Rajasthan

पचपदरा रिफाइनरी आग एनआईए जांच

Last Updated:April 22, 2026, 12:22 IST

Pachpadra Refinery Fire NIA Probe: पचपदरा रिफाइनरी में आग लगने के बाद एनआईए की टीम ने हेलीकॉप्टर से मौके पर पहुँचकर जांच शुरू कर दी है. हाइड्रोकार्बन रिसाव के समय सेंसर और ऑटोमेटेड अलार्म के फेल होने पर सवाल उठ रहे हैं. एजेंसी मैनुअल छेड़छाड़, डिजिटल हैकिंग और तकनीकी खामी जैसे पहलुओं की जांच कर रही है. फिलहाल किसी बड़ी साजिश के सबूत नहीं मिले हैं लेकिन डिजिटल फुटप्रिंट्स और कमांड लॉग्स की पड़ताल जारी है.

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पचपदरा रिफाइनरी में कैसे लगी आग? सामने आई वजहZoomपचपदरा रिफाइनरी आग NIA जांच

Pachpadra Refinery Fire NIA Probe: बाड़मेर के पचपदरा स्थित देश की सबसे हाईटेक रिफाइनरी में भीषण आग की घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सूत्रों के अनुसार हाइड्रोकार्बन के रिसाव को पकड़ने में रिफाइनरी के आधुनिक सेंसर पूरी तरह विफल रहे. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पूरी तरह से ऑटोमेटेड सिस्टम होने के बावजूद सुरक्षा अलार्म आग लगने से पहले बजने के बजाय आग लगने के बाद बजा. इस गंभीर तकनीकी विफलता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मामले की कमान संभाल ली है. मंगलवार को एनआईए की टीम विशेष हेलीकॉप्टर से सीधे मौके पर पहुँची और घटनास्थल का जायजा लिया.

एनआईए इस समय मुख्य रूप से तीन दिशाओं में अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है. जांच का पहला केंद्र ‘मैनुअल छेड़छाड़’ है. टीम का मुख्य फोकस क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट के हीट एक्सचेंजर सर्किट पर है. शुरुआती संकेतों के अनुसार आग वाल्व से हाइड्रोकार्बन रिसाव के कारण लगी हो सकती है. फोरेंसिक विशेषज्ञ इसकी जांच कर रहे हैं कि यह कोई तकनीकी खराबी थी या जानबूझकर वाल्व के साथ छेड़छाड़ की गई थी. इस मामले में वहां कार्यरत इंजीनियरों, ठेकेदारों और सुरक्षाकर्मियों की प्रोफाइलिंग और बैकग्राउंड की जांच की जा रही है ताकि किसी भी ‘इनसाइडर थ्रेट’ का पता लगाया जा सके.

डिजिटल हैकिंग और नेटवर्क सिक्योरिटी पर नजरचूँकि पचपदरा रिफाइनरी का संचालन ‘सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन’ सिस्टम पर आधारित है, इसलिए एनआईए डिजिटल हैकिंग के कोण से भी जांच कर रही है. मुख्य कंट्रोल रूम के डिजिटल फुटप्रिंट और कमांड लॉग्स का विश्लेषण किया जा रहा है. जांच दल यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या किसी बाहरी हैकर ने फायरवॉल को भेदकर वाल्व का प्रेशर बढ़ाने या उसे लीक करने का कमांड दिया था. इसके लिए नेटवर्क सिक्योरिटी डेटा का गहन विश्लेषण किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह के साइबर हमले की पुष्टि या खंडन किया जा सके.

ग्लोबल सैबोटेज पैटर्न और वर्तमान स्थितिएनआईए की टीम इस घटना को अंतरराष्ट्रीय साजिश या ‘ग्लोबल सैबोटेज पैटर्न’ के चश्मे से भी देख रही है. हालांकि अभी तक की जांच में किसी बड़ी विदेशी साजिश या सुनियोजित षड्यंत्र का कोई पुख्ता सबूत हाथ नहीं लगा है. जांच एजेंसियां इस बात की भी बारीकी से पड़ताल कर रही हैं कि क्या किसी ने जानबूझकर सुरक्षा प्रोटोकॉल को बाईपास किया था. फिलहाल रिफाइनरी में स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. एनआईए की रिपोर्ट आने के बाद ही इस हाईटेक सुरक्षा विफलता के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें

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Location :

Barmer,Barmer,Rajasthan

First Published :

April 22, 2026, 12:13 IST

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