Rajasthan

शिक्षक शैतान सिंह यादव की प्रेरक कहानी

Last Updated:May 01, 2026, 08:42 IST

Alwar News: वरिष्ठ अध्यापक शैतान सिंह यादव पिछले 32 वर्षों से शिक्षा के माध्यम से समाज में बदलाव ला रहे हैं. जालौर, मेवात और राठ क्षेत्रों के पिछड़े समुदायों को स्कूल से जोड़ने और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को रोकने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. वे गरीब बच्चों को अपनी ओर से किताबें, ड्रेस और फीस उपलब्ध कराते हैं. भामाशाहों के सहयोग से उन्होंने विद्यालय में आधुनिक सुविधाएं विकसित की हैं और पर्यावरण संरक्षण के लिए हजारों पौधे भी लगाए हैं.

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Alwar News: खैरथल-तिजारा जिले के उलाहेड़ी गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत वरिष्ठ अध्यापक शैतान सिंह यादव पिछले 32 वर्षों से शिक्षा को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का हथियार बना रहे हैं. वे न केवल कक्षा में ज्ञान बांटते हैं, बल्कि जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए एक संरक्षक की भूमिका भी निभा रहे हैं. शैतान सिंह अपनी आय से गरीब छात्रों के लिए फीस, किताबें, स्कूल ड्रेस और जूते उपलब्ध कराते हैं, ताकि गरीबी किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बन सके. उनके इस निस्वार्थ प्रयास से न केवल छात्रों का भविष्य बेहतर हो रहा है, बल्कि पूरे गांव में जागरूकता और अनुशासन का माहौल बना है.

शैतान सिंह यादव का करियर राजस्थान के जालौर जिले से शुरू हुआ, जहां उन्होंने भील और रेबारी जैसे समुदायों के बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के लिए जमीनी स्तर पर संघर्ष किया. इसके बाद उनकी दूसरी पोस्टिंग तिजारा के मेवात क्षेत्र में हुई, जहां उन्होंने 9 वर्षों तक मेव समुदाय के बीच शिक्षा के प्रति अलख जगाई. मुंडावर में अपने 10 साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध अभियान चलाया, जिसका सकारात्मक परिणाम यह हुआ कि वहां की बालिकाएं आज उच्च शिक्षा प्राप्त कर राजकीय सेवाओं में कार्यरत हैं.

पिछड़े समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ाउन्होंने अपनी सेवाओं के दौरान भील, रबारी, मेव, गुर्जर, मीणा, कंजर, बावरिया, मेघवाल और वाल्मीकि जैसे विभिन्न समुदायों के बीच जाकर अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया. उन्होंने बाल विवाह और नशे जैसी बुराइयों के खिलाफ आवाज बुलंद की. उनके इन्हीं प्रयासों का सुखद परिणाम है कि जिन बस्तियों में कभी शिक्षा की रोशनी नहीं पहुंची थी, वहां के बच्चे आज प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होकर सरकारी सेवाओं में चयनित हो रहे हैं.

भामाशाहों के सहयोग से आधुनिक सुविधाएंवरिष्ठ अध्यापक शैतान सिंह ने विद्यालय विकास में भी अनुकरणीय योगदान दिया है. उन्होंने स्वयं और भामाशाहों के सहयोग से स्कूल में सीसीटीवी कैमरा, मंदिर, प्रोजेक्ट सिस्टम, फर्नीचर और शुद्ध पेयजल के लिए वाटर कूलर जैसी सुविधाएं मुहैया कराई हैं. वे केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि दसवीं के बाद बच्चों की रुचि के अनुसार उन्हें करियर मार्गदर्शन भी देते हैं.

पर्यावरण और सामाजिक उत्तरदायित्वशिक्षा के साथ-साथ शैतान सिंह पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी बेहद गंभीर हैं. उन्होंने स्कूल और धार्मिक स्थलों पर हजारों पौधे लगाए हैं. वे रक्तदान और अन्य सामाजिक सेवाओं में भी सक्रिय रहते हैं. हर वर्ष 15 अगस्त के अवसर पर वे मेधावी छात्रों को सिल्वर मेडल देकर सम्मानित करते हैं, जिससे विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और प्रेरणा का संचार होता है. उनका यह निस्वार्थ सेवा भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल पेश कर रहा है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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