OBMS देश का पहला मल्टी-साइट ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म, एक क्लिक से लें राजस्थान टूरिज्म की पूरी जानकारी और टिकट

Last Updated:May 05, 2026, 12:10 IST
Rajasthan Tourism : राजा रजवाड़ों की धरा रही राजस्थान देश का बेहतरीन टूरिस्ट हब है. देश दुनिया के टूरिज्म मैप पर राजस्थान की अपनी एक विशिष्ट पहचान है. यहां जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर समेत दर्जनों ऐतिहासिक शहर हैं जो यहां के टूरिज्म की पहचान है. यहां के ऐतिहासिक महल, किले, हवेलियां, बावड़ियां और वन्यजीव अभ्यारण्य समेत बहुत से स्पॉट हैं जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. राजस्थान के इस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान सरकार ने ऑनलाइन बुकिंग मैनेजमेंट सिस्टम (ओ.बी.एम.एस.) डवलप किया है. यहां एक क्लिक पर आपके लिए राजस्थान के टूरिज्म से जुड़ी तमाम जानकारियां उपलब्ध है. यह प्लेटफार्म टूरिस्टों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है.
जयपुर. राजस्थान टूरिज्म का हब है. भारत घूमने आना वाला हर तीसरा विदेशी टूरिस्ट राजस्थान जरुर आता है. राजस्थान अपनी ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक वैभव और भौगोलिक विविधता के लिए दुनियाभर में मशहूर है. राजस्थान के टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान की भजनलाल सरकार लगातार प्रयास कर रही है. राजस्थान अब डिजिटल प्रगति में भी मॉडल प्रदेश बनकर उभर रहा है. राजस्थान सरकार ई-गवर्नेंस के साथ डिजिटल नवाचारों को भी बढ़ावा दे रही है. सूबे के टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग की ओर से ऑनलाइन बुकिंग मैनेजमेंट सिस्टम (ओ.बी.एम.एस.) विकसित किया गया है. यह देश का पहला और एकमात्र सरकारी मल्टी-साइट ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है.
राजस्थान का टूरिज्म इतना समृद्ध है कि भारत आने वाले विदेशी पर्यटक और देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले लोग अपनी छुट्टियां राजस्थान में बिताने को प्राथमिकता देते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार की ओर से एकीकृत डिजिटल पोर्टल obms-tourist.rajasthan.gov.in तथा ओ.बी.एम.एस मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किए गए हैं. इनके जरिये मरूधरा के पर्यटन एवं सांस्कृतिक स्थलों, स्मारकों, संग्रहालयों, वन्यजीव अभयारण्यों, बायोलॉजिकल पार्कों, उद्यानों, सफारी, बोटिंग, कैफेटेरिया, होटल्स आदि की ऑनलाइन टिकट बुकिंग की जा रही है.
इस नए सरकारी सिस्टम ओ.बी.एम.एस. को देशी-विदेशी पर्यटकों का भी भरपूर रेस्पॉन्स मिल रहा है. यही वजह है कि 28 दिसंबर 2025 को इसने एक अनोखा रिकॉर्ड तक कायम कर दिया. बीते साल 28 दिसंबर को इस पर एक दिन में सर्वाधिक लगभग 1 लाख पर्यटकों की टिकट बुकिंग का रिकॉर्ड बना. अगर हम अब तक के आंकड़ों की बात करें तो इसके माध्यम से लगभग 90 लाख बुकिंग्स हो चुकी है. इससे 3 करोड़ से अधिक पर्यटकों को सेवा प्रदान की जा चुकी है. खास बात यह है कि इनमें 70 से अधिक देशों के विदेशी पर्यटक शामिल हैं. इस पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों को 30 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त रेवन्यु मिल चुका है. ओ.बी.एम.एस प्लेटफार्म की सफलता को देखते हुए इसे साल 2025 में स्कॉच अवॉर्ड में सिल्वर पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
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इस प्लेटफार्म पर एक क्लिक से पूरे राजस्थान के फेमस टूरिस्ट स्पॉट के साथ ही उनकी टिकट भी मिल जाती है. इन स्पॉट की एक ही जगह टिकटिंग उपलब्ध करवाने के लिए इससे अब तक 100 से अधिक पर्यटन स्थलों को जोड़ा जा चुका है. इनमें पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के आमेर किला, जंतर-मंतर, हवा महल, राजकीय संग्रहालय अल्बर्ट हॉल इत्यादि के 47 स्पॉट शामिल है. इनके अलावा वन विभाग के सरिस्का टाइगर सफारी, झालाना लेपर्ड सफारी, नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क समेत 21 स्पॉट इसमें शुमार है.
राजस्थान पर्यटन विकास निगम के चित्तौड़गढ़ एवं कुम्भलगढ़ किला लाइट एंड साउंड शो, दुर्ग कैफेटेरिया पड़ाव नाहरगढ़, होटल लेक पैलेस सिलीसेढ़ (4 स्पॉट), जयपुर विकास प्राधिकरण के किशन बाग, मसाला चौक, सावन भादो बाग (3 स्पॉट), भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के चित्तौड़गढ़ किला, कुम्भलगढ़ किला, भानगढ़ किला, डीग भवन इत्यादि (7 स्पॉट), जवाहर कला केन्द्र (15 स्पॉट) और जयपुर मेट्रो आर्ट गैलरी भी शामिल है.
राजस्थान सरकार की इस पहल से टूरिज्म सर्विस में पारदर्शिता आने के साथ ही मैनुअल कार्यों में भारी कमी दर्ज की गई. इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सका है. अब राजस्थान सरकार ओ.बी.एम.एस. को और ज्यादा विस्तार देने जा रही है. इसके तहत अब जल्द ही आरटीडीसी के होटलों की ऑनलाइन बुकिंग और जवाहर कला केन्द्र के कार्यक्रमों की टिकट बुकिंग भी इस प्लेटफॉर्म पर शुरू किया जाना प्रस्तावित है. इसके साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लगभग 150 से अधिक राजस्थान से बाहर के पर्यटन स्थलों को भी ओ.बी.एम.एस. पर ऑनबोर्ड किया जा चुका है और उनकी बुकिंग करने की सुविधा प्रक्रियाधीन है.
प्लेटफार्म की क्यूआर-आधारित यह ई-टिकट बुकिंग एवं वैलिडेशन प्रणाली पूरी तरह कैशलेस एवं पेपरलेस टिकटिंग की सुविधा देती है. इस पर टूरिस्ट के लिए ‘राजस्थान पैकेज’ एवं ‘जयपुर पैकेज’ सहित कम्पोजिट और सिटी-आधारित पैकेज भी उपलब्ध है. इसके अलावा पर्यटन स्थलों पर क्यूआर-आधारित ऑडियो गाइड, डिजिटल बोर्डिंग पास, एडवांस चेक-इन, ऑनलाइन फंड ट्रांसफर के साथ ही कैंसलेशन एवं आसान रिफंड जैसे फीचर पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करते हैं.
यहां आपको स्मार्ट सर्च, इंटरएक्टिव मैप, एनालिटिक्स एवं रियल-टाइम डैशबोर्ड जैसे फीचर्स से एक क्लिक पर मिल जाते हैं. प्लेटफार्म के फीडबैक सिस्टम का भी ध्यान रखते हुए ऑनलाइन शिकायत एवं निवारण और आपातकालीन सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है. कुल मिलाकर OBMS APP एवं पोर्टल राजस्थान सरकार की एक परिवर्तनकारी डिजिटल पहल साबित हो रहा है. इससे पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं तो मिल ही रही हैं वहीं रोजगार सृजन के साथ सूबे की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है.
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