर पशुओं के लिए यह बबूल के पेड़ किसी वरदान से कम नहीं हैं, क्योंकि बकरी की इम्युनिटी पावर बढ़ाने के साथ-साथ दूध के उत्पादन में भी बबूल की फलियां काफी फायदेमंद मानी जाती हैं. गांवों में पशुओं की सेहत सुधारने और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए महंगे चारे या दवाइयों पर ज्यादा खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती है. बबूल की फलियां एक सस्ता और असरदार विकल्प मानी जाती हैं.
यह आसानी से गांवों और खेतों के आस-पास मिल जाती है, जिससे किसानों को अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ता. सही तरीके से इसका उपयोग करने पर पशु स्वस्थ रहते हैं और उनकी उत्पादकता भी बढ़ती है. बबूल की फलियां पशुपालकों के लिए एक सस्ता, आसान और असरदार उपाय हैं. इससे न केवल पशुओं की सेहत सुधरती है, बल्कि दूध उत्पादन भी बढ़ता है. ऐसे में अगर किसान सही तरीके से इसका इस्तेमाल करें, तो वे कम खर्च में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं और पशुपालन को और मजबूत बना सकते हैं.
प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर है फलियां
भीलवाड़ा जिले के आसींद क्षेत्र के रहने वाले नारायण लाल गुर्जर ने बताया कि खेतों के आस-पास बबूल के पेड़ आसानी से मिल जाते हैं. यह बकरियों के लिए काफी अच्छे और फायदेमंद माने जाते हैं. बबूल की सूखी फलियों में प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. ये तत्व पशुओं के शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और उनकी पाचन क्रिया को भी सुधारते हैं. जब पशु का पाचन सही रहता है, तो वह चारे को बेहतर तरीके से पचा पाता है, जिससे उसे अधिक ऊर्जा मिलती है. यही कारण है कि बबूल की फलियां खिलाने से पशु ज्यादा सक्रिय रहते हैं और उनका स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है.
बबूल की फलियों को सीधे नहीं, बल्कि पीसकर या चारे में मिलाकर खिलाना ज्यादा फायदेमंद होता है. इससे पशु आसानी से इसे खा लेते हैं और पोषक तत्वों का पूरा लाभ मिल पाता है. खास बात यह है कि यह पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है, जिससे वे बीमारियों से दूर रहते हैं. गर्मी और बदलते मौसम में यह और भी ज्यादा उपयोगी साबित होती है.
दूध उत्पादन बढ़ाने में कारगर है बबूल की फलियां
नारायण लाल गुर्जर ने बताया कि दूध उत्पादन बढ़ाने में भी बबूल की फलियां अहम भूमिका निभाती हैं. जिन पशुओं को नियमित और संतुलित मात्रा में यह खिलाई जाती है, उनमें दूध देने की क्षमता में सुधार देखा गया है. इससे दूध की मात्रा ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी बेहतर होती है. इससे डेयरी व्यवसाय करने वाले लोगों को सीधा फायदा मिलता है और उनकी आय में भी बढ़ोतरी होती है. हालांकि, पशुपालन विभाग की सलाह के अनुसार ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए. बबूल की फलियों का उपयोग सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. अधिक मात्रा में खिलाने से पशुओं के पाचन पर असर पड़ सकता है. इसलिए इसे संतुलित आहार के रूप में ही शामिल करें और अन्य चारे के साथ मिलाकर दें.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें
Location :
Bhilwara,Rajasthan



