झुग्गियों से उठी उम्मीद… जिन बच्चों ने स्कूल नहीं देखा, अब किताबों से लिख रहे नई जिंदगी की कहानी

Last Updated:April 21, 2026, 20:15 IST
Bharatpur Local News: भरतपुर की झुग्गी बस्तियों के बच्चों को डॉ हेडगेवार स्मृति सेवा प्रन्यास 2018 से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ रहा, महाराणा प्रताप छात्रावास में रहन सहन व पढ़ाई की सुविधा. इतना ही नहीं, जिन बच्चों के पास रहने और पढ़ाई के लिए उचित वातावरण नहीं होता, उन्हें महाराणा प्रताप छात्रावास में रखा जाता है. यहां बच्चों को रहने, खाने, किताबों, यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं.
भरतपुर. भरतपुर शहर की झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले घुमंतू और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के जीवन में अब शिक्षा की नई किरण दिखाई देने लगी है. जिन बच्चों ने कभी स्कूल का दरवाजा तक नहीं देखा था, आज वही बच्चे किताबें लेकर अपने बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. इस बदलाव के पीछे डॉ. हेडगेवार स्मृति सेवा प्रन्यास संस्था का लगातार किया जा रहा सराहनीय प्रयास है, जो वर्ष 2018 से इन बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रही है.
संस्था के कार्यकर्ता योगेश शर्मा ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि वे नियमित रूप से झुग्गी-बस्तियों में जाकर बच्चों और उनके अभिभावकों से संपर्क करते हैं और उन्हें शिक्षा का महत्व समझाते हैं. साथ ही बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित भी करते हैं. कई बार परिवारों की आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियां बच्चों की पढ़ाई में बाधा बनती हैं, लेकिन संस्था इन चुनौतियों को पार करते हुए बच्चों का स्कूलों में नामांकन सुनिश्चित कराती है.
बच्चों को मिल रही सुविधाएं और सहाराइतना ही नहीं, जिन बच्चों के पास रहने और पढ़ाई के लिए उचित वातावरण नहीं होता, उन्हें महाराणा प्रताप छात्रावास में रखा जाता है. यहां बच्चों को रहने, खाने, किताबों, यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि वे बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें. इससे बच्चों में न केवल पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ी है, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है. शुरुआती दौर में संस्था को सीमित संसाधनों के कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन समय के साथ सहयोग बढ़ने लगा और अब व्यवस्थाएं पहले से काफी बेहतर हो गई हैं.
बदलता माहौल और संस्था का लक्ष्यसंस्था का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और हर बच्चे को आगे बढ़ने का समान अवसर मिले. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पहल ने बस्तियों के माहौल को भी बदल दिया है. जहां पहले बच्चे इधर-उधर भटकते नजर आते थे, वहीं अब वे स्कूल जाते और पढ़ाई करते दिखाई देते हैं. डॉ. हेडगेवार स्मृति सेवा प्रन्यास की यह पहल न सिर्फ बच्चों के जीवन को संवार रही है, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाकर एक सकारात्मक बदलाव की मिसाल भी पेश कर रही है.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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Location :
Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan
First Published :
April 21, 2026, 20:15 IST



