Rajasthan

Kachri Achar Recipe: कम मेहनत में तैयार होता है यह चटपटा ‘काचरी का अचार’, खाने की थाली में लगा देगा चार चांद!

Last Updated:May 13, 2026, 06:00 IST

Rajasthani Kachri Pickle: राजस्थान के भीलवाड़ा में काचरी का अचार अपने अनूठे स्वाद और आसान रेसिपी के लिए चर्चा में है. फूड एक्सपर्ट कीर्ति कृष्णा कुमारी ने बताया कि कम मेहनत में तैयार होने वाला यह अचार लंबे समय तक खराब नहीं होता. काचरी को काटकर नमक, हल्दी, मिर्च, सौंफ और सरसों तेल के साथ मिलाकर इसे तैयार किया जाता है. यह न केवल थाली का जायका बढ़ाता है बल्कि पाचन के लिए भी फायदेमंद है.

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Kachri Pickle Recipe: राजस्थान अपनी समृद्ध संस्कृति के साथ-साथ अपने अनूठे खानपान के लिए दुनिया भर में मशहूर है. यहाँ के देसी अचारों का अपना एक अलग ही महत्व और स्वाद है. इन्हीं में से एक खास नाम है ‘काचरी का अचार’, जिसे स्वाद और सेहत दोनों के लिए बेहतरीन माना जाता है. कम मेहनत और बेहद आसान तरीके से तैयार होने वाला यह अचार ग्रामीण इलाकों से लेकर अब शहरों की आधुनिक रसोइयों तक अपनी जगह बना चुका है. काचरी का खट्टा-तीखा स्वाद न केवल खाने का जायका बढ़ाता है, बल्कि इसे लंबे समय तक सुरक्षित भी रखा जा सकता है.

भीलवाड़ा की गृहिणी और फूड एक्सपर्ट कीर्ति कृष्णा कुमारी के अनुसार, काचरी एक तरह का देसी फल होता है जो मुख्य रूप से राजस्थान के खेतों में प्राकृतिक रूप से उगता है. दिखने में यह छोटा और गोल होता है, लेकिन इसकी प्राकृतिक खटास इसे अचार के लिए सबसे उपयुक्त बनाती है. कीर्ति बताती हैं कि काचरी का अचार बनाने के लिए किसी महंगे सामान की आवश्यकता नहीं होती; इसे रसोई में मौजूद सामान्य मसालों से ही तैयार किया जा सकता है.

बेहद सरल है बनाने की विधिफूड एक्सपर्ट ने अचार बनाने की विधि को बहुत आसान बताया है. सबसे पहले ताजी काचरी को अच्छी तरह धोकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लिया जाता है. इसके बाद कटे हुए टुकड़ों में नमक मिलाकर कुछ समय के लिए छोड़ दिया जाता है, ताकि काचरी का अतिरिक्त पानी निकल जाए. इसके बाद इसमें हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, सौंफ और शुद्ध सरसों का तेल मिलाया जाता है. सभी मसालों के साथ अच्छी तरह मिक्स करने के बाद इसे कुछ दिनों तक धूप में रखा जाता है, जिससे मसालों का स्वाद काचरी के भीतर तक समा जाता है और अचार का असली निखार सामने आता है.

सेहत और स्वाद का बेहतरीन संगमकीर्ति कृष्णा कुमारी के अनुसार, इस अचार की सबसे बड़ी खासियत इसका लंबे समय तक खराब न होना है. यदि इसे सही तरीके से बनाया और रखा जाए, तो यह कई महीनों तक ताजा रहता है. स्वाद के अलावा काचरी स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी मानी जाती है; यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में सहायक होती है. यही वजह है कि अब शहरों में भी लोग पारंपरिक स्वाद की ओर लौट रहे हैं और खासकर गर्मियों के मौसम में इस अचार को बनाने का चलन काफी बढ़ गया है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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