यहीं देखा गया ताज होटल का सपना! बिजली और लिफ्ट वाला मुंबई का पहला घर, कभी रहता था टाटा परिवार

Last Updated:December 12, 2025, 19:02 IST
Mumbai Famous Spot : मुंबई में कई मशहूर हस्तियों का करोड़ो का घर है. इन्ही में से एक घर टाटा परिवार का भी है. इस घर में अब टाटा परिवार नहीं रहता, इस घर का नाम एस्प्लेनेड हाउस है जो मुंबई में टाटा परिवार का ऐतिहासिक निवास स्थान था. इसका निर्माण टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी टाटा और उनके पुत्र नुसरवानजी ने 1880 के दशक में शुरू करवाया था और 1887 में पूरा हुआ था.
मुंबई. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कई मशहूर हस्तियों के करोड़ों रुपये के आलीशान घर हैं, लेकिन इन्हीं में से एक ऐतिहासिक और बेहद खास इमारत है एस्प्लेनेड हाउस. यह वही घर है जो कभी टाटा परिवार का प्रमुख निवास स्थान हुआ करता था. आज भले ही टाटा परिवार यहां नहीं रहता, लेकिन इसकी विरासत, इतिहास और महत्व आज भी शहर की पहचान का हिस्सा है. इस भवन का निर्माण जमशेदजी टाटा और उनके पुत्र नुसरवानजी टाटा ने 1880 के दशक में शुरू करवाया था और 1887 में यह तैयार हुआ था. मुंबई के फोर्ट इलाके में स्थित यह हवेली 1930 के दशक तक सर रतन टाटा, उनकी पत्नी लेडी नवजबाई और पूरे टाटा परिवार का निवास स्थल रही.
समय के साथ यह घर आर.डी. सेठना छात्रवृत्ति कोष को बेच दिया गया, जो एक धर्मार्थ न्यास है. आज भी यह भवन उसी न्यास के स्वामित्व में है और यहीं से उसके कार्यालय संचालित होते हैं. इस इमारत का बाद में बड़े पैमाने पर जीर्णोद्धार किया गया और विरासत संरक्षण के इस उत्कृष्ट कार्य के लिए 2014 में इसे यूनेस्को एशिया-प्रशांत सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इतने वर्षों बाद भी यह भवन अपनी भव्यता, स्थापत्य कला और इतिहास के कारण लोगों का ध्यान खींचता है.
मुंबई की पहली आवासीय इमारत जहां बिजली और एस्केलेटर लगाए गए
जमशेदजी टाटा की दूरदर्शी सोच का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एस्प्लेनेड हाउस मुंबई की उन शुरुआती आवासीय इमारतों में शामिल था जहां बिजली, गुप्त वायरिंग और लिफ्ट (उस समय एस्केलेटर जैसी आधुनिक सुविधा मानी जाती थी) लगाई गई थीं. उस दौर में किसी निजी घर में ऐसी सुविधाएं होना एक बड़ी उपलब्धि थी और यही इस भवन को और खास बनाती है. यह इमारत आज भी निजी संपत्ति है और आम जनता के लिए खुली नहीं है, हालांकि सड़क से इसकी सुंदर बाहरी वास्तुकला को देखा जा सकता है. रोजाना यहां से गुजरने वाले हजारों लोग इसकी भव्यता देखकर आकर्षित होते हैं. 1887 में इस घर को बनाने में लगभग 6 लाख रुपये का खर्च आया था, जबकि आज इसकी अनुमानित कीमत 200 करोड़ रुपये से भी अधिक बताई जाती है.
यहीं जन्मी थीं टाटा की कई ऐतिहासिक योजनाएंएस्प्लेनेड हाउस सिर्फ एक निवास स्थान नहीं था, बल्कि यहां जमशेदजी टाटा की कई दूरदर्शी योजनाओं की नींव भी रखी गई. इसी हवेली में भारतीय स्टील उद्योग, आयरन कंपनी, ताज महल होटल और भारतीय विज्ञान संस्थान जैसे बड़े विचारों पर चर्चा हुई. यही वह स्थान था जहां से जमशेदजी टाटा ने 1898 में स्वामी विवेकानंद को वह प्रसिद्ध पत्र लिखा था जिसने आगे चलकर भारतीय विज्ञान संस्थान की स्थापना का रास्ता तैयार किया. यह घर इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसकी जानकारी बहुत कम लोगों तक पहुंच पाती है. मुंबई में रहने वाले कई लोग इसके महत्व से परिचित हैं, लेकिन बाहर से आने वालों के लिए यह अनजाने में ही दिखाई दे जाने वाला एक ऐतिहासिक रत्न है, जिसे देखकर अक्सर समझ नहीं आता कि यह कभी देश के सबसे प्रभावशाली उद्योगपति परिवार का घर रहा है.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Mumbai,Maharashtra
First Published :
December 12, 2025, 19:02 IST
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यहीं देखा गया ‘ताज होटल’ बनाने का सपना! बिजली और लिफ्ट वाला मुंबई का पहला घर



