पचपदरा रिफाइनरी में आग से राजस्थान के सपनों को लगा ग्रहण! जानें नींव लगने से अब तक की पूरी कहानी

बाड़मेर. राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी (HPCL Rajasthan Refinery Limited – HRRL) देश की पहली ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स मानी जाती है, जिसे ‘रेगिस्तान का रत्न’ कहा जा रहा था. करीब 79,450 करोड़ रुपये (अब लगभग 80,000 करोड़ रूपये) की लागत से तैयार यह रिफाइनरी 9 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता के साथ स्थापित की गई है. इसके साथ ही इसमें 2.4 एमएमटीपीए पेट्रोकेमिकल उत्पादन की क्षमता भी विकसित की गई है, जो इसे देश की महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल करती है.
हालांकि, उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले यहां बड़ा हादसा हो गया. क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) के पास भीषण आग लगने से पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई. इस घटना के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 21 अप्रैल को प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा. आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, जबकि इस घटना ने परियोजना की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी आज पचपदरा रिपाइनरी का दौरा करने वाले हैं.
2013 में रखा गया था रिफाइनरी के नींव का पत्थर
पचपदरा रिफाइनरी की नींव 2008-2013 के बीच राजस्थान सरकार द्वारा तेल खोज के बाद रखी गई. सितंबर 2013 में तत्कालीन यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने नींव का पत्थर रखा. 2013 में एचपीसीएल और राजस्थान सरकार के बीच एमओयू साइन हुआ. एचपीसीएल की 74% और राजस्थान सरकार की 26% भागीदारी वाला यह जॉइंट वेंचर था. प्रारंभिक अनुमानित लागत 37,230 करोड़ रुपये थी, जो बाद में बढ़कर 43,129 करोड़ हो गई और अंत में 79,450 करोड़ तक पहुंच गई.
पचपदरा रिफाइनरी देश की पहली ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स मानी जाती है
NCD 17.0 के साथ रिफाइनरी को किया गया था डिजाइन
जनवरी 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्माण कार्य शुरू करने का शिलान्यास किया. परियोजना को नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 17.0 के साथ डिजाइन किया गया, जो वैश्विक स्तर पर उच्च-रूपांतरण वाली रिफाइनरियों में शामिल है. रिफाइनरी पेट्रोल, डीजल, पॉलीप्रोपाइलीन, हाई-डेंसिटी पॉलीइथाइलीन, बेंजीन, टोल्यूइन और ब्यूटाडीन जैसे उत्पाद बनाएगी, जो परिवहन, फार्मा, पेंट और पैकेजिंग क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं. जुलाई 2026 से वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने वाला था.
आज पीएम मोदी करने वाले थो लोकार्पण
21 अप्रैल यानी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रिफाइनरी का लोकार्पण करने वाले थे. कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी सीडीयू यूनिट को रिमोट से चालू करते, पहले उत्पादन की ट्रक रैली फ्लैग-ऑफ करनी थी और पचपदरा में जनसभा को संबोधित करना था. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास समेत पूरी प्रशासनिक मशीनरी तैयारियों में जुटी हुई थी. 10-15 हजार दोपहिया और 4 हजार चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं अंतिम चरण में थीं. यह कार्यक्रम पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला माना जा रहा था.
आग कब, कहां और कैसे लगी?
20 अप्रैल यानी सोमवार को दोपहर करीब 1:55 बजे रिफाइनरी के क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (DCU) और वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट (VDU) सेक्शन के हीट एक्सचेंजर सर्किट में अचानक आग भड़क उठी. एचपीसीएल के अनुसार, प्रथम दृष्टया हीट एक्सचेंजर सर्किट में लगे किसी वॉल्व या फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन का रिसाव मुख्य कारण रहा. इससे विस्फोट जैसी स्थिति बनी और आग तेजी से फैली. काले धुएं का विशाल गुबार आसमान में उठता दिखाई दिया, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. आग मुख्य रूप से हीट एक्सचेंजर स्टैक तक सीमित रही.
100 से अधिक दमकलों ने मशक्क्त के बाद आग पर पाया काबू
रिफाइनरी की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने तुरंत कार्रवाई की. सीडीयू, वीडीयू और सेक्शन की अन्य यूनिट्स को तुरंत अलग (आइसोलेट) कर दिया गया. स्थानीय प्रशासन के सहयोग से 100 से अधिक दमकलें (रिफाइनरी की अपनी 40-50 के अलावा पड़ोसी जिलों और कैर्न इंडिया की मंगला-ऐश्वर्या टर्मिनल से) मौके पर पहुंचीं. आग को करीब 2.5 घंटे में काबू में ले लिया गया. दोपहर 2:30 बजे तक आग पूरी तरह बुझा दी गई.
100 से अधिक दमकल की गाड़ियों ने 2.5 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया
आग लगने के दौरान कितने लोग थे अंदर?
घटना के समय सीडीयू सेक्शन में करीब 200 कर्मचारी कार्यरत थे, लेकिन ज्यादातर लंच ब्रेक पर थे. सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. कोई हताहत या चोट नहीं आई. आम जनता को भी कोई खतरा नहीं था. एचपीसीएल और पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आग यूनिट तक सीमित रही और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ.
Due to an unfortunate fire incident today in the vicinity of the Crude Distillation Unit at the HRRL refinery, the scheduled dedication of the refinery by the Hon’ble Prime Minister on 21.04.2026 has been postponed.
The fire has been brought under control. There are no reports…
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) April 20, 2026



