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‘राउंड द विकेट’ गेंदबाजी बना IPL 2026 का सबसे बड़ा आविष्कार, वाइड बॉल की लाइन का कर रहे है पेस बॉलर्स बेहतर इस्तेमाल

Last Updated:April 22, 2026, 17:10 IST

2026 के आंकड़ों ने इस डर को पूरी तरह खारिज कर दिया है. इस सीजन के डेटा बताते हैं कि डेथ ओवर्स में राउंड द विकेट गेंदबाजी करते समय दाएं हाथ के तेज गेंदबाजों का इकोनॉमी रेट (ER) 8.4 रहा है, जबकि ओवर द विकेट यह 10.2 तक जा रहा है. 'राउंड द विकेट' गेंदबाजी बना IPL 2026 का सबसे बड़ा आविष्कारZoomIPL 2026 में राउंड द विकेट गेंदबाजी से दाएं हाथ के गेंदबाज कर रहे हैं चैलेज

नई दिल्ली. क्रिकेट की किताब में कुछ अध्याय हमें सोच बदलने की इजाजत नहीं देते जै,े दाएं हाथ का तेज गेंदबाज, दाएं हाथ के बल्लेबाज को ‘ओवर द विकेट’ ही गेंदबाजी करेगा.  यही किताबी ज्ञान था और पुराना चलन लेकिन IPL 2026 में यह धारणा न केवल टूट रही है, बल्कि आधुनिक टी-20 क्रिकेट की सबसे बड़ी रणनीतिक जीत बनकर उभरी है.  इस सीजन में डेथ ओवर्स (16-20) के दौरान ‘राउंड द विकेट’ आना अब कोई ‘प्लान-बी’ नहीं, बल्कि ‘प्लान-ए’ बन चुका है.

परंपरा का अंत और आंकड़ों का खेल

सालों तक माना जाता था कि राउंड द विकेट गेंदबाजी करने से कोण (angle) इतना बाहर की तरफ हो जाता है कि वाइड गेंद फेंकने का खतरा बढ़ जाता है लेकिन 2026 के आंकड़ों ने इस डर को पूरी तरह खारिज कर दिया है. इस सीजन के डेटा बताते हैं कि डेथ ओवर्स में राउंड द विकेट गेंदबाजी करते समय दाएं हाथ के तेज गेंदबाजों का इकोनॉमी रेट (ER) 8.4 रहा है, जबकि ओवर द विकेट यह 10.2 तक जा रहा है.

बल्लेबाजों से बॉल को दूर रखना आसान

इस रणनीति के पीछे का सबसे बड़ा कारण है बल्लेबाज की पहुंच (reach) को सीमित करना. जब गेंदबाज राउंड द विकेट आता है, तो वह ‘वाइड यॉर्कर’ की लाइन को और भी सटीक बना पाता है.  बल्लेबाज के लिए उस कोण से आती गेंद को डीप मिड-विकेट या लॉन्ग-ऑन पर पावर के साथ मारना लगभग असंभव हो जाता है, क्योंकि गेंद उसके शरीर से दूर जा रही होती है.

बल्लेबाज की ‘मसल्स’ का तोड़

आज के दौर में पावर-हिटर्स क्रीज का इस्तेमाल करके ‘शफल’ करते हैं और गेंदबाज की लाइन बिगाड़ देते हैं। राउंड द विकेट आकर गेंदबाज एक ऐसा ‘डेड एंगल’ पैदा करता है जहाँ बल्लेबाज के पास हाथ खोलने की जगह नहीं बचती। अगर बल्लेबाज ऑफ-स्टंप की तरफ बढ़ता भी है, तो गेंदबाज के पास गेंद को और बाहर की तरफ स्विंग कराने या ‘कटर’ डालने का बेहतर मौका होता है. IPL 2026 में अंशुल कंबोज, प्रिंस यादव और विजयकुमार  जैसे गेंदबाजों ने इस कला का बखूबी इस्तेमाल किया है. उन्होंने दिखाया है कि कैसे राउंड द विकेट से फेंकी गई सटीक यॉर्कर, बल्लेबाज के पैरों के पास एक ऐसा ‘ब्लाइंड स्पॉट’ बनाती है, जिसे भांपना नामुमकिन है.

वाइड लाइन का नया इस्तेमाल

नियमों के मुताबिक, ऑफ-साइड की वाइड लाइन बल्लेबाजों के लिए थोड़ी रियायत देती है. राउंड द विकेट गेंदबाजी करते समय, गेंदबाज इस लाइन का इस्तेमाल एक ‘सुरक्षा घेरे’ की तरह कर रहे हैं. इस सीजन में करीब 35% विकेट डेथ ओवर्स में ‘वाइड ऑफ द क्रीज’ जाकर राउंड द विकेट फेंकने पर मिले हैं.  यह दर्शाता है कि गेंदबाज अब बल्लेबाजों को उनके ‘हिटिंग ज़ोन’ से बाहर खींचने में कामयाब हो रहे हैं.

IPL हमेशा से प्रयोग (innovation) का मंच रहा है, लेकिन 2026 की यह ‘राउंड द विकेट’ क्रांति इस खेल के बुनियादी सिद्धांतों को दोबारा लिख रही है.  यह महज एक बदलाव नहीं, बल्कि बल्लेबाजों के दबदबे वाले इस खेल में गेंदबाजों की तरफ से दिया गया एक करारा जवाब है. अब गेंद सिर्फ रफ्तार की नहीं, बल्कि सही ‘एंगल’ की है. जो गेंदबाज इस कोण को समझ गया, वही इस फटाफट क्रिकेट का असली किंग है.

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Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

April 22, 2026, 17:10 IST

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