चिरवा टनल के पास अचानक आया लेपर्ड, उड़ गए वाहन चालकों के होश, टक्कर के बाद घायल होकर फिर जो किया… देखें वीडियो

Last Updated:April 27, 2026, 10:25 IST
Chirwa Tunnel Leopard Accident: उदयपुर-नाथद्वारा मार्ग पर स्थित चिरवा टनल के पास एक तेज रफ्तार वाहन ने सड़क पार कर रहे एक लेपर्ड (तेंदुए) को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि लेपर्ड काफी देर तक सड़क पर ही अचेत अवस्था में पड़ा रहा, जिससे वहां से गुजरने वाले राहगीरों में दहशत फैल गई और यातायात बाधित हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ समय बाद घायल लेपर्ड होश में आया और धीरे-धीरे लंगड़ाते हुए वापस जंगल की ओर चला गया. घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल वन्यजीव की तलाश व जांच शुरू की.
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हाईवे पर आया लेपर्ड और हुआ हादसा! घायल हालत में सड़क पर पड़ा रहा, ट्रैफिक थमा
उदयपुर: उदयपुर के प्रसिद्ध पर्यटन मार्ग और जैव विविधता के केंद्र चिरवा टनल के पास एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. रविवार को उदयपुर-नाथद्वारा राजमार्ग पर एक भीषण हादसा तब टला, जब एक लेपर्ड तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गया. इस घटना ने राहगीरों को हैरान कर दिया.
उदयपुर-नाथद्वारा मार्ग पर स्थित चिरवा टनल (चिरवा की घाटी) वन्यजीवों का प्राकृतिक गलियारा माना जाता है. यहां शाम के समय अक्सर वन्यजीव जंगल से निकलकर पानी या शिकार की तलाश में सड़क की ओर आ जाते हैं. पर्यटकों के अनुसार, एक लेपर्ड अचानक पहाड़ियों की ओर से नीचे उतरा और हाईवे पार करने की कोशिश करने लगा. तभी उदयपुर की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि लेपर्ड उछलकर सड़क के बीचों-बीच जा गिरा.
अचेत पड़ा रहा लेपर्ड, राहगीरों की थमी सांसेंहादसे के तुरंत बाद लेपर्ड सड़क पर अचेत होकर गिर पड़ा. करीब कुछ मिनटों तक वह हिल-डुल भी नहीं सका. सड़क के बीचों-बीच लेपर्ड को इस अवस्था में देख वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई. लोग अपने वाहनों को रोककर दूर से ही नजारा देखने लगे. कई लोगों ने इस दुर्लभ और डरावने मंजर को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने की कोशिश की. कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात ठहर गया, क्योंकि अचेत पड़े लेपर्ड के अचानक हमला करने या उठने का डर सभी के मन में था.
घायल अवस्था में जंगल की ओर लौटा वन्यजीवमौत को करीब से मात देकर लेपर्ड ने कुछ देर बाद अपनी सुध-बुध संभाली. वह धीरे-धीरे उठने लगा, हालांकि वह पूरी तरह से सामान्य नहीं दिख रहा था. उसके चलने के तरीके से साफ जाहिर हो रहा था कि वह घायल है और उसे अंदरूनी चोटें आई हैं. धीरे-धीरे कदम बढ़ाते हुए लेपर्ड वापस जंगल की झाड़ियों की ओर ओझल हो गया. लेपर्ड के जंगल में जाने के बाद ही यात्रियों ने राहत की सांस ली और यातायात सुचारू हो सका.
वन विभाग को सूचना और सुरक्षा के सवालसड़क पर लेपर्ड के घायल होने की सूचना तुरंत स्थानीय लोगों और राहगीरों ने वन विभाग को दी. सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके के लिए रवाना हुई ताकि घायल लेपर्ड की लोकेशन का पता लगाकर उसका उपचार किया जा सके.
इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर बढ़ती वाहनों की रफ्तार और वन्यजीवों की असुरक्षा के मुद्दे को गर्मा दिया है. चिरवा की घाटी क्षेत्र में ‘इको-सेंसिटिव जोन’ होने के बावजूद वाहनों की गति पर नियंत्रण न होना ऐसे हादसों को दावत दे रहा है.
वन विभाग की अपील: रफ्तार पर रखें नियंत्रणवन अधिकारियों ने क्षेत्र से गुजरने वाले वाहन चालकों से अपील की है कि वे टनल और घाटी के आसपास के क्षेत्रों में वाहनों की गति धीमी रखें. खासकर शाम और रात के समय वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ जाती है. विभाग की टीम अब लेपर्ड की तलाश में सर्च अभियान चला रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह खतरे से बाहर है. यदि लेपर्ड अधिक घायल हुआ तो उसे ट्रेंकुलाइज कर इलाज के लिए बायोलॉजिकल पार्क लाया जा सकता है.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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Location :
Udaipur,Rajasthan
First Published :
April 27, 2026, 10:25 IST



