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दुनिया में 193 देश लेकिन एक का ही नाम महिला के ऊपर, ‘हनीमून कंट्री’ ये खूबसूरत देश

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दुनिया में 193 देश लेकिन एक का ही नाम महिला के ऊपर, हनीमून कंट्री भी है ये

Last Updated:June 18, 2026, 16:25 IST

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दुनियाभर में करीब 193 स्वतंत्र देश हैं. इनमें ज्यादातर देशों के नाम भूगोल, प्राचीन जनजातियों, राजाओं, देवताओं या ऐतिहासिक, घटनाओं से जुड़े हुए हैं, लेकिन एक ही देश ऐसा है जिसका नाम एक वास्तविक ऐतिहासिक महिला के नाम पर रखा गया है. उस महिला को लेकर बहुत सी कहानियां भी हैं.

इस देश का नाम है सेंट लूसिया. ये कैरिबियन सागर में स्थित खूबसूरत द्वीपीय देश है. शायद आपने इसका नाम सुना भी है. इसका नाम चौथी शताब्दी की ईसाई संत सेंट लूसी या संता लूसिया के नाम पर पड़ा. मजे कि बात ये है कि सेंट लूसी यहां पैदा नहीं हुई थीं. वो 283 ईस्वी में सिसिली के सियाकस शहर में पैदा हुईं, जो अब इटली में है. वह एक समृद्ध रोमन परिवार से ताल्लुक रखती थीं. (AI Photo)

लूसी ने ईसाई धर्म अपनाया. अपनी मां की बीमारी ठीक होने के बाद अपनी संपत्ति गरीबों में बांट दी. किंवदंती के अनुसार, लूसी की सुंदरता पर मोहित होकर एक युवक ने उनसे विवाह करने की इच्छा जताई, लेकिन लूसी ने ब्रह्मचर्य की प्रतिज्ञा कर रखी थी. जब युवक ने धमकाया, तो उन्होंने अपनी आंखें निकालकर उसे दे दीं. बाद में ईश्वर ने उनकी आंखें वापस लौटा दीं. इन्हीं कारणों से वे अंधेपन की संरक्षक संत मानी जाती हैं.<br />(wiki commons)

304 ईस्वी में उन्हें गिरफ्तार किया गया. मार दिया गया उनकी मृत्यु 13 दिसंबर को हुई. अब ये सवाल उठता है कि अगर सेंट लूसी सिसली यानि इटली देश में पैदा हुईं तो वहां से हजारों किमी दूर एक कैरिबियाई देश का नाम उन पर कैसे पड़ा. ईसाई धर्म यूरोप में फैलने के साथ उनकी पूजा पूरे यूरोप में होने लगी. जब 15वीं-16वीं शताब्दी में स्पेनिश और फ्रांसीसी खोजकर्ता अमेरिका और कैरिबियन की खोज कर रहे थे, तो उन्होंने नए द्वीपों को ईसाई संतों, राजाओं या अपनी मातृभूमि के नाम पर रखने की परंपरा अपनाई. (wiki commons)

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1502 में क्रिस्टोफर कोलंबस की यात्राओं के आसपास या उसके बाद स्पेनिश नाविकों ने इस द्वीप को देखा. इसे सेंट लूसिया नाम दिया. एक कहानी और भी है जब 17वीं शताब्दी में फ्रांसीसी नाविक 13 दिसंबर को सेंट लूसी त्योहार के दिन इस द्वीप पर जहाज दुर्घटना का शिकार होने के बाद बच गए तो कृतज्ञता में द्वीप का नाम सेंट लूसिया रखा दिया. (AI Photo)

हालांकि फ्रांस और ब्रिटेन के बीच इस द्वीप पर 14 बार नियंत्रण बदला. आखिरी तौर पर ये ब्रिटेन का उपनिवेश रहा. 1979 में इसे आजादी मिली लेकिन इसका नाम हमेशा ही सेंट लूसिया ही बना रहा. (AI Photo)

सेंट लूसिया कैरिबियन के लेसर एंटील्स द्वीप समूह में स्थित है. इसका क्षेत्रफल केवल 616 वर्ग किलोमीटर है, इसमें विविधता भरी हुई है। द्वीप पर दो प्रसिद्ध ज्वालामुखी चट्टानें हैं और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं. घने वर्षावन हैं. झरने, काले रेत वाले समुद्र तट, प्रवाल भित्तियां हैं, पर्यटन यहां की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है. “कैरिबियन का रोमांस द्वीप” कहे जाने वाले इस देश में हनीमून के लिए दुनिया भर से युगल आते हैं. (wiki commons)

सेंट लूसिया की संस्कृति अफ्रीकी, फ्रांसीसी, ब्रिटिश और मूल निवासी परंपराओं का अनोखा मिश्रण है. आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है, लेकिन स्थानीय लोग क्रियोल बोलते हैं. पर्यटन के अलावा कृषि, हल्का विनिर्माण और वित्तीय सेवाएं यहां की आय के मुख्य स्रोत हैं. (wiki commons)

वैसे तो अन्य देशों जैसे आयरलैंड एक देवी से जुड़ा नाम है. वर्जिन आइलैंड्स के नाम महिला आकृतियों से जुड़े हैं, लेकिन सेंट लूसिया ही एकमात्र संप्रभु राष्ट्र है जिसका नाम वास्तविक ऐतिहासिक महिला पर आधारित है. (AI Photo)

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