क्या आप जानते हैं महिलाओं के इन प्राचीन राजस्थानी आभूषणों के बारे में? ये खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं

Last Updated:November 08, 2025, 14:06 IST
Rajasthan Traditional Jewelery: राजस्थान की पारंपरिक महिलाओं की आभूषण शैली में बोरला, आठगूंठी हार, नथ, भुजाओं का गहना और नुकीले कंगन शामिल है. बोरला माथे पर मोती और रत्नों से सजाया जाता है और खासकर मारवाड़ी व शेखावाटी क्षेत्र की महिलाओं में लोकप्रिय है. आठगूंठी हार विवाह और त्योहार में सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक है. नथ नारी के सौंदर्य और वैवाहिक पहचान का प्रतीक है, जबकि भुजाओं और कलाई के गहने शौर्य और सुंदरता का प्रतीक बन गए हैं. 
यह आभूषण अब राजस्थान की पहचान बन चुका है. बोरला राजस्थानी महिलाओं के सिर पर सजने वाला पारंपरिक आभूषण है. यह गोल आकार का होता है, जिसे माथे के बीचों-बीच पहना जाता है. बोरला सोने या चांदी में जड़े मोती और रत्नों से बनाया जाता है. यह आभूषण विशेष रूप से मारवाड़ी और शेखावाटी क्षेत्र की महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा के पर अधिक पहना जाता है.

यह भी राजस्थानी पारंपरिक गहना है. इसे थारा का हार भी कहा जाता है. यह एक भारी और बहुपरत वाला गहना होता है. राजस्थान में इस गहने को विशेष अवसरों, विवाह या त्यौहारों में पहना जाता है. आठगूंठी हार सोने या चांदी की जंजीरों और रत्नों से बना होता है. जिसकी डिजाइन गले में पहने जाने वाले हार की तहत होती है, लेकिन यह दिखने में उससे भी अधिक सुंदर होता है. आठगूंठी हार राजस्थानी महिलाओं की संपन्नता और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है. यह पारंपरिक परिधान में रॉयल लुक जोड़ता है.

यह राजस्थानी गहना महिलाओं द्वारा नाक में पहना जाता है. यह महिलाओं के सौंदर्य और शालीनता का प्रतीक होता है. नथ आभूषण बड़ा और गोल होती है, जिसमें मोती, माणिक या पन्ना जैसे कीमती रत्न जड़े होते हैं. विवाह या त्योहारों में इसे पहनना शुभ माना जाता है. ग्रामीण इलाकों में नथ न केवल सौंदर्य बल्कि वैवाहिक पहचान का प्रतीक भी होती है, जो नारी के सुसंस्कार और परंपरा को दर्शाती है.

यह एक खूबसूरत राजस्थानी गहना है जो महिलाओं की भुजाओं पर बांधा जाता है. इसे सोने, चांदी या पीतल से बनाया जाता है और इसमें बारीक नक्काशी या रत्नों की जड़ाई की जाती है. पहले इसे शौर्य और शक्ति का प्रतीक माना जाता था, लेकिन अब यह नारी की सुंदरता और परंपरा का हिस्सा बन चुका है. हाल के दिनों में राजस्थान में इस पारंपरिक गहने की डिमांड और भी अधिक बढ़ने लगी है.

यह एक अनोखा कंगननुमा गहना है जो कलाई पर पहना जाता है. इसकी डिजाइन में नुकीले कांटेदार पैटर्न बने होते हैं, जो इसे राजस्थानी आभूषणों में सबसे अलग नजर आता है. माना जाता है कि यह गहना बुरी नजर से रक्षा करता है और साथ ही महिलाओं की सजावट में एक पारंपरिक आकर्षण जोड़ता है. राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी महिलाएं इस आभूषण को पहने रहती है.
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November 08, 2025, 14:06 IST
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क्या आप जानते हैं इन राजस्थानी गहनों के बारे में? सुंदरता और परंपरा का है संगम



