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बेहद अमीर थी रेखा की सौतेली मां, जेवर तौलकर करती थी दान! 1 फैसले ने किया बर्बाद, कोमा में बीते आखिरी 19 माह

Last Updated:May 01, 2026, 04:31 IST

बॉलीवुड एक्ट्रेस रेखा की सौतेली मां अपने दौर की सबसे महंगी हीरोइ थी. उनकी जिंदगी सफलता और त्रासदी का संगम थी. उन्होंने 250 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. हालांकि, शादीशुदा जेमिनी गणेशन से शादी करना उनके जीवन का दर्दभरा फैसला था, जिसने उन्हें बर्बाद कर दिया. पति की बेवफाई और बिखरते करियर ने उन्हें शराब और कर्ज के दलदल में धकेल दिया. उनकी सारी संपत्ति जब्त हो गई और उन्होंने अपनी जिंदगी के आखिरी 19 महीने कोमा में बिताए. उन्होंने महज 47 साल की आयु में बेहद गरीबी में दुनिया को अलविदा कह दिया.

सावित्री ने अपने करियर में 250 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और पांच अलग-अलग भाषाओं में अपनी खास पहचान बनाई. वे उस दौर की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली एक्ट्रेस थीं और उन्होंने हर बड़े हीरो के साथ काम किया. उनकी फिल्म ‘मायाबाजार’ को आज भी तेलुगु सिनेमा की सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक माना जाता है. उनकी पॉपुलैरिटी ऐसी थी कि उनके नाम मात्र से ही थिएटर हाउसफुल हो जाया करते थे. कहते हैं कि वे जेवर तौलकर दान दिया करती थीं.

सावित्री की निजी जिंदगी में मोड़ तब आया, जब 1953 में उनकी मुलाकात जेमिनी गणेशन से हुई. गणेशन पहले से ही शादीशुदा थे और उनके अन्य महिलाओं से भी संबंध थे. सावित्री के चाचा ने इस रिश्ते के लिए मना किया था, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी. 1952 में उन्होंने चुपचाप जेमिनी गणेशन से शादी कर ली और 1956 में दुनिया को इस शादी का पता चला.

जेमिनी गणेशन अपनी शादी के बाद भी दूसरी महिलाओं के साथ अफेयर में रहे और कभी नहीं सुधरे. सावित्री को उनके हर अफेयर की खबर मिलती रहती थी. शादीशुदा जिंदगी में मिले इन धोखों ने सावित्री को अंदर से तोड़ दिया. पति की बेवफाई के कारण वे धीरे-धीरे शराब की लत का शिकार हो गईं.

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1960 के दशक के आखिर में सावित्री के करियर का बुरा दौर शुरू हुआ और उनकी फिल्में फ्लॉप होने लगीं. उन्होंने खुद भी कुछ फिल्में बनाईं और उनमें पैसा लगाया, लेकिन वे फिल्में भी बुरी तरह डूब गईं. उनकी आर्थिक हालात इतनी बिगड़ गई कि टैक्स अधिकारियों ने उनकी सारी संपत्ति जब्त कर ली. वे अपने आलीशान घर से निकलकर दो कमरों के किराए के मकान में रहने को मजबूर हो गईं.

सावित्री ने गुजर-बसर करने के लिए छोटे-मोटे रोल करना शुरू कर दिया था. शराब ज्यादा पीने ने उनकी सेहत को भी बुरी तरह बर्बाद कर दिया था. एक समय जो एक्ट्रेस करोड़ों में खेलती थी, अब उसके पास बुनियादी जरूरतों के लिए भी पैसा नहीं बचा था. उनका पूरा साम्राज्य उनकी आंखों के सामने ही खत्म हो गया था.

मई 1980 में सावित्री अचानक बेहोश हो गईं और कोमा में चली गईं. वे करीब 19 महीनों तक इसी हालत में अस्पताल और घर के बीच झूलती रहीं. उनके आखिरी समय में जेमिनी गणेशन वापस आए और उनके इलाज का खर्च उठाया. रिश्तेदारों ने भी उनकी देखभाल की, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ.

सावित्री ने 26 दिसंबर 1981 को महज 47 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया. जिसे कभी साउथ की रानी कहा जाता था, उसने अपनी आखिरी सांसें बेहद गरीबी और कोमा में बिताईं. सावित्री की यह कहानी आज भी लोगों की आंखों में आंसू ला देती है.

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