NEET 2026 पेपर लीक का शक! सीकर में SOG की बड़ी कार्रवाई, छात्र बाेले- मेहनत पर फिर रहा पानी

Last Updated:May 11, 2026, 18:30 IST
NEET UG 2026 Paper Leak Case: सीकर में कथित NEET UG 2026 पेपर लीक की आशंका ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. दावा किया जा रहा है कि 720 में से करीब 600 नंबर के सवाल परीक्षा से पहले कुछ छात्रों तक पहुंच गए थे. एसओजी इस मामले की गहन जांच कर रही है और अब तक डेढ़ दर्जन लोगों को राउंडअप कर पूछताछ की जा चुकी है. इनमें पीजी संचालक, छात्र और कोचिंग संचालक शामिल बताए जा रहे हैं. कांग्रेस ने मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई है, जबकि छात्र और अभिभावक निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं.
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सीकर में कथित NEET UG 2026 पेपर लीक की आशंका ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है
सीकर. राजस्थान में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को लेकर एक बार फिर पेपर लीक की आशंका ने सियासी और शैक्षणिक माहौल गर्मा दिया है. कोटा के बाद नीट कोचिंग का दूसरा सबसे बड़ा हब माने जाने वाले सीकर में एक कथित “गेस पेपर” वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है. दावा किया जा रहा है कि सीकर के एक पीजी और कुछ कंसल्टेंसी सेंटरों से यह गेस पेपर छात्रों तक पहुंचाया गया था. अब इस पूरे मामले में एसओजी की जांच और कांग्रेस की सीबीआई जांच की मांग के बाद विवाद और गहरा गया है.
परीक्षा में 720 में से करीब 600 नंबर के सवाल पहले ही कुछ छात्रों तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है, जिसके बाद जांच एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं. एसओजी इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई जारी है. सूत्रों के अनुसार, अब तक करीब डेढ़ दर्जन लोगों को राउंडअप कर पूछताछ की जा रही है. इनमें पीजी संचालक, छात्र और कुछ कोचिंग संचालक भी शामिल बताए जा रहे हैं. जांच एजेंसियां वायरल गेस पेपर, छात्रों तक पहुंची सामग्री और कोचिंग नेटवर्क की भूमिका को खंगाल रही हैं. एसओजी की टीम सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है. मामले को लेकर छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल बना हुआ है.
परिजनों ने कहा- निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाया जाए
नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों और उनके परिजनों में इस पूरे मामले को लेकर चिंता बढ़ गई है. सीकर में राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से हजारों छात्र मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने आते हैं. छात्रों का कहना है कि वे दिन-रात मेहनत कर परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं. ऐसे में यदि पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं तो मेहनती छात्रों के भविष्य पर असर पड़ता है. एक छात्र ने कहा कि अगर पेपर पहले से कुछ लोगों तक पहुंचता है तो यह ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्रों के साथ अन्याय है. वहीं परिजनों का कहना है कि सरकार और पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए. उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए परिवार भारी खर्च कर सीकर में कोचिंग करवा रहे हैं. यदि पेपर लीक होता है तो इससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े होते हैं.
नीट पेपर लीक मामले ने लिया राजनीतिक रंग
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है. कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नीट पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई है. डोटासरा ने दावा किया कि नीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ है और राजस्थान पुलिस को केस दर्ज कर केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मामला राजस्थान, केरल समेत कई राज्यों से जुड़ा हुआ है, इसलिए केंद्रीय एजेंसी से जांच कराना जरूरी है. डोटासरा ने आरोप लगाया कि एसओजी करीब 20 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. उन्होंने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार राजस्थान में रिपोर्ट दर्ज नहीं करना चाहती और चाहती है कि मामला दूसरे राज्यों में सीमित रहे. हालांकि इस पूरे मामले में अब तक एसओजी या पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
NEET पेपर लीक होना छात्रों और अभिभावकों के भरोसे पर चोट
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने NEET पेपर लीक की खबरों को लाखों छात्रों और अभिभावकों के भरोसे पर चोट बताया है. उन्होंने कहा कि राजस्थान के सीकर समेत अन्य स्थानों का नाम सामने आना बेहद चिंताजनक है. जूली ने मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि असली दोषियों को सामने लाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि छात्र और अभिभावक मानसिक तनाव में हैं. वहीं पश्चिम एशिया युद्ध के कारण तेल-गैस संकट पर भी भाजपा सरकार को घेरा. जूली ने तंज कसते हुए कहा, “बहुत देर कर दी मेहरबां आते-आते.” उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान भाजपा नेता हेलीकॉप्टर उड़ाने में व्यस्त थे और अब जनता को बचत की सीख दे रहे हैं. फिलहाल छात्रों, अभिभावकों और कोचिंग संस्थानों की नजर जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है.
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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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