रांची के जंगलों में पाया जाने वाला जादुई पौधा, छूते ही मुरझा जाते हैं पत्ते, डायरिया से लेकर चर्म रोग तक में रामबाण

Last Updated:July 08, 2026, 21:47 IST
Chui Mui Plant Benefits: झारखंड में रांची के जंगलों में खासतौर पर छुईमुई पौधे काफी पाए जाते हैं. दरअसल, इस पौधे की खासियत यह है कि इसके पत्ते पर जैसे आप हाथ रखेंगे यह अपने आप मुरझा जाता है. और थोड़ी देर बाद अपने आप खिल भी जाता है. दरअसल, इसके काफी औषधीय गुण भी हैं. स्थानीय लोग बताते हैं कि ये डारिया तक की समस्या को भी ठीक करता है.
आइये जानते हैं इसके बारे में. यहां के स्थानीय निवासी सुजीत बताते हैं कि इससे जल्दी घाव भरता है और पेट की जितनी भी समस्या है, इसके लिए रामबाण मानी जाती है.
हम लोग गांव वाले इस पत्ते को तोड़ते हैं और इसका कथा बनाते हैं. अगर आपको डायरिया है, पेट में दर्द है किसी भी तरह की कोई भी तकलीफ है, गैस अपच है तो बस इसको दो चम्मच पी लेना है. इससे ये बीमारियां अपने आप ठीक हो जाएंगी.
सुजीत बताते हैं कि हम लोग इसको जादुई पौधा कहते हैं. क्योंकि आप जैसे ही इस पत्ते को छुयेंगे ये अपने आप मुरझा जाएगा और फिर से अपनी जगह पर आ जाएगा. लोग तो कई बार इससे खेलते भी हैं. बाहर से कई लोग आते हैं तो खासतौर पर इस पौधे को देखने के लिए आते हैं और छूकर देखकर आनंद लेते हैं. और इसका वीडियो भी बनाते हैं.
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उन्होंने आगे बताया कि इसके अलावा त्वचा में जो दाग खुजली यह सारी चीज होती है. इसके इलाज के लिए भी ये रामबाण माना जाता है. हम इसका पेस्ट बना लेते हैं और जहां पर स्किन में समस्या है. वहां पर रगड़ देते हैं, दो-चार बार आप ऐसा करेंगे और आप देखेंगे चर्म रोग से जुड़ी हुई सारी समस्या धीरे-धीरे खत्म होने लगेगी. इसीलिए इसे औषधि के रूप में भी देखा जाता है.
सुजीत बताते हैं कि यह पौधा रांची के आसपास खूंटी के जंगलों में पाया जाता है. यह आकर्षण का केंद्र रहता है. कई बार तो लोग सिर्फ पौधे को ही देखने के लिए दूर-दूर से आते हैं और हमसे पूछते हैं कि वह छुईमुई पौधा कहां है. इसके अलावा स्थानीय लोग इसे जैविक खाद बनाने का भी काम करते हैं. ये एक पौधा है और उसके फायदे अनेक हैं.
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