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Neet leak news| Neet leak 2026 news| NEET Paper Leak Case:150 पन्नों का पीडीएफ,120 सवाल, WhatsApp, टेलीग्राम पर कैसे वायरल हो गया गेस पेपर?

Last Updated:May 12, 2026, 11:12 IST

Neet leak news, Neet leak 2026 news:देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है. परीक्षा से पहले कथित तौर पर 150 पन्नों का एक गेस पेपर व्हाट्सएप के जरिए वायरल होने और उसमें से करीब 120 सवालों के असली पेपर से मिलते-जुलते होने के दावे ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है. यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले NEET 2024 में पेपर लीक का बड़ा खुलासा हुआ था, जो सुप्रीम कोर्ट और CBI जांच तक पहुंचा था.

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Neet leak news, Neet leak 2026 news: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों के घेरे में है. इस बार मामला एक कथित गेस पेपर का है, जो परीक्षा से पहले WhatsApp और कोचिंग नेटवर्क्स के जरिए छात्रों तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है. जांच एजेंसियों का कहना है कि इस 150 पन्नों के दस्तावेज में मौजूद करीब 120 सवाल असली परीक्षा से मिलते-जुलते पाए गए हैं. राजस्थान पुलिस की SOG जांच में जुटी है.कई संदिग्ध हिरासत में लिए जा चुके हैं और विपक्ष ने केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया है हालांकि NTA और पुलिस अब तक इसे आधिकारिक तौर पर पेपर लीक नहीं मान रहे हैं, लेकिन पूरे मामले ने एक बार फिर देश की परीक्षा प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा फिर विवादों में

NEET UG यानी National Eligibility-cum-Entrance Test भारत में मेडिकल शिक्षा का सबसे बड़ा प्रवेश द्वार माना जाता है. MBBS, BDS, BAMS, BHMS और दूसरे मेडिकल कोर्सों में एडमिशन के लिए यही एकमात्र राष्ट्रीय परीक्षा है. AIIMS से लेकर सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों तक, हर छात्र को डॉक्टर बनने के लिए इसी परीक्षा से गुजरना पड़ता है.इस साल NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी. देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में बनाए गए 5400 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर करीब 22.79 लाख छात्रों ने परीक्षा दी. इतनी बड़ी परीक्षा में कुछ नंबरों का फर्क भी किसी छात्र का भविष्य तय कर देता है, क्योंकि देशभर में MBBS की सीटें सिर्फ करीब 1 लाख हैं. ऐसे में अगर किसी भी तरह की गड़बड़ी होती है तो उसका असर सीधे लाखों छात्रों के भविष्य पर पड़ता है.

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG को जानकारी मिली कि परीक्षा से पहले एक गेस पेपर छात्रों के बीच वायरल हुआ था. यह कोई छोटा नोट्स या सामान्य टेस्ट सीरीज नहीं थी बल्कि करीब 150 पन्नों का विस्तृत दस्तावेज था जिसमें लगभग 410 सवाल शामिल बताए गए.जांच में सामने आया कि बायोलॉजी और केमेस्‍ट्री सेक्शन के 100 से ज्यादा सवाल असली NEET पेपर से काफी मिलते-जुलते थे. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह संख्या 120 तक बताई गई है. अगर यह दावा पूरी तरह सही साबित होता है तो इसका मतलब यह हो सकता है कि कुछ छात्रों को परीक्षा से पहले ही पेपर जैसी सामग्री मिल चुकी थी.जांच एजेंसियों के मुताबिक इन सवालों से करीब 600 अंक तक का फायदा मिल सकता था. NEET जैसी परीक्षा में इतना बड़ा स्कोर सीधे सरकारी मेडिकल कॉलेज की सीट दिला सकता है.

छात्रों तक कैसे पहुंचा गेस पेपर?

राजस्थान पुलिस की शुरुआती जांच में जो जानकारी सामने आई है.उसके मुताबिक यह कथित गेस पेपर राजस्थान के चूरू जिले के एक MBBS छात्र से जुड़ा बताया जा रहा है जो फिलहाल केरल के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है.बताया जा रहा है कि उसने यह सामग्री 1 मई को राजस्थान के सीकर में अपने एक परिचित को भेजी. सीकर को देश के सबसे बड़े NEET और IIT कोचिंग हब्स में गिना जाता है. वहां से यह दस्तावेज तेजी से कई छात्रों तक पहुंचा.जांच एजेंसियों का दावा है कि एक PG संचालक ने इसे छात्रों के बीच बांटा और उसके बाद यह सामग्री कोचिंग नेटवर्क्स, टेलीग्राम चैनलों और WhatsApp ग्रुप्स के जरिए फैलती चली गई.सबसे बड़ी बात यह है कि कुछ चैट रिकॉर्ड्स में forwarded many times का टैग मिला है. इससे जांच एजेंसियों को शक है कि यह सामग्री काफी बड़े स्तर पर शेयर की गई थी.

लाखों रुपये में बिकने के आरोप

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला दावा पैसों के लेन-देन को लेकर सामने आया है. जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक परीक्षा से दो दिन पहले तक इस कथित गेस पेपर को 5 लाख रुपये तक में बेचा जा रहा था.बताया जा रहा है कि जैसे-जैसे परीक्षा का समय नजदीक आया, इसकी कीमत घटती चली गई और परीक्षा से ठीक पहले कुछ जगहों पर इसे 30 हजार रुपये तक में उपलब्ध कराया गया हालांकि पुलिस अभी इस बात की जांच कर रही है कि वास्तव में किसी ने पैसे लेकर यह सामग्री बेची थी या नहीं, लेकिन अगर यह आरोप सही साबित होते हैं तो यह एक बड़े संगठित नेटवर्क की ओर इशारा कर सकता है.

कितने लोग जांच के दायरे में आए?

अब तक राजस्थान और उत्तराखंड से 13 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है.इनमें कुछ लोग देहरादून, सीकर और झुंझुनूं से पकड़े गए हैं. पुलिस मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड्स, बैंक ट्रांजैक्शन और कोचिंग संस्थानों से जुड़े लिंक की जांच कर रही है.SOG यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह सिर्फ एक गेस पेपर था या फिर वास्तव में किसी संगठित तरीके से परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र जैसी सामग्री छात्रों तक पहुंचाई गई.

About the AuthorDhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर

न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. न्‍यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्‍सेस स्‍टोरी की खबरों पर. करीब 15 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व …और पढ़ें

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