Rajasthan
जालौर का अमर प्रेम, वीरमदेव और फिरोजा की कहानी, जहां एक ‘ना’ ने इतिहास को बदल दिया – हिंदी

जालौर की मिट्टी का अमर प्रेम, जानें वीरमदेव और फिरोजा के बलिदान की करुण गाथा
Love Story: मारवाड़ की जालौर धरती ने वीरता और प्रेम दोनों का साक्षी देखा है. राजकुमार वीरमदेव और दिल्ली की सुल्तान की पुत्री फिरोजा की कहानी उस प्रेम की अमर गाथा है, जिसने ‘ना’ कहने के साहस से इतिहास बदल दिया. वीरमदेव ने राजपूत गौरव और कुल-मर्यादा के लिए विवाह प्रस्ताव ठुकराया, जबकि फिरोजा ने अपने प्रेम और आत्मसम्मान की प्रतीक बनकर जीवन भर अविवाहित रहने की ठानी. उनका यह बलिदान और अटूट प्रेम लोककथाओं में आज भी जीवित है, जो प्रेम, सम्मान और वीरता का अनमोल संदेश देता है.
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जालौर की मिट्टी का अमर प्रेम, जानें वीरमदेव और फिरोजा के बलिदान की करुण गाथा




