‘साहब, पिता की जान बचा लीजिए…’ बेटे की गुहार के बीच रुकी बाइक, अब बुजुर्ग की मौत पर बवाल

Last Updated:June 17, 2026, 09:12 IST
Tonk Elderly Person Death Controversy: टोंक जिले में एक बुजुर्ग की मौत के बाद यातायात पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है. परिजनों का आरोप है कि गंभीर रूप से बीमार शिवजी लाल यादव को अस्पताल ले जाते समय पुलिस ने उनकी बाइक रोक ली और चालान की कार्रवाई में करीब एक घंटा लगा दिया. परिवार का दावा है कि इस देरी के कारण समय पर इलाज नहीं मिल सका और बुजुर्ग की मौत हो गई. वहीं संबंधित पुलिसकर्मी ने सभी आरोपों को खारिज किया है. मामले ने तूल पकड़ने के बाद एसपी रोशन मीणा ने जांच के आदेश दिए हैं.
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टोंक जिले में एक बुजुर्ग की मौत के बाद यातायात पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है.
टोंक. राजस्थान के टोंक जिले से मानवता को झकझोर देने वाली कहानी सामने आया है. ट्रैफिक पुलिस की गैरजिम्मेदाराना हरकत इस कदर भारी पड़ गया कि बुजुर्ग की जान तक चली गई. ट्रैफिक पुलिस की इस अमानवीय कार्यशैली को लेकर अब सवाल भी खड़े हो रहे हैं. परिजनों का आरोप है कि गंभीर रूप से बीमार बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाने की जल्दबाजी के बावजूद यातायात पुलिस ने उनकी बाइक रोक ली और नियम उल्लंघन के मामले में कार्रवाई करने पर अड़ी रही. परिवार का दावा है कि इस वजह से इलाज में देरी हुई, जिसने बुजुर्ग की जान पर भारी असर डाला.
वहीं पुलिसकर्मी ने इन आरोपों को नकारते हुए खुद को निर्दोष बताया है. पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है. पीपलू क्षेत्र के जावली गांव निवासी महेंद्र अपने पिता शिवजी लाल यादव को उपचार के लिए टोंक शहर लेकर जा रहे थे. परिवार के मुताबिक शिवजी लाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाने की जरूरत थी. ऐसे में महेंद्र एक परिचित की मदद से बाइक पर पिता को बैठाकर अस्पताल की ओर रवाना हुए. लेकिन रास्ते में ही ट्रैफिक पुलिस ने रोक लिया और चालान की औपचारिकता पूरी करने में एक घंटे से भी अधिक वक्त लगा दिया.
घंटाघर चौराहे के पास यातायात पुलिस ने बाइक को रोक लिया
बताया जा रहा है कि रास्ते में घंटाघर चौराहे के पास यातायात पुलिस ने बाइक को रोक लिया. बाइक पर तीन लोग सवार थे और चालक ने हेलमेट नहीं पहन रखा था. इसी आधार पर पुलिस ने नियमों का हवाला देते हुए कार्रवाई शुरू कर दी. महेंद्र का आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मी को बार-बार बताया कि उनके पिता की हालत नाजुक है और पहले उन्हें अस्पताल पहुंचने दिया जाए. उनका कहना है कि बाद में चालान की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया.
पुलिस की अमानवीय हरकत के चलते बुजुर्ग की चली गई जान
परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने बाइक की चाबी भी अपने पास रख ली, जिससे वे आगे नहीं बढ़ सके. इस दौरान बुजुर्ग की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई. हालात ऐसे हो गए कि उन्हें कुछ समय के लिए सड़क किनारे एक पेड़ के नीचे लिटाना पड़ा. परिवार का कहना है कि करीब एक घंटे बाद चालान की औपचारिकता पूरी होने पर उन्हें जाने दिया गया. इसके बाद शिवजी लाल को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत आईसीयू में भर्ती कर लिया. डॉक्टरों ने उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट सहित आवश्यक उपचार दिया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका. उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद परिवार ने इलाज में हुई देरी को मौत का प्रमुख कारण बताते हुए पुलिस प्रशासन से शिकायत की है.
मामला तूल पकड़ा तो एसपी ने दिए जांच के आदेश
दूसरी ओर, जिस यातायात पुलिसकर्मी पर आरोप लगाए गए हैं, उन्होंने इन दावों को खारिज किया है. उनका कहना है कि मौके पर बुजुर्ग की हालत इतनी गंभीर दिखाई नहीं दे रही थी. उन्होंने यह भी कहा कि बाइक की चाबी छीनने जैसी बातें तथ्यहीन हैं और उन पर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं. मामले ने तूल पकड़ने के बाद टोंक के एसपी रोशन मीणा ने जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जा रही है. शिकायतकर्ता और पुलिसकर्मी, दोनों पक्षों के बयान लिए जाएंगे तथा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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