बच्चा दुबला-पतला है और मछली-अंडा नहीं खाता? डॉक्टर के इस ₹10 के देसी नुस्खे से दूर होगा दुबलापन

Last Updated:July 03, 2026, 16:15 IST
क्या आपका बच्चा दुबला-पतला है और मछली-अंडा नहीं खाता? तो महंगे सप्लीमेंट्स पर पैसे खर्च करना बंद कीजिए. रामपुर के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल से जानिए रसोई में मौजूद सिर्फ 4 चीजों-भुना चना, मूंगफली, दलिया और गुड़ से महा-पौष्टिक ‘देसी प्रोटीन पाउडर’ बनाने की आसान विधि. यह सस्ता घरेलू नुस्खा बच्चों को भरपूर ऊर्जा, प्रोटीन और आयरन देगा, जिससे उनका शारीरिक विकास बेहतर होगा और कुपोषण दूर करने में मदद मिलेगी.
रामपुर: क्या आपका बच्चा भी दुबला-पतला है और खाने-पीने में आनाकानी करता है? अगर वह मछली या अंडा नहीं खाता, तो आपको महंगे प्रोटीन सप्लीमेंट्स पर पैसे खर्च करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. आपकी अपनी रसोई में मौजूद चार साधारण चीजें मिलकर एक ऐसा दमदार और पौष्टिक ‘देसी पाउडर’ तैयार कर सकती हैं, जो बच्चों की सेहत की कायापलट कर देगा. रामपुर के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल से जानिए इस सस्ते और महा-शक्तिशाली होममेड सप्लीमेंट को बनाने का आसान तरीका.
सस्ता और महा-पौष्टिक है यह देसी नुस्खाआयुष चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मोहम्मद इकबाल बताते हैं कि गुड़, भुना चना, दलिया और मूंगफली को मिलाकर घर पर आसानी से पौष्टिक पाउडर बनाया जा सकता है. यह मिश्रण प्रोटीन, ऊर्जा, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत बन सकता है. खास बात यह है कि इसे तैयार करने में ज्यादा खर्च भी नहीं आता.
घर पर ऐसे तैयार करें प्रोटीन पाउडरडॉ. इकबाल के अनुसार सबसे पहले भुना चना, दलिया और मूंगफली को हल्का भून लें. इसके बाद इन्हें पीसकर बारीक पाउडर बना लें. आखिर में स्वाद के लिए इसमें गुड़ का बारीक चूरा मिला दें. इस पाउडर को सूखे और साफ डिब्बे में भरकर रखा जा सकता है.
जानिए बच्चों को इसे खिलाने का सही तरीकावे बताते हैं कि इस मिश्रण को बच्चे की उम्र के अनुसार दूध, दलिया, खीर, रोटी के साथ या हल्के नाश्ते में थोड़ी मात्रा में दिया जा सकता है. इससे बच्चे को ऊर्जा के साथ प्रोटीन भी मिलता है. हालांकि, इसकी मात्रा बच्चे की उम्र और जरूरत के हिसाब से ही रखनी चाहिए.
कुपोषण के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाजडॉ. इकबाल का कहना है कि कुपोषण सिर्फ कम वजन का नाम नहीं है. कई बार बच्चा बार-बार बीमार पड़ता है, उसकी लंबाई और वजन उम्र के हिसाब से नहीं बढ़ते या वह हमेशा सुस्त दिखाई देता है. ऐसे में सिर्फ कोई एक चीज खिलाने से समस्या खत्म नहीं होती. बच्चे को संतुलित आहार, साफ-सफाई, समय पर टीकाकरण और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह भी जरूरी होती है.
चारों चीजों में छिपे हैं सेहत के राजविशेषज्ञ बताते हैं कि भुना चना प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है. मूंगफली में प्रोटीन के साथ हेल्दी फैट भी होता है, जो बच्चों को ऊर्जा देने में मदद करता है. दलिया में फाइबर और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जबकि गुड़ में आयरन समेत कुछ खनिज तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि ये चारों चीजें मिलकर एक पौष्टिक मिश्रण तैयार करती हैं.
गंभीर स्थिति में डॉक्टर की सलाह है जरूरीडॉ. इकबाल ने यह भी सलाह दी कि जिन बच्चों का वजन बहुत कम है या जिनमें गंभीर कुपोषण के लक्षण दिखाई देते हैं, उन्हें केवल घरेलू नुस्खों के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए. ऐसे बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या पोषण पुनर्वास केंद्र में दिखाना चाहिए ताकि सही जांच और इलाज मिल सके.
महंगे सप्लीमेंट का बेहतरीन और सस्ता विकल्पअगर बच्चा मछली, अंडा या मांस नहीं खाता, तो यह देसी पाउडर संतुलित भोजन के साथ एक अच्छा विकल्प बन सकता है. कम खर्च, आसान तैयारी और रसोई में मौजूद चीजों से बनने की वजह से यह कई परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है. हालांकि, इसे किसी दवा का विकल्प नहीं, बल्कि पौष्टिक खानपान का एक हिस्सा मानकर ही इस्तेमाल करना चाहिए.
About the AuthorRahul Goel
राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें
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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



