Summer Tips: तेज गर्मी में लापरवाही पड़ सकती है भारी, लू से बचने के टिप्स जानिए, एकदम रहेंगे फिट

Last Updated:April 17, 2026, 16:46 IST
भीषण गर्मी में लू लगना एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो समय पर ध्यान न देने पर जानलेवा भी साबित हो सकती है. इसके लक्षणों को पहचानकर और सही सावधानियां अपनाकर इससे आसानी से बचा जा सकता है.
हैदराबाद में इन दिनों सूरज के तेवर बेहद तल्ख हो गए हैं. मौसम विभाग की ओर से जारी रेड अलर्ट इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आने वाले दिन सामान्य से कहीं अधिक गर्म होने वाले हैं. पारा लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है, जिससे न केवल डिहाइड्रेशन बल्कि हीट स्ट्रोक यानी लू लगने का खतरा भी बढ़ गया है. इस भीषण तपिश में खुद को सुरक्षित रखना अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि प्राथमिकता होनी चाहिए, ऐसा एक्सपर्ट शाहीद मुनिरा का कहना है.
गर्मी में पसीने के जरिए शरीर से न केवल पानी, बल्कि जरूरी मिनरल्स भी बाहर निकल जाते हैं. इसलिए प्यास लगने का इंतजार न करें. दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं. सादे पानी के अलावा ORS, ग्लूकोज या घर में बना नमक-चीनी का घोल लेते रहें. यह शरीर के इलेक्ट्रोलाइट लेवल को बनाए रखता है, जिससे कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्याएं नहीं होतीं.
गर्मी के मौसम में आपका पाचन तंत्र थोड़ा सुस्त हो जाता है। ऐसे में भारी या मांसाहारी भोजन शरीर में आंतरिक गर्मी बढ़ाता है. इसकी जगह तरबूज, खरबूजा, खीरा और अंगूर जैसे फलों का सेवन बढ़ा दें, जिनमें 90% से अधिक पानी होता है. दोपहर के भोजन के साथ एक गिलास ताजी छाछ या दही जरूर लें. इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स आपके पेट को ठंडा रखते हैं और लू से लड़ने की शक्ति देते हैं.
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बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स या सोडा के बजाय पारंपरिक भारतीय पेय पदार्थों को प्राथमिकता दें. कच्चे आम का पन्ना लू के लिए रामबाण माना जाता है. इसी तरह, बेल का शरबत आंतों को ठंडा रखता है और सत्तू का शरबत शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है. ये सभी पेय एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं और शरीर के तापमान को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करते हैं.
आप क्या पहनते हैं, इसका आपके शरीर के तापमान पर सीधा असर पड़ता है. सिंथेटिक या गहरे रंग के कपड़े गर्मी को ज्यादा सोखते हैं, जबकि सफेद या हल्के रंग के सूती कपड़े त्वचा को सांस लेने में मदद करते हैं और पसीना भी सोख लेते हैं. बाहर निकलते समय चौड़े किनारे वाली टोपी, धूप का चश्मा और छाते का उपयोग जरूर करें.
दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक सूर्य की किरणें सबसे अधिक प्रभावी और हानिकारक होती हैं. इस दौरान बाहरी गतिविधियों को टालने का प्रयास करें. यदि आप फील्ड वर्क में हैं तो हर आधे घंटे में छांव तलाशें और सिर को गीले तौलिए या रूमाल से ढककर रखें. शारीरिक परिश्रम वाले काम सुबह जल्दी या शाम ढलने के बाद करना बेहतर होता है.
घर को भीतर से ठंडा रखने के लिए खिड़कियों पर काले या गहरे रंग के पर्दे या खस की टाटियों का प्रयोग करें. एक प्राचीन और प्रभावी तरीका यह है कि मिट्टी के मटके का पानी पिएं, जो प्राकृतिक रूप से पानी को ठंडा रखता है और गले को नुकसान नहीं पहुंचाता. साथ ही, घर के भीतर छोटे पौधे रखने से नमी बनी रहती है और वातावरण भी ठंडा रहता है.
यदि आपको तेज सिरदर्द, शरीर का तापमान बहुत अधिक बढ़ जाना, त्वचा का लाल और ड्राई होना, जी मिचलाना या भ्रम की स्थिति महसूस हो, तो ये लू लगने के लक्षण हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में तुरंत पीड़ित को ठंडी जगह पर ले जाएं, गीले कपड़े से शरीर पोछें और बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें. याद रखें, थोड़ी सी सावधानी आपको अस्पताल के चक्कर काटने से बचा सकती है.
First Published :
April 17, 2026, 16:46 IST



