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सोजत बकरी पालन बाड़मेर मुनाफे का सौदा | Sojat Goat Farming Barmer Profit

Last Updated:April 25, 2026, 07:07 IST

Sojat Goat Farming: बाड़मेर जिले के झाक गांव में सोजत नस्ल की बकरी पालन पशुपालकों के लिए एक बड़ा बिजनेस मॉडल बनकर उभरा है. पशुपालक देवाराम पंवार ने सोजत बकरियों के माध्यम से अपनी आय में भारी इजाफा किया है. इस नस्ल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बाड़मेर की भीषण गर्मी और पानी की कमी के बावजूद आसानी से पल जाती है. दिखने में बेहद आकर्षक, सफेद रंग और लंबे कानों वाली यह बकरी अपनी कद-काठी के लिए जानी जाती है. बाजार में इसके छोटे मेमने की कीमत 15 हजार रुपये तक होती है, जबकि वयस्क होने पर यह 35 हजार से लेकर लाखों रुपये में बिकती है.

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बाड़मेर. राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर में पशुपालन हमेशा से आजीविका का मुख्य आधार रहा है. लेकिन अब यहाँ के पशुपालक पारंपरिक भेड़-बकरी की जगह ‘सोजत नस्ल’ की बकरियों पर दांव लगा रहे हैं. बाड़मेर के झाक गांव निवासी देवाराम पंवार ने इस नस्ल को अपनाकर क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की है. तपते धोरों और चारे-पानी के संकट के बीच सोजत बकरी न केवल खुद को जीवित रखती है, बल्कि पशुपालकों की झोली भी खुशियों से भर रही है. देवाराम के पास फिलहाल 15 बकरियां हैं, जो उनकी आय का सबसे मजबूत जरिया बन चुकी हैं.

बाड़मेर जैसे शुष्क और गर्म इलाके में जहाँ तापमान अक्सर रिकॉर्ड तोड़ता है, वहाँ पशुओं का रखरखाव सबसे बड़ी चुनौती होती है. सोजत बकरी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह कम पानी और नाममात्र के चारे में भी खुद को ढाल लेती है. जहाँ अन्य नस्लें कठिन मौसम में दम तोड़ देती हैं, वहीं सोजत बकरी अपनी शारीरिक बनावट के कारण रेगिस्तानी परिस्थितियों के लिए ‘परफेक्ट’ मानी जाती है. यही कारण है कि अब बाड़मेर के ग्रामीण इलाकों में इस नस्ल को पालने की होड़ मची हुई है.

मेमना 15 हजार, तो बकरी लाखों कीपशुपालक देवाराम पंवार बताते हैं कि सोजत नस्ल की बाजार में जबरदस्त डिमांड है. इसके एक मेमने की कीमत शुरुआती तौर पर 12 से 15 हजार रुपये तक होती है. वहीं, जब बकरी पूरी तरह वयस्क हो जाती है, तो इसकी कीमत 35 हजार रुपये से शुरू होकर लाखों रुपये तक पहुँच जाती है. यह बकरी दूध और मांस दोनों के लिए उपयोगी है, लेकिन इसकी सबसे ज्यादा मांग इसकी खूबसूरती और कद-काठी की वजह से ‘बकरीद’ जैसे मौकों पर रहती है. कम लागत में भारी मुनाफा देने के कारण देवाराम जैसे कई युवा अब इसे एक प्रोफेशनल बिजनेस के रूप में देख रहे हैं.

पहचान: गुलाबी त्वचा और लटकते लंबे कानसोजत बकरी अपनी बनावट के कारण दूर से ही पहचानी जाती है. यह मुख्य रूप से दूधिया सफेद रंग की होती है और इसके कान काफी लंबे व नीचे लटकते हुए होते हैं, जो इसकी खूबसूरती में चार चाँद लगाते हैं. इसकी त्वचा गुलाबी आभा लिए होती है और शरीर काफी मजबूत होता है. देवाराम का कहना है कि अगर पशुपालक वैज्ञानिक तरीके से इनकी देखभाल करें, तो सोजत बकरी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकता है. आज बाड़मेर की सरहद पर लहलहाता यह ‘पशु धन’ किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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Barmer,Barmer,Rajasthan

First Published :

April 25, 2026, 07:07 IST

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