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80 के दशक की सबसे महंगी हीरोइन, हर हीरो संग रचा इतिहास, अमिताभ बच्चन संग 9, जितेंद्र के साथ की 26 फिल्में

Last Updated:April 30, 2026, 14:31 IST

1954 में जन्मीं, अपने दौर की सबसे चर्चित और सबसे ज्यादा फीस लेने वाली हसीनाओं में से एक, जिसने न केवल स्क्रीन पर जादू बिखेरा, बल्कि अपने फिल्मी करियर को भी एक अमिट छाप देकर ऐतिहासिक बना दिया. वह दशकों तक सिनेमा की रानी रहीं, जहां उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर सफलताएं हासिल कीं तो वहीं एक कुशल और संवेदनशील अदाकारा के रूप में भी दर्शकों के दिलों पर राज किया. आइए इतिहास के पन्नों में झांकते हैं, एक ऐसी सुपरस्टार की कहानी पर जिसने अमिताभ बच्चन और जितेंद्र जैसे दिग्गजों के कंधे से कंधा मिलाकर लीड भूमिकाएं निभाकर अनोखा कीर्तिमान बनाया. ये वो हसीना हैं, जिनकी भव्यता, अभिनय और स्टाइल का मुकाबला आज तक कोई नहीं कर पाया.

नई दिल्ली. 80 के दशक में बॉलीवुड पर एक ऐसी हसीना का राज था, जिसकी खूबसूरती, अदाएं और स्क्रीन प्रेजेंस के आगे बड़े-बड़े सितारे फीके पड़ जाते थे. उस दौर में जब हीरो फिल्मों की पहचान माने जाते थे, तब इस हसीना ने अपनी दमदार मौजूदगी से साबित किया कि एक हीरोइन भी बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की सफलता तय कर सकती है. निर्माता-निर्देशक उनकी तारीख पाने के लिए महीनों इंतजार करते थे और वह उस समय की सबसे महंगी हसीनाओं में शामिल थीं. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने हिंदी सिनेमा के दो सबसे बड़े सुपरस्टार्स के साथ ऐसी जोड़ी बनाई, जिसने इतिहास रच दिया. एक तरफ अमिताभ बच्चन के साथ उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री चर्चा में रही, तो दूसरी ओर जीतेंद्र के साथ उनकी जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड बना डाले.

ये वो हसीना हैं, जिसकी आंखों में जादू था, जिसकी मुस्कान स्क्रीन पर आग बिखेर देती थी. जो 70-80 के दशक में पुरुष सितारों के साथ जोड़ी बनाकर बॉलीवुड की धड़कन बन गईं. ये एक्ट्रेस और कोई नहीं बल्कि रेखा हैं. बॉलीवुड की ‘मिस्ट्री क्वीन’ रेखा का करियर हिंदी सिनेमा की सबसे शानदार और विवादास्पद यात्राओं में से एक रहा है. दक्षिण भारतीय मूल की इस एक्ट्रेस ने 1970 के दशक में अपनी ट्रांसफॉर्मेशन के बाद न सिर्फ अपनी एक्टिंग और लुक को निखारा, बल्कि कमर्शियल सिनेमा में भी टॉप पर अपनी जगह बनाई. फोटो साभार-रेडिट

रेखा अमिताभ बच्चन के साथ आइकॉनिक स्क्रीन कपल बनीं और जीतेंद्र के साथ सबसे ज्यादा रोमांटिक जोड़ियों में से एक रहीं. उनकी फीस और पॉपुलैरिटी उस दौर में कई पुरुष सितारों से कम नहीं थी. रेखा की बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ आइकॉनिक जोड़ी रही. इस जोड़ी को बॉलीवुड के सबसे यादगार और इमोशनली चार्ज्ड कपल्स में गिना जाता है. दोनों ने कुल नौ फिल्मों में हीरो-हीरोइन के रूप में काम किया. इनमें प्रमुख फिल्में शामिल हैं- ‘दो अंजाने’ , ‘खून पसीना’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’ , ‘मिस्टर नटवरलाल’ , ‘सुहाग’ , ‘राम बलराम’ और ‘सिलसिला’ .

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‘मुकद्दर का सिकंदर’ और ‘सिलसिला’ में उनकी केमिस्ट्री खास तौर पर चर्चा में रही. ‘सिलसिला’ तो आज भी उनकी ऑफ-स्क्रीन अफवाहों के कारण याद की जाती है. इन फिल्मों में रेखा ने ग्लैमर के साथ गहरी भावनात्मक भूमिकाएं निभाईं, जिसने दर्शकों को आकर्षित किया. दोनों की जोड़ी ने कई हिट फिल्में दीं और 70 के अंत व 80 के शुरू में बॉलीवुड की सबसे हॉट जोड़ियों में शुमार रही. फोटो साभार-रेडिट

सिर्फ अमिताभ बच्चन ही नहीं, बल्कि जीतेंद्र के साथ भी रेखा की जोड़ी सुपरहिट रही. दोनों ने साथ में 26 फिल्मों में काम किया और इनमें से 15 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुईं. उस दौर में यह आंकड़ा किसी रिकॉर्ड से कम नहीं था. यह जोड़ी 1972 से लेकर 1990 के दशक के अंत तक चली. जीतेंद्र की एनर्जी और रेखा की ग्लैमरस छवि का कॉम्बिनेशन दर्शकों को खूब भाया.

‘मांग भरो सजना’, ‘एक ही भूल’, ‘जुदाई’, ‘दिलदार’, ‘गीताजंलि’ ‘अपने-अपने’ और ‘ज्योति बनी ज्वाला’ जैसी फिल्मों में दोनों की जोड़ी को दर्शकों ने खूब प्यार दिया. कहा जाता है कि जीतेंद्र और रेखा की फिल्मों को फैमिली ऑडियंस खास तौर पर पसंद करती थी. दोनों की फिल्मों में रोमांस, इमोशन और म्यूजिक का ऐसा मिश्रण होता था, जो सीधे दर्शकों के दिलों तक पहुंचता था. यही वजह थी कि निर्माता बार-बार इस जोड़ी को पर्दे पर लाना चाहते थे. इन फिल्मों में जीतेंद्र की एनर्जी और रेखा की ग्लैमरस छवि का कॉम्बिनेशन दर्शकों को खूब भाया. दोनों ने साथ में कई डांस नंबर्स और रोमांटिक गानों को यादगार बनाया.

1979 से 1984 तक रेखा की कमर्शियल पावर उस समय चरम पर थी. इस दौरान वह वे फीस के मामले में टॉप पर पहुंचीं. 1979 से 1981 तक वे दूसरी सबसे ज्यादा पैसे लेने वाली हिंदी एक्ट्रेस रहीं. फिर 1982 से 1984 तक वे रीना रॉय के साथ संयुक्त रूप से पहली सबसे ज्यादा पेड एक्ट्रेस बनीं.यह दौर उनके करियर का स्वर्णिम काल था, जिसमें उन्होंने ‘खूबसूरत’, ‘घर’, ‘सिलसिला’, ‘उमराव जान’ जैसी फिल्मों में अपनी एक्टिंग रेंज भी साबित की. 1981 में आई फिल्म ‘उमराव जान’ के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला. फोटो साभार-रेडिट

80 के दशक के अंत और 90 के शुरू में भी रेखा की मांग बनी रही. 1987 से 1992 तक वे तीसरी सबसे ज्यादा पेड हिंदी एक्ट्रेस रहीं. इस दौरान उन्होंने कई मल्टी-स्टारर और वुमन ओरिएंटेड फिल्मों में काम किया.उनकी प्रोफेशनलिज्म और स्क्रीन प्रेजेंस की वजह से वे लंबे समय तक इंडस्ट्री में सक्रिय रहीं. फोटो साभार-रेडिट

रेखा का सफर मात्र हिट फिल्मों का नहीं, बल्कि एक ट्रांसफॉर्मेशन की कहानी भी है.1970 में आई फिल्म सावन भादोसे शुरूआत करने वाली रेखा को शुरुआत में अपनी लुक और एक्टिंग पर आलोचना का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने मेहनत से खुद को बदल लिया. 1978 में घर और मुकद्दर का सिकंदर ने उन्हें मुख्यधारा की स्टार बना दिया. उन्होंने कुल 180 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार एक्ट्रेसेस में शुमार हुईं. उनकी फिल्मोग्राफी में ग्लैमर, इमोशन, ड्रामा और क्लासिक रोल्स का अनोखा मिश्रण है. फोटो साभार-रेडिट

उमराव जान के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार, खूबसूरत और खून भरी मांग के लिए दो फिल्मफेयर पुरस्कार और यहां तक कि फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड भी. तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित रेखा ने फिल्मफेयर अवार्ड्स का सफर कई बार लांघा. उन्हें पद्म श्री से भी सम्मानित किया जा चुका है, जो उनकी कला और सिनेमा में योगदान के लिए सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है. उनकी कहानी एक रोल मॉडल की तरह है. एक ऐसा सितारा जिसने अपने आपको हर दौर में साबित किया. आज भी वह बॉलीवुड की सबसे शानदार और मिस्टीरियस हस्तियों में से एक हैं, जिनके नाम पर रिकॉर्ड्स हैं, सफलताएं हैं और एक ऐसी विरासत है, जो आने वाली पीढ़ियों को यह सिखाती रहेगी कि सच्चा जलवा कभी फीका नहीं पड़ता. फोटो साभार-रेडिट

रेखा की सफलता इस बात को साबित करती है कि मेहनत, इमेज चेंज और स्मार्ट फिल्म चॉइस के साथ कोई भी एक्ट्रेस लंबे समय तक टॉप पर रह सकती है. वे न सिर्फ कमर्शियल सिनेमे की क्वीन रहीं, बल्कि आर्ट फिल्मों में भी अपनी छाप छोड़ी. आज भी उनकी स्टाइल, साड़ी और मिस्ट्री भरी पर्सनालिटी नई पीढ़ी को इंस्पायर करती है. फोटो साभार-रेडिट

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April 30, 2026, 14:31 IST

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