सिर और पैरों से खेला जाने वाला सेपक टकरा पहली बार जोधपुर में, नए खेल को देखने उमड़े दर्शक

जोधपुर : जोधपुर के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है. शहर में पहली बार राष्ट्रीय स्तर की 69वीं राष्ट्रीय सेपक टकरा प्रतियोगिता 2025-26 का आयोजन किया जा रहा है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उमड़ रहे हैं. खास बात यह है कि सेपक टकरा ऐसा खेल है, जिसमें खिलाड़ी गेंद को हाथ से नहीं छूते, बल्कि सिर, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों से खेलते हैं.
स्कूल गेम्स फेडरेशन (SGFI) एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय महिलाबाग के संयोजन में शाला क्रीड़ा संगम (गौशाला मैदान), जोधपुर में आयोजित इस प्रतियोगिता के तीसरे दिन 17 व 19 वर्ष आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं के रोमांचक लीग मुकाबले खेले गए.
विभिन्न वर्गों में रोमांचक मुकाबले, विजयी टीमों ने बनाया दबदबाअतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी कमल व्यास ने बताया कि तीसरे दिन खेले गए मुकाबलों में खिलाड़ियों ने तकनीकी दक्षता, शारीरिक क्षमता और संतुलन का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे दर्शकों की तालियों और जयघोष ने और भी उत्साहपूर्ण बना दिया. 17 वर्ष छात्र वर्ग में आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और असम ने अपने-अपने मुकाबले 2-0 से जीतकर दबदबा बनाया.
सेपक टकरा में राज्यों का दमदार प्रदर्शनछात्रा वर्ग में राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, दिल्ली और उत्तरप्रदेश की टीमों ने कड़े मुकाबलों में जीत दर्ज की. वहीं 19 वर्ष छात्र वर्ग में दिल्ली, ओडिशा, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और राजस्थान ने अपने-अपने पूल में सफलता हासिल की. 19 वर्ष छात्रा वर्ग में केरल, राजस्थान, ओडिशा, आंध्रप्रदेश और मध्यप्रदेश ने जीत दर्ज की. व्यास ने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं में सेपक टकरा खेल के प्रति रुचि बढ़ाना और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है.
रेफरी टीम की अहम भूमिकाइस राष्ट्रीय टूर्नामेंट में एसजीएफआई से नियुक्त चीफ रेफरी ब्रजमोहन साहू सहित अरुण कुमार, मोनिंदर सिंघा, रूबी पनवार, उमंग चतुर्वेदी, अमित कुशवाहा, राजेश बसेरा, रोहित चौहान, सौरभ, अभिषेक, लोकेश, स्वाति गोटल, कैलाश कंवर, पुष्पेंद्र सिंह सहित अन्य रेफरी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. आगामी दिनों में और भी रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे.



