नाम शैतान सिंह यादव, लेकिन गरीब छात्रों के हैं भगवान, हर किसी को जाननी चाहिए ये कहानी

नाम शैतान, लेकिन गरीब छात्रों के हैं भगवान, हर किसी को जाननी चाहिए ये कहानी
Story Of Mewat Best Teacher: राजस्थान के एक छोटे से गांव से उठी एक ऐसी कहानी, जो सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी पीढ़ी की दिशा बदल रही है. Khairthal-Tijara district के उलाहेड़ी गांव में एक शिक्षक पिछले 32 वर्षों से सिर्फ किताबें नहीं पढ़ा रहे, बल्कि उन बच्चों के सपनों को भी सहारा दे रहे हैं, जो हालात के कारण पीछे छूट सकते थे. फीस से लेकर किताबें, ड्रेस और जूते तक, हर जरूरत को पूरा करने की जिम्मेदारी उन्होंने खुद उठाई है. उनकी यह यात्रा किसी एक स्कूल तक सीमित नहीं रही. जालौर से लेकर मेवात और मुंडावर तक, उन्होंने उन इलाकों में शिक्षा की रोशनी पहुंचाई जहां कभी स्कूल जाना भी चुनौती था. भील, मेव, गुर्जर, मीणा जैसे कई समुदायों के बीच जाकर उन्होंने न सिर्फ बच्चों को स्कूल से जोड़ा, बल्कि बाल विवाह और नशे जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी आवाज उठाई.
आज हालात यह हैं कि जिन बस्तियों में पढ़ाई का नाम नहीं था, वहां से बच्चे सरकारी नौकरियों तक पहुंच रहे हैं. स्कूल में उन्होंने सिर्फ पढ़ाने का काम नहीं किया, बल्कि फर्नीचर, पानी, प्रोजेक्टर जैसी सुविधाएं भी जुटाईं. हर साल 15 अगस्त को मेधावी बच्चों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाना उनकी आदत बन चुकी है. यह कहानी एक ऐसे शिक्षक की है, जो नौकरी नहीं, जिम्मेदारी निभा रहा है, और यह दिखा रहा है कि अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान पूरे समाज की तस्वीर बदल सकता है.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|




