Rajasthan

राजस्थान में फिर दागदार हुई पुलिस की वर्दी, IG किशन सहाय पर दुष्कर्म की FIR, 55 वर्षीय महिला का आरोप

जयपुर. राजस्थान में एक बार फिर पुलिस की वर्दी लगा है. इस बार दाग राजस्थान पुलिस के आईजी स्तर के बड़े अधिकारी पर लगा है. जिसमें महिला ने दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है. राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और वर्तमान में आईजी ह्यूमन राइट्स के पद पर तैनात किशन सहाय पर दुष्कर्म के आरोप लगे हैं. एक 53 वर्षीय महिला ने उनके खिलाफ बलात्कार, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाई है. इससे पहले भी दौसा में करीब ढाई साल पहले चार साल की मासूम बच्ची के साथ हुए रेप के मामले में पोक्सो कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए रेपिस्ट थानेदार भूपेंद्र सिंह यादव को 20 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई थी. वहीं अश्लील वायरल वीडियो में डीएसपी हीरालाल सैनी भी फंस चुके हैं.

आईजी किशन सहाय का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है. मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने अपनी शिकायत डाक के माध्यम से भेजी थी, जिसके आधार पर जयपुर के मालवीय नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई. महिला ने आरोप लगाया है कि आईजी किशन सहाय ने उसे शादी का झांसा देकर अपने सरकारी आवास पर बुलाया और वहां उसके साथ जबरदस्ती की. शिकायत में यह भी कहा गया है कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे धमकाया गया.

एफआईआर के बाद जांच की प्रक्रिया तेज

एफआईआर दर्ज होने के बाद अब मामले की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जल्द ही पीड़िता के विस्तृत बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. साथ ही, आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किए जाने की संभावना है. किशन सहाय राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते हैं और वर्तमान में मानवाधिकार से जुड़े महत्वपूर्ण पद पर तैनात हैं. ऐसे में उनके खिलाफ लगे ये आरोप न केवल व्यक्तिगत बल्कि पूरे पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर रहे हैं. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

पहले राजस्थान पुलिस की वर्दी पर लग चुका है दाग

राजस्थान में पुलिस की छवि दागदार होती रही है. आईजी किशन सहाय  से पहले डीएसपी हीरालाल सैनी से जुड़े वायरल अश्लील वीडियो प्रकरण ने राजस्थान पुलिस की छवि पर गहरा असर डाला था. इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था और विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे थे. वीडियो में एक महिला कांस्टेबल के साथ आपत्तिजनक दृश्य सामने आए थे, जिसके बाद एसओजी ने दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था. अदालत ने उन्हें रिमांड पर भेजकर मामले की जांच आगे बढ़ाई. पुलिस मुख्यालय ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए हीरालाल सैनी समेत कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया था.

जांच में सामने आया कि वीडियो पुष्कर के एक रिसॉर्ट में बनाया गया था और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो गलती से व्हाट्सएप स्टेटस पर अपलोड हुआ, जिसके बाद तेजी से फैल गया. इस घटना के बाद पुलिस विभाग ने भी माना कि कुछ कर्मियों के अनैतिक आचरण से विभाग की छवि धूमिल हुई है और जनता का विश्वास कमजोर पड़ा है.

ढाई साल पहले सब-इंस्पेक्टर ने वर्दी पर लगाया था दाग

दौसा जिले में ढाई साल पहले चार साल की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार के मामले में पोक्सो कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया था. कोर्ट ने आरोपी सब-इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह यादव को 20 वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई. साथ ही दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. 2023 का यह दिल दहला देने वाला मामला राहुवास थाना क्षेत्र से सामने आया था. चुनाव ड्यूटी के दौरान सब-इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह यादव ने टॉफी का लालच देकर चार साल की बच्ची को अपने कमरे में बुलाया और उसके साथ बलात्कार किया था.
वारदात सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. राजस्थान पुलिस ने आरोपी सब-इंस्पेक्टर को तत्काल बर्खास्त कर दिया था. मामले की तेज जांच के बाद पोक्सो एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल की गई. कोर्ट में 33 गवाह और 46 दस्तावेजी सबूत पेश किए गए. पोक्सो कोर्ट की न्यायाधीश रेखा राठौड़ ने गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया था.

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