Rajasthan

खेती से उद्योग तक! जैतपुरा बना उद्योग का पावरहाउस, 250 से अधिक फैक्ट्री ने बदल दी गांव की तस्वीर

Last Updated:June 28, 2026, 13:49 IST

Jaipur Jaitpura Village Industrial Hub: जयपुर के चौमूं क्षेत्र में स्थित जैतपुरा गांव अब किसी परिचय का मोहताज नहीं है. खेती-बाड़ी से आगे निकलकर इस गांव ने खुद को औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित कर लिया है. 1984 में स्थापित औद्योगिक क्षेत्र में आज 250 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्योग संचालित हैं. यहां बनने वाले सामान सिर्फ देश में नहीं बल्कि नेपाल के साथ बंग्लादेश भी भेजे जा रहे हैं. उद्योग लगने से न सिर्फ युवाओं को रोजगार मिला है बल्कि पयालन भी हद तक कम हुआ है. शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और सड़क जैसी सुविधाओं के विस्तार ने जैतपुरा को आधुनिक और समृद्ध गांव की पहचान दिलाई है.

कभी खेती और पशुपालन तक सीमित रहने वाला जयपुर के चौमूं क्षेत्र का जैतपुरा आज औद्योगिक विकास की नई पहचान बन चुका है. राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर स्थित इस गांव ने पिछले चार दशकों में विशेष प्रगति की है. यह गांव अब जिले का ही नहीं बल्कि प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है. यहां स्थापित उद्योगों ने गांव की तस्वीर बदल कर रख दी है. इन उद्योगों के कारण गांव को आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिली है.

साल 1984 में जैतपुरा औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के साथ विकास का नया दौर शुरू हुआ. वर्तमान में 182 बीघा क्षेत्र में फैले इस औद्योगिक क्षेत्र में 250 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्योग संचालित हैं. यहां कृषि यंत्र, इंसुलेशन मटेरियल और विभिन्न औद्योगिक उत्पादों का निर्माण किया जाता है, जिनकी गुणवत्ता के कारण देश-विदेश के बाजारों में भी अच्छी मांग बनी हुई है. यहां बनने वाले मेटेरियल अब नेपाल, बांग्लादेश समेत अन्य देशों तक पहुंच रहे हैं.

जैतपुरा के उद्योगों का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय युवाओं को रोजगार के रूप में मिला है. गांव और आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से शहरों की ओर पलायन में कमी आई है. उद्योगों के विस्तार के साथ लोगों की आय बढ़ी है और ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है. आज यह रोजगार के मामले में विकसित गांव बन चुका है.

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औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने से गांव में व्यापारिक और सेवा क्षेत्र का भी तेजी से विस्तार हुआ है. कई परिवारों ने किराये के मकान बनाकर अतिरिक्त आय का साधन विकसित किया है. राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के कारण होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की संख्या भी बढ़ी है. बाहर से आने वाले व्यापारी और उद्यमी यहां नियमित रूप से व्यापारिक कार्यों के लिए पहुंचते हैं.

जैतपुरा में औद्योगिक विकास के साथ आवश्यक सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार हुआ है. गांव में सहायक अभियंता कार्यालय, आईटीआई, बीएसएनएल कार्यालय, चौपहिया वाहन शोरूम, पांच बैंक, ग्राम सेवा सहकारी समिति, उप स्वास्थ्य केंद्र, ईएसआई अस्पताल और कई निजी अस्पताल संचालित हैं. इन संस्थानों से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बैंकिंग जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही है.

आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए सड़कों का पुनर्निर्माण, नालियों और पुलियाओं का निर्माण किया गया है, जिससे यातायात व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुगम हुई है. बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है. प्रस्तावित उत्तरी रिंग रोड बनने के बाद परिवहन व्यवस्था और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है.

जैतपुरा अब केवल एक गांव नहीं, बल्कि चौमूं क्षेत्र के सबसे बड़े औद्योगिक हब के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुका है. औद्योगिक पहचान के साथ जैतपुरा अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी संजोए हुए है. गांव के प्राचीन श्री जानकीनाथ मंदिर, श्री लक्ष्मी नरसिंह भगवान मंदिर और श्री लंकामुखी हनुमान मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं. यहां वर्षभर धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन होते रहते हैं, जो आधुनिक विकास और परंपराओं के संतुलन को बनाए रखते हुए जैतपुरा को एक आदर्श एवं समृद्ध गांव बन चुका है.

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