पिता के नक्शेकदम पर चला बेटा, रणजीत सिंह के बाद पीयूष चौधरी ने बास्केटबॉल में रचा नया इतिहास

Last Updated:August 18, 2026, 18:41 IST
Piyush Chaudhary Basketball: बास्केटबॉल की दुनिया में पिता और बेटे की यह कहानी खेल और विरासत का शानदार उदाहरण पेश करती है. रणजीत सिंह ने जिस खेल में अपनी पहचान बनाई, अब उनके बेटे पीयूष चौधरी ने उसी राह पर आगे बढ़ते हुए टीम की कमान संभालकर नया मुकाम हासिल किया है. पिता से मिले मार्गदर्शन और खेल के प्रति समर्पण ने पीयूष को आगे बढ़ने में मदद की. टीम की जिम्मेदारी संभालना उनके लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. पीयूष की यह सफलता न सिर्फ परिवार के लिए गर्व का पल है.
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Success Story: जिस खेल की शुरुआत पिता की उंगली पकड़कर की, उसी खेल में अब सीकर के पीयूष चौधरी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीकर का नाम रोशन कर रहे हैं. मूल रूप से पिपराली गांव के रहने वाले 17 वर्षीय पीयूष बास्केटबॉल में युवा टीम की कमान संभाल रहे हैं. पीयूष को अहमदाबाद में चल रहे अंडर-18 एशिया कप बास्केटबॉल टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम का कप्तान बनाया गया है. यह टूर्नामेंट 23 अगस्त तक चलेगी.
पीयूष की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का खेल से जुड़ा मजबूत रिश्ता भी है. उनके पिता रणजीत सिंह अंतरराष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं, जबकि पीयूष का भाई भी राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुका है. पिता ने ही बेटे की मुलाकात अपने पुराने कोच से कराई थी. इसके बाद उसी कोच की देखरेख में पीयूष ने बास्केटबॉल का प्रेक्टिस शुरू की. देखते ही देखते खेल उनके लिए शौक से जुनून और फिर करियर बन गया.
साउथ एशियन बास्केटबॉल कप जीत चुके गोल्डपीयूष एसके स्कूल के खेल छात्रावास से सत्र 2025-26 में पास आउट हुए हैं. कम उम्र में लगातार शानदार प्रदर्शन के कारण उन्हें पहले भी बड़ी जिम्मेदारियां मिलती रही हैं. कोलंबो में हुए साउथ एशियन बास्केटबॉल कप में गोल्ड जीतने वाली भारतीय टीम की कप्तानी भी पीयूष कर चुके हैं. अब एशिया कप में भारतीय टीम की कप्तानी मिलना उनके लिए एक और बड़ी उपलब्धि है.
60 खिलाड़ियों में भारत से चुने गए थे पीयूषपीयूष 2025 में सिंगापुर में आयोजित बास्केटबॉल विदाउट बॉर्डर्स एशिया-2025 कैंप में उनका चयन हुआ था. 19 से 22 जून तक आयोजित इस कैंप में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के अंडर-17 वर्ग के 60 शीर्ष युवा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था. भारत की ओर से सीकर के पीयूष चौधरी और कर्नाटक की तारुषि तरुण को चुना गया था. पीयूष यूथ इंडिया कैंप का भी हिस्सा रह चुके हैं. पीयूष पिछले तीन वर्षों से राजस्थान की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर खेल रहे हैं.
यूथ नेशनल चैंपियनशिप में दो गोल्ड मेडल जीतेइस दौरान उन्होंने पांच पदक अपने नाम किए हैं, जिनमें तीन गोल्ड मेडल हैं. उन्होंने 2024 की 38वीं और 39वीं यूथ नेशनल चैंपियनशिप में दो गोल्ड मेडल जीते है. इसके अलावा 74वीं जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण, 68वीं स्कूल नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य और वर्ष 2025 के 7वें खेलो इंडिया गेम्स में सिल्वर मेडल हासिल किया. पीयूष का कहना है कि वे बास्केटबॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करना चाहते हैं. उनका कहना है कि विदेशी शब्द में पर जब भारतीय राष्ट्रगान बजाता है तो उन्हें बहुत अच्छा लगता है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Sikar,Rajasthan
First Published :
August 18, 2026, 18:41 IST



