फॉलोअर्स बढ़ाने के चक्कर में ड्रग माफिया बन गया जालोर का युवक, AI से बनाए वीडियो, पुलिस ने खोली फर्जी रईसी की पोल

Last Updated:May 11, 2026, 11:17 IST
Jalore News: जालौर के सांचौर में पुलिस ने घेवाराम विश्नोई नामक युवक को गिरफ्तार किया है, जो इंस्टाग्राम पर खुद को बड़ा ड्रग सप्लायर बताकर फर्जी रील्स बनाता था. आरोपी फोटो एडिटिंग और AI का इस्तेमाल कर दूसरों के वीडियो में अपना नंबर जोड़कर रईसी झाड़ता था. पुलिस की जांच में उसके पास कोई नशीला पदार्थ नहीं मिला, उसने केवल फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए यह स्वांग रचा था.
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आरोपी घेवाराम विश्नोई
Jalore: आजकल सोशल मीडिया पर व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाने की सनक युवाओं पर इस कदर हावी है कि वे कानून की परवाह किए बिना किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला जालौर के सांचौर से सामने आया है. यहाँ एक युवक ने अपनी रील्स को वायरल करने के लिए खुद को एक बड़ा ड्रग सप्लायर घोषित कर दिया. वह इंटरनेट पर हथियार और ड्रग्स के साथ वीडियो डालकर पूरे भारत में एमडी (MD) सप्लाई करने का दावा करता था.
सांचौर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी घेवाराम विश्नोई, निवासी करवाड़ा को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी इंस्टाग्राम पर ‘MD ड्रग्स सप्लायर’ के नाम से प्रोफाइल बनाकर वीडियो अपलोड करता था. इन वीडियो में वह न केवल ड्रग्स सप्लाई की बात करता था, बल्कि बंदूकों, महंगी शराब और भारी मात्रा में नकदी दिखाकर अपनी फर्जी रईसी का प्रदर्शन भी करता था. पुलिस ने जब घेवाराम को दबोचा और सघन जांच की, तो एक बड़ा खुलासा हुआ.
AI और एडिटिंग सॉफ्टवेयर का खेलपुलिस पूछताछ में पता चला कि घेवाराम के पास से कोई असल ड्रग्स या हथियार बरामद नहीं हुए. दरअसल, वह पहले एक फोटो स्टूडियो में काम करता था, जहाँ उसने वीडियो एडिटिंग की बारीकियां सीखी थीं. आरोपी ने यूट्यूब से ड्रग्स की पुरानी फैक्ट्रियों और वीडियो को डाउनलोड किया. इसके बाद AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से उन वीडियो पर अपना मोबाइल नंबर चिपका दिया. वह इन वीडियो को इस तरह एडिट करता था कि देखने वाले को लगे कि यह उसकी अपनी ड्रग फैक्ट्री और सप्लाई नेटवर्क है.
साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाईसांचौर थानाधिकारी नेमाराम के नेतृत्व में साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और कुछ ही घंटों में उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब मेटा (Meta) कंपनी से संपर्क कर रही है ताकि आरोपी की इंस्टाग्राम आईडी को हमेशा के लिए बंद करवाया जा सके. पुलिस ने युवाओं को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की गैर-कानूनी गतिविधियों का प्रदर्शन करना भारी पड़ सकता है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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