पाली हाईवे पर ‘दूसरे खंभों’ के भरोसे टिकी हैं सैकड़ों जिंदगियां, कभी भी हो सकता है हादसा!

Last Updated:May 14, 2026, 19:38 IST
Pali Ground Report: पाली-जोधपुर नेशनल हाईवे पर झुके और जर्जर बिजली के खंभे लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं. बिपरजॉय तूफान के बाद से खंभे हाईटेंशन लाइन के सहारे टिके हुए हैं, लेकिन एक साल बाद भी डिस्कॉम ने इन्हें ठीक नहीं किया. हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों, मजदूरों और राहगीरों के लिए यह गंभीर जोखिम बना हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश और तेज आंधी के दौरान कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. बावजूद इसके प्रशासन और बिजली विभाग की लापरवाही लगातार सवालों के घेरे में है.
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पाली. कहते हैं कि सावधानी हटी और दुर्घटना घटी, लेकिन पाली-जोधपुर नेशनल हाईवे पर प्रशासन ने शायद अपनी आंखें पूरी तरह मूंद ली हैं. पाली-जोधपुर नेशनल हाईवे पर ये बिजली के खंभे किसी भी वक्त आपकी और हमारी जान ले सकते हैं. पिछले साल आए ‘बिपरजॉय’ तूफान ने इन खंभों को जड़ से हिला दिया था, लेकिन अफसोस की बात यह है कि एक साल बीत जाने के बाद भी ये खंभे आज दूसरे खंभों के सहारे मौत बनकर लटके हुए हैं. नेशनल हाईवे जैसी व्यस्त सड़क, जहां गाड़ियां 100 की रफ्तार से दौड़ती हैं, वहां ये झुके खंभे न केवल यातायात को बाधित कर सकते हैं, बल्कि करंट फैलने से कई जिंदगियां पल भर में खतरे में पड़ सकती हैं. आखिर प्रशासन और बिजली विभाग किस बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? क्यों एक साल बाद भी इस जानलेवा लापरवाही को ठीक नहीं किया गया?
पाली-जोधपुर नेशनल हाईवे पर जब आप जोधपुर से पाली की तरफ पहुंचते हैं, तो दूसरा टोल क्रॉस करने के बाद बिजली विभाग की लापरवाही का ऐसा ही दृश्य देखने को मिलता है, जहां हाईटेंशन लाइन के सहारे बिजली के पोल खड़े हैं. यहां केवल एक पोल नहीं, बल्कि पूरे नेशनल हाईवे पर लंबी कतार में कई पोल इसी तरह नजर आते हैं. इसके बावजूद पाली डिस्कॉम प्रशासन आखिर इन्हें ठीक करने की जहमत क्यों नहीं उठा रहा है.
क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन
हाईटेंशन लाइन के सहारे खड़े इन बिजली के पोलों को ठीक नहीं किया जा रहा है. ऐसे में आने वाले समय में फिर से आंधी-तूफान या तेज बारिश होती है, तो इससे और भी भयावह स्थिति पैदा हो सकती है, यदि समय रहते इन्हें ठीक नहीं किया गया. यह जगजाहिर है कि पाली में पिछले कई वर्षों से भारी बारिश होती रही है, जिससे खेत तक डूब जाते हैं. ऐसे में यदि इस बार भी बारिश का दौर इसी तरह रहा और ये पोल गिर गए, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है.
मजदूरों और राहगीरों पर भी खतरा
पाली एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है. इस क्षेत्र में हजारों की संख्या में श्रमिक दिन-रात काम करते हैं. इन झुके हुए खंभों के नीचे से गुजरना किसी खतरे से खाली नहीं है. यदि समय रहते इन्हें ठीक नहीं किया गया, तो मानसून की शुरुआत या तेज हवाओं के चलते ये खंभे धराशायी हो सकते हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है.
पूरी लाइन की स्थिति जर्जर
हादसों को निमंत्रण दे रही यह लापरवाही केवल एक खंभे तक सीमित नहीं है. पूरी विद्युत लाइन में लगे खंभे अपनी मजबूती खो चुके हैं. हाई-वोल्टेज तार नीचे की ओर लटक रहे हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा बना रहता है. औद्योगिक इकाइयों के पास इस तरह की लापरवाही किसी बड़ी तबाही को निमंत्रण दे रही है.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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