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Jaipal Poonia Case Verdict | जयपाल पूनिया मर्डर केस फैसला 9 को उम्रकैद

Last Updated:April 26, 2026, 05:15 IST

Jaipal Poonia Murder Case Verdict: डीडवाना-कुचामन जिले के नावा में हुए चर्चित जयपाल पूनिया हत्याकांड में कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुना दिया है. अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुंदरलाल ने 9 आरोपियों को धारा 302 और 120B के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. दोषियों में मुख्य रूप से मोती सिंह चौधरी सहित 9 लोग शामिल हैं. यह हत्याकांड साल 2022 में हुआ था, जब नमक कारोबारी जयपाल पूनिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में सबूतों के अभाव में दो लोगों को बरी किया गया है.

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Jaipal Poonia Murder Case: 9 दोषियों को आजीवन कारावास, 1-1 लाख का जुर्मानाZoomजयपाल पूनिया हत्याकांड में 9 को उम्रकैद

डीडवाना-कुचामन. राजस्थान के चर्चित जयपाल पूनिया मर्डर केस में शनिवार को अदालत ने अपना बड़ा फैसला सुनाते हुए न्याय की मिसाल पेश की है. अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुंदरलाल ने नावा के इस सनसनीखेज हत्याकांड में 9 मुख्य आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है. न्यायालय ने सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है. यह फैसला आने के बाद मृतक के परिजनों और नावा क्षेत्र के लोगों में न्याय की उम्मीद जगी है.

न्यायालय ने धारा 302 (हत्या) और 120B (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मोती सिंह चौधरी, रणजीत, फिरोज खान, संदीप, तेजपाल, राजेश, कृष्ण कुमार, हारून और राजेश को दोषी माना है. इन सभी 9 आरोपियों ने मिलकर इस पूरे हत्याकांड की साजिश रची और अंजाम दिया था. सजा सुनाते समय कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. हालांकि, इस मामले में सुनवाई के दौरान सबूतों के अभाव में दो अन्य आरोपियों को कोर्ट ने पहले ही बरी कर दिया था.

2022 में दिनदहाड़े हुई थी हत्यायह पूरा मामला वर्ष 2022 का है, जब नावा के प्रतिष्ठित नमक कारोबारी जयपाल पूनिया की दिनदहाड़े गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी. इस मर्डर ने पूरे राजस्थान के व्यापारिक जगत और कानून व्यवस्था को हिलाकर रख दिया था. जयपाल पूनिया पर उस समय हमला किया गया जब वे अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे. हत्या के बाद आरोपियों ने इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की जांच और अदालत में चली लंबी सुनवाई के बाद अंततः सच्चाई की जीत हुई.

परिजनों को मिला ढाई साल बाद न्यायअतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुंदरलाल ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने का निर्णय लिया. अभियोजन पक्ष ने मजबूती से दलीलें पेश कीं, जिससे यह साबित हुआ कि यह हत्या पूर्व नियोजित षड्यंत्र का हिस्सा थी. आजीवन कारावास की सजा और भारी जुर्माने के इस फैसले को नावा क्षेत्र में अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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Kuchaman City,Nagaur,Rajasthan

First Published :

April 26, 2026, 05:15 IST

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