कम उम्र में 4 बहनों का कमाल! किसान पिता से सीखी वीणा गायकी, अब हर तरफ गूंज रही आवाज

Last Updated:May 03, 2026, 11:13 IST
Barmer Hindi News: चार बहनों की यह प्रेरणादायक कहानी आज हर किसी का ध्यान आकर्षित कर रही है, जिन्होंने कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा से पहचान बना ली है. इन बहनों ने अपने किसान पिता से वीणा गायकी सीखी और उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए संगीत की दुनिया में कदम रखा. सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें खास बना दिया है. उनकी मधुर आवाज और पारंपरिक गायकी शैली लोगों को बेहद पसंद आ रही है, जिसके चलते वे तेजी से सुर्खियां बटोर रही हैं. गांव के साधारण माहौल से निकलकर ये बहनें अब मंचों पर अपनी प्रस्तुति दे रही हैं और सोशल मीडिया पर भी लोकप्रिय हो रही हैं.
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बाड़मेर. रेगिस्तान की शांत फिजाओं में इन दिनों चार नन्हीं बहनों की मधुर आवाज गूंज रही है. जैसलमेर जिले के मंडाई गांव की रहने वाली हेतु, चंचल, सुमन और गायत्री अपनी अनोखी वीणा गायकी से हर किसी का दिल जीत रही हैं. कम उम्र में ही इन बहनों ने जिस तरह से सुर और ताल पर पकड़ बनाई है वह लोगों को हैरान कर रही है.
मंडाई गांव की चार बहनें अपनी अनोखी वीणा गायकी से न सिर्फ लोगों का दिल जीत रही हैं बल्कि यह साबित कर रही हैं कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती है. इन बहनों की खास बात यह है कि इन्होंने कोई औपचारिक संगीत शिक्षा नहीं ली है. इन्होंने अपने किसान पिता से ही वीणा गायकी की बारीकियां सीखी हैं और आज प्रदेशभर के मंचो पर इनकी आवाज गूंजती है.
किसान पिता बने पहले गुरु, रेगिस्तान की मिट्टी से जुड़ी है गायकीइनकी गायकी में स्थानीय लोकसंस्कृति की झलक साफ दिखाई देती है. राजस्थानी लोकगीतों को वीणा शैली में गाने का इनका अंदाज बेहद अलग और मनमोहक है. खेतों में काम के साथ-साथ जब पिता लोकधुनें गुनगुनाते तो बेटियां भी उनके साथ सुर मिलाने लगतीं. धीरे-धीरे यही शौक अब हुनर में बदल गया है. चारों बहने कबीर, मीरा ,रैदास,गणेश जी की वाणियां गायन करती है.
कम उम्र, बड़ा हुनर, पकड़ ऐसी कि हर कोई हो जाता है मंत्रमुग्धहेतु, चंचल, सुमन और गायत्री की उम्र भले ही कम है लेकिन सुरों पर उनकी पकड़ किसी प्रशिक्षित कलाकार से कम नहीं है..बिना किसी आधुनिक उपकरण के केवल अपनी आवाज के दम पर ये बहनें श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देती हैं. हेतु और गायत्री ग्यारवी में पढ़ रही है जबकि चंचल और सुमन बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है. इतना ही चारों बहने जब भी मंच पर चढ़ती है तब एक जैसी ड्रेस देखकर हर कोई हैरत में पड़ जाता है.
बाड़मेर में आज भी जिंदा है वीणा गायकीहेतु लोकल18 से बातचीत करते हुए बताती है कि पिताजी से सीखे हर सुर हमारे लिए अनमोल हैं,बहम बस दिल से गाते हैं और लोगों का प्यार ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है वही चंचल बताती है कि हमने कभी सोचा नहीं था कि हमारी आवाज इतनी दूर तक पहुंचेगी. अब सपना है कि हमारी वीणा गायकी हर घर तक पहुंचे.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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Barmer,Rajasthan



