Rajasthan

PBM अस्पताल से आई राहत भरी खबर, 2 और गंभीर प्रसूताओं की हालत में सुधार, AIIMS टीम कर रही मॉनिटरिंग

Last Updated:June 17, 2026, 13:05 IST

Bikaner PBM Hospital Kidney Failure Case: पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने विशेषज्ञ स्तर पर निगरानी बढ़ा दी है. एम्स नई दिल्ली के निदेशक के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय समिति ने वर्चुअल समीक्षा बैठक कर मरीजों के उपचार की प्रगति का आकलन किया. केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी बैठक में शामिल हुए. विशेषज्ञों ने बताया कि अधिकांश मरीज पहले से ही हाई रिस्क श्रेणी में रेफर होकर पहुंचे थे. अस्पताल प्रशासन के मुताबिक दो गंभीर मरीजों की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है. सुधार का सिलसिला जारी रहा तो उन्हें अस्पताल से छुट्‌टी भी मिल सकती है. वहीं एम्स की टीम आगे भी पीबीएम चिकित्सकों को चिकित्सा परामर्श देती रहेगी.

ख़बरें फटाफट

PBM अस्पताल से आई राहत भरी खबर, 2 और गंभीर प्रसूताओं की हालत में सुधारZoomपीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है

बीकानेर. पीबीएम अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले को लेकर केंद्र सरकार और स्वास्थ्य विभाग लगातार  नजर बनाए हुए हैं. केंद्रीय कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से समीक्षा करवाई है. इसी क्रम में एम्स नई दिल्ली और पीबीएम अस्पताल के चिकित्सकों के बीच एक महत्वपूर्ण टेली-कंसल्टेशन बैठक आयोजित की गई, जिसमें गंभीर प्रसूताओं के उपचार, चिकित्सा प्रबंधन और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई. एम्स नई दिल्ली के निदेशक के निर्देश पर एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया.

समिति की अध्यक्षता एम्स की वरिष्ठ प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. नीना मल्होत्रा ने की. वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में पीबीएम अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति, उपचार की प्रगति और चिकित्सा व्यवस्थाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया गया.  इस दौरान एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पीबीएम अस्पताल के डॉक्टरों को आवश्यक चिकित्सकीय मार्गदर्शन दिया. मरीजों की वर्तमान स्थिति, उपचार पद्धति और मेडिकल मैनेजमेंट को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए गए, ताकि गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके. केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी इस वर्चुअल बैठक से जुड़े और उन्होंने विशेषज्ञों तथा चिकित्सकों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की.

गंभीर प्रसूताओं में से दो मरीजों की हालत में तेजी से हो रहा है सुधार

समीक्षा के दौरान प्रो. डॉ. नीना मल्होत्रा ने पीबीएम अस्पताल में चल रहे उपचार और मरीजों की देखरेख पर संतोष व्यक्त किया. उन्होंने बताया कि जिन प्रसूताओं की स्थिति गंभीर बनी हुई है, उनमें से अधिकांश को पहले से ही हाई रिस्क श्रेणी में विभिन्न क्षेत्रों से पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया था. ऐसे मामलों में जटिलताएं अधिक होने के कारण उपचार प्रक्रिया भी चुनौतीपूर्ण रहती है. एसपी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि भर्ती गंभीर प्रसूताओं में से दो मरीजों की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है. यदि स्वास्थ्य में इसी तरह सुधार जारी रहा तो उन्हें जल्द अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है और प्रत्येक मरीज की स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है.

एम्स नई दिल्ली की विशेषज्ञ टीम देते रहेंगे परामर्श

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि मरीजों का स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि एम्स नई दिल्ली की विशेषज्ञ टीम आगे भी पीबीएम अस्पताल को आवश्यक चिकित्सा परामर्श और तकनीकी सहयोग देती रहेगी. साथ ही उन्होंने कहा कि बीकानेर क्षेत्र के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पीबीएम अस्पताल की क्षमता बढ़ाने और चिकित्सा संसाधनों को मजबूत करने के निरंतर प्रयास किए जाएंगे. स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञ चिकित्सकों की संयुक्त निगरानी के बीच मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

Bikaner,Rajasthan

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj