बालेसर MD ड्रग फैक्ट्री खुलासे की कहानी, डेढ़ महीने तक निगरानी, 15 राउंड फायरिंग, जानें कौन है सरगना हापू राम?

Last Updated:April 28, 2026, 12:18 IST
Balesar Drug Factory Busted Case : जोधपुर-जैसलमेर हाईवे के पास बालेसर के एक सुनसान खेत में चल रही MD ड्रग्स फैक्ट्री के खुलासे की कहानी बेहद दिलचस्प है. राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को इस फैक्ट्री को पकड़ने और गिरोह को दबोचने के लिए कई पापड़ बेलने पड़े. गिरोह का सरगना हापूराम 2015 से 2018 के बीच जोधपुर जेल में रह चुका है. बाड़मेर का 28 वर्षीय हापू राम पहले डोडा चूरा की तस्करी करता था. वह पहले एक नेटवर्क का महज हिस्सा था, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद उसने अपना खुद का काला साम्राज्य बना लिया. जानें पूरी कहानी. 
ड्रग तस्करी की इस गैंग को पकड़ने के लिए ANTF को काफी मशक्कत करनी पड़ी.
जोधपुर. राजस्थान इन दिनों ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से खासा चर्चा में है. राजस्थान में ड्रग रैकेट से जुड़े एक के बाद एक बड़े खुलासे हो रहे हैं. खासकर पश्चिमी राजस्थान और मध्य प्रदेश तथा गुजरात से सटे इलाकों में ड्रग्स माफियाओं ने अपनी जड़ें गहरी जमा ली है. ड्रग माफियाओं की कमर तोड़ने में जुटी राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने हाल ही में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. यह कार्रवाई भी पश्चिमी राजस्थान में जोधपुर-जैसलमेर हाईवे के पास जोधपुर जिले में बालेसर में की गई है. पश्चिमी राजस्थान में बीते करीब एक साल में 33 ड्रग फैक्ट्रियां पकड़ी जा चुकी है.
एएनटीएफ की टीम ने ‘ऑपरेशन विषग्रहण’ के तहत यहां एमडी ड्रग्स की बड़ी फैक्ट्री का खुलासा किया है. यहां से करीब 90 करोड़ रुपये की 176 किलो एमडी ड्रग पकड़ी गई है. इस फैक्ट्री को चलाने वाले गिरोह का सरगना है हापू राम. वह बाड़मेर का रहने वाला है. बाड़मेर जोधपुर से सटा हुआ है. ANTF ने वहां से हापूराम समेत 6 तस्करों को दबोचा है. इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है. यह गिरोह आधुनिक संसाधनों के माध्यम से संचालित हो रहा था. ANTF के पास इस गिरोह की सूचना काफी समय से थी लेकिन वह हड़बड़ाहट में कोई कार्रवाई नहीं करना चाहती थी. इसलिए पूरे पुख्ता प्लान के साथ इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया.
कई साल जेल में बिता चुका है हापू राम
महज 28 साल का हापू राम इस उम्र तक अपनी जिंदगी के कई साल जेल में बिता चुका है. ANTF के मुताबिक हापू राम 2015 से 2018 के बीच जोधपुर जेल में रह चुका है. उसके बाद वह 2019 और 2024 में उदयपुर में भी जेल गया. शुरुआत में डोडा चूरा की तस्करी करने वाला हापू राम बाद में इस कदर ड्रग्स के दलदल में धंसता गया कि वह एमडी ड्रग्स की तस्करी करने लगा. पहले दूसरे तस्करों के लिए काम करने वाले हापू राम ने बाद खुद का नेटवर्क खड़ा कर लिया. अपने पुराने साथियों के साथ मिलकर MD ड्रग की तस्करी शुरू कर दी. इसके लिए उसने काफी शातिराना तरीके आजमाए और पुलिस के लिए चुनौती बन गया.
सरेंडर की चेतावनी के बावजूद पुलिस पर की फायरिंगएएनटीएफ ने हापू राम और उसके पूरे गिरोह को पकड़ने के लिए कड़ी मशक्कत की. पुलिस ने गिरोह की कड़ी से कड़ी जोड़ने के लिए करीब डेढ़ महीने तक उसे ट्रैक किया. उसके बाद ऑपरेशन कर कार्रवाई को अंजाम दिया. पुलिस ने उनकी फैक्ट्री की घेराबंदी कर उन्हें सरेंडर करने के लिए चेतावनी दी. लेकिन गिरोह के सरगना हापू राम और उसके एक सहयोगी अर्जुन ने सरेंडर नहीं किया. इस पर दोनों तरफ से 15 राउंड फायरिंग हुई तब जाकर उन दोनों को पकड़ा जा सका. दोनों भागने के लिए छत से जैसे कूदे तो दोनों को पकड़ लिया गया. इसमें हापूराम का एक पैर टूट गया. उनके ठिकाने से पुलिस को करीब 176 किलो एमडी ड्रग्स मिली है. उसे आगे की प्रोसेसिंग के लिए वहां सुखाया जा रहा था.
गैंग के सभी लोगों को अलग-अलग काम बांटा हुआ था
गिरोह के सरगना हापू राम ने अपनी गैंग के सभी लोगों अलग-अलग काम बांट रखा था. पकड़ा गया नरेश इस गैंग का मुख्य केमिस्ट है. बालेसर के अर्जुन के जिम्मे फैक्ट्री की सुरक्षा थी. उसी ने पुलिस पर फायरिंग की थी. श्रवण और बुधराम केमिस्ट की मदद करते थे और डिलीवरी का काम संभालते थे. नरेंद्र प्रोडक्शन का प्रभारी था. वह पहले हैदराबाद जेल में रह चुका है. इन सभी के बीच एक समान कड़ी थी वह थी बाड़मेर का धोरीमन्ना इलाका. यहां के कई लोग इस गिरोह से जुड़े हुए हैं. गिरोह ने जिस अधूरे मकान को फैक्ट्री बना रखा था वह वह अर्जुन के चाचा जिया राम का था. इसे गिरोह को 2.5 लाख रुपये में किराए पर दिया गया था. जबकि इसका वास्तविक किराया महज 5000 रुपये ही है. .About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…और पढ़ें
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Location :
Jodhpur,Jodhpur,Rajasthan
First Published :
April 28, 2026, 12:14 IST



