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लो बजट, हाई सस्पेंस, 2026 में आई ढाई घंटे वाली मिस्ट्री थ्रिलर, सोच से परे है क्लाइमैक्स

Last Updated:August 06, 2026, 14:15 IST

Mystery Thriller of 2026: अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं, जिनमें हर 15-20 मिनट बाद कहानी नई दिशा पकड़ ले और आखिर तक असली सच का अंदाजा न लगे, तो एक नई मलयालम फिल्म इन दिनों दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है. शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई देता है, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, परत-दर-परत ऐसे रहस्य सामने आते हैं जो हर किरदार पर शक पैदा कर देते हैं. यही वजह है कि फिल्म रिलीज के बाद से लगातार चर्चा में है और ओटीटी पर आते के साथ ये नंबर वन पर ट्रेड होने लगी है.

नई दिल्ली. हर फिल्म प्यार, बदले या एक्शन की कहानी नहीं होती. कुछ फिल्में ऐसी भी होती हैं, जो दर्शकों को असहज कर देती हैं और उनके सामने ऐसे सवाल छोड़ जाती हैं, जिनका जवाब आसान नहीं होता. बॉलीवुड में ऐसी कई फिल्में हैं, जिसकी कहानी लोगों पर गहरा असर छोड़ जाती हैं. लेकिन इसी साल यानी साल 2026 में रिलीज हुई उस फिल्म के बारे में आप जानते हैं, जिसने रिलीज के समय अपनी कहानी की वजह से खूब सुर्खियां बटोरी थीं. अगर आपको साइकोलॉजिकल ड्रामा और रिश्तों की उलझी हुई कहानियां पसंद हैं तो ये फिल्म आखिरी तक आप देखा बिना कुर्सी छोड़ नहीं पाएंगे.

मलयालम सिनेमा की बहुचर्चित सस्पेंस थ्रिलर ‘उयिर’ (Uyir) 4 अगस्त से ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही है. सिनेमाघरों में सराहना बटोरने के बाद अब यह फिल्म हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम जैसी 5 भाषाओं में डिजिटल दर्शकों के लिए उपलब्ध है. जिसको लोग काफी पसंद भी कर रहे हैं.

एम. पद्मकुमार के निर्देशन में बनी यह मलयालम क्राइम थ्रिलर एक प्रोबेशनरी सब-इंस्पेक्टर अजीब रहमान (रोशन मैथ्यू) की कहानी है, जो कन्नूर के धर्मदम पुलिस स्टेशन में तैनात है. फिल्म की शुरुआत एक फ्लैशबैक से होती है. महाराष्ट्र की ट्रेन में सफर के दौरान एक छोटे लड़के की छोटी बहन अचानक गायब हो जाती है और कभी नहीं मिलतीय यह घटना उस लड़के (अजीब रहमान) के मन पर गहरा जख्म छोड़ जाती है.

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सालों बाद जब अजीब पुलिस अधिकारी बनता है. तो अजीब को अपने करियर की शुरुआत में ही एक ऐसा मामला सौंपा जाता है, जिसमें उसको कुएं में मिली एक अनजान प्रवासी महिला (शोभा) की संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझानी होती है. पहली नजर में यह आत्महत्या का मामला लगता है, लेकिन जांच आगे बढ़ाने पर अजीब को पता चलता है कि इसके पीछे एक बड़ी साजिश है. पीड़िता की पहचान शोभा (श्रुति मेनन) नाम की एक मजदूर महिला के रूप में होती है.

शुरुआत में साधारण दिखने वाला यह केस धीरे-धीरे एक बड़े आपराधिक नेटवर्क और ह्यूमन ट्रैफिकिंग की तरफ इशारा करने लगता है. लेकिन कहानी में असली मोड़ तब आता है जब इस केस की परतें उधड़ते-उधड़ते अजीब का अपना अतीत सामने आ जाता है.

बचपन में अपनी बहन को खोने का पछतावा अजीब को इस कदर परेशान करता है कि यह केस सिर्फ कानूनी ड्यूटी न रहकर उसकी अपनी आत्मा की शांति और इंसाफ की जंग बन जाता है.

फिल्म का हाई-फाई नहीं था. लो बजट में तैयार हुई इस फिल्म को मेकर्स ने सिर्फ 3 से 7 करोड़ के बजट में तैयार किया था. फिल्म की कहानी जबर रही, लेकिन फिल्म दर्शकों को अपनी ओर खींचने में कामयाब नहीं रही. फिल्म दुनियाभर में 3 करोड़ से कम कलेक्शन कर पाई. फिल्म की आईएमबीडी रेटिंग 8.2 है.

‘उयिर’ की कास्टिंग की बात करें तो फिल्म में रोशन मैथ्यू लीड रोल में हैं. उनके साथ फिल्म में बैजू संतोष, शाजू श्रीधर, अतुल्या चंद्रा, दिव्या एम. नायर, सैयामी खेर, श्रुति मेनन, विनीत थट्टिल, विनोद सागर और अन्य कलाकार हैं.

फिल्म की कहानी को शाजी मारद और निखिल के. मेनन ने लिखी है. इसे संतोष त्रिविक्रमण ने प्रोड्यूस किया है और संगीत चार्ल्स नाजरेथ और मणिकंदन अयप्पा ने दिया है.

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August 06, 2026, 14:15 IST

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