Rajasthan

पैसे के दम पर सिस्टम कर रहे खराब… सीकर की साख पर सवाल, नीट पेपर लीक से एजुकेशन हब आहत!

Last Updated:May 14, 2026, 12:58 IST

NEET 2026 Paper Leak Ground Report: राजस्थान का उभरता एजुकेशन हब सीकर इन दिनों NEET 2026 पेपर लीक मामले को लेकर चर्चा में है. कोचिंग संस्थानों से लेकर हॉस्टलों और चाय की दुकानों तक एक ही सवाल गूंज रहा है कि आखिर मेहनत करने वाले छात्रों की गलती क्या है. परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में गहरी नाराजगी और चिंता दिखाई दे रही है.

Ground Report On NEET 2026 Paper Leak: राजस्थान में कोटा के बाद तेजी से उभरे एजुकेशन हब सीकर की पहचान सवालों के घेरे में है. नीट 2026 परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक केस के तार सीकर से जुड़ने के बाद शहर के लोगों में गुस्सा और चिंता है. यहां करीब 16 राज्यों से स्टूडेंट्स JEE, NEET, NDA सहित कई परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं. सीकर के में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स, उनके पेरेंट्स और आम लोगों का कहना है कि कुछ लोगों की वजह से पूरे शहर की छवि खराब हो रही है.

ग्राउंड पर हालात देखें तो कोचिंग संस्थानों के बाहर, हॉस्टलों में और चाय की दुकानों तक पर सिर्फ एक ही चर्चा है… आखिर मेहनत करने वाले छात्रों का दोष क्या है?. स्टूडेंट्स का कहना है कि वे पूरे साल दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और भरोसे दोनों को तोड़ देती हैं. सीकर में नीट की तैयारी करने वाले मोहित मीणा ने बताया कि नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर परीक्षा प्रणाली पारदर्शी नहीं रही तो मेहनती विद्यार्थियों का मनोबल लगातार टूटेगा. बच्चे अपने पेरेंट्स के सपने पूरे करने के लिए बहुत मेहनत करते हैं. ऐसे में सरकार को नीट पेपर लीक करने वाले लोगों के खिलाफ सक्सेस सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.

‘पैसे के दम पर सिस्टम को खराब कर देते हैं’सीकर में पढ़ाई कर रहे दूसरे राज्यों के स्टूडेंट्स भी इस घटनाक्रम से परेशान हैं. लोकल 18 से बात करते हुए अभ्यर्थी आयुष पारीक ने बताया कि यहां बेहतर शिक्षा और रिजल्ट के कारण वे सीकर आए, लेकिन बार-बार पेपर लीक और नकल के मामलों से अब परिवार भी चिंता में है. एक और छात्र निखिल ने कहा, हम सालभर पढ़ते हैं और कुछ लोग पैसे के दम पर सिस्टम को खराब कर देते हैं.

इधर अभिभावकों की पीड़ा भी कम नहीं है. अभिभावक विकास कुमार ने कहा कि सीकर में कई परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लेते हैं, जमीन गिरवी रखते हैं या अपनी जमा पूंजी खर्च कर देते हैं. ऐसे में जब परीक्षा ही रद्द हो जाए तो सबसे बड़ा मानसिक दबाव परिवारों पर पड़ता है. अभिभावकों का कहना है कि सरकार और एजेंसियों को ऐसी सख्त व्यवस्था करनी चाहिए जिससे भविष्य में कोई पेपर लीक न हो सके.

‘सीकर की पहचान शिक्षा से बने, पेपर लीक से नहीं’दूसरी तरफ शहर के व्यापारी, शिक्षक और सामाजिक लोग इस बात से दुखी हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सफलता हासिल करने वाला सीकर अब गलत कारणों से सुर्खियों में आ रहा है. सीकर के पिपराली रोड पर हॉस्टल का संचालन करने वाले जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि लाखों मेहनती छात्रों और ईमानदारी से काम कर रहे शिक्षकों की पहचान को कुछ गिरोह बदनाम कर रहे हैं. नीट परीक्षा रद्द होने के बाद अब मामले की जांच सीबीआई करेगी, लोगों को उम्मीद है कि जांच में सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी.

एक और स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है क्या देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में मेहनत से ज्यादा अब सिस्टम की खामियां हावी होती जा रही हैं? सीकर के लोग चाहते हैं कि शहर की पहचान शिक्षा से बने, पेपर लीक से नहीं.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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