‘ममता को मुस्लिमों ने हरा दिया’, 5 लाख वाला गेम क्या है, जो ओवैसी बता रहे

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‘ममता को मुस्लिमों ने हरा दिया’, 5 लाख वाला गेम क्या है, जो ओवैसी बता रहे
Last Updated:June 17, 2026, 01:27 IST
तृणमूल कांग्रेस की हार पर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ा दावा किया है. ओवैसी के मुताबिक, ममता बनर्जी की हार की मुख्य वजह मुस्लिम समुदाय का गुस्सा है, जिन्हें टीएमसी ने सिर्फ वोट बैंक समझा. ओवैसी ने कोलकाता हाईकोर्ट द्वारा 5 लाख ओबीसी सर्टिफिकेट रद्द किए जाने के मामले को उठाते हुए ममता सरकार को घेरा और कहा कि इसमें से 3 लाख मुस्लिम प्रभावित हुए, लेकिन सरकार ने उनके हक के लिए कोई कानून नहीं बनाया.असदुद्दीन ओवैसी.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद से हंगामा मचा है. इस हार पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है. एएनआई को दिए इंटरव्यू में ओवैसी ने दावा किया कि बंगाल में टीएमसी की करारी शिकस्त के पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि जनता और खासकर मुस्लिम समुदाय का बड़ा आक्रोश है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने राज्य के मुसलमानों को सिर्फ एक वोट बैंक समझा, लेकिन संकट के समय उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया, जिसके कारण नाराज होकर मुस्लिमों ने ममता का साथ छोड़ दिया.
ओवैसी ने टीएमसी की हार के मुख्य रूप से चार बड़े कारण गिनाए हैं. उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि ममता सरकार के दौरान फैला भारी भ्रष्टाचार, खराब कानून व्यवस्था यानी कुशासन, राज्य के वोटर लिस्ट से जुड़ा एसआईआर का मुद्दा और सबसे बढ़कर मुस्लिम समुदाय के साथ किया गया विश्वासघात इस चुनावी नतीजे की बड़ी वजह बने. एआईएमआईएम प्रमुख का आरोप है कि ममता बनर्जी सत्ता के अहंकार में पूरी तरह से आम जनता से कट चुकी थीं. उन्हें जमीनी हकीकत का कोई अंदाजा नहीं था और इसी वजह से जनता ने बदलाव का मन बना लिया.
‘5 लाख वाले गेम’ क्या है
इस पूरे विवाद में ओवैसी ने ‘5 लाख वाले गेम’ का जिक्र कर ममता बनर्जी की घेराबंदी की है. दरअसल, यह पूरा मामला ओबीसी (OBC) जाति प्रमाण पत्र से जुड़ा हुआ है. ओवैसी ने याद दिलाया कि करीब डेढ़ से दो साल पहले कोलकाता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में करीब 5 लाख ओबीसी सर्टिफिकेट रद्द कर दिए थे. बड़ी बात यह है कि रद्द किए गए इन 5 लाख प्रमाण पत्रों में से लगभग 3 लाख सर्टिफिकेट अकेले मुस्लिम समुदाय के लोगों के थे. ओवैसी का कहना है कि जब ममता बनर्जी के पास सत्ता थी, तब वह चाहतीं तो विधानसभा में कानून पास करके इन लोगों के हक की रक्षा कर सकती थीं, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया.
राजनीतिक दलों को नसीहत
आखिर में ओवैसी ने ममता बनर्जी सहित अन्य राजनीतिक दलों को नसीहत देते हुए कहा कि अब वह समय आ गया है जब मुसलमानों के साथ भेदभाव बंद होना चाहिए. उन्होंने दोटूक लहजे में कहा कि राजनीतिक दल मुसलमानों को केवल चुनाव जीतने का जरिया या वोट बैंक समझना बंद करें, बल्कि उन्हें देश का बराबर और सम्मानजनक नागरिक समझें. ओवैसी के मुताबिक, मुसलमानों ने इस बार बंगाल चुनाव में अपना गुस्सा दिखाकर यह साफ कर दिया है कि वे हक और हिस्सेदारी की लड़ाई में अब चुप बैठने वाले नहीं हैं.
About the AuthorGyanendra Mishra
Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi..com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें
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