Rajasthan

संकट कटै मिटै सब पीरा! भीलवाड़ा के इन 5 हनुमान मंदिरों में जाने से दूर होते हैं दुख, भक्तों की आस्था का केंद्र

Last Updated:April 29, 2026, 11:01 IST

Famous Hanuman Mandir Bhilwara: भीलवाड़ा न केवल उद्योगों के लिए बल्कि अपनी गहरी आध्यात्मिक जड़ों के लिए भी जाना जाता है. यहाँ स्थित हनुमान मंदिर भक्तों की अटूट आस्था के प्रमुख केंद्र हैं. शहर का संकट मोचन हनुमान मंदिर सबसे प्राचीन और सिद्ध पीठों में से एक माना जाता है, जहाँ मंगलवार और शनिवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है. मान्यता है कि यहाँ अर्जी लगाने से बड़े से बड़ा संकट टल जाता है. इसके अलावा, शहर के बाहरी और आंतरिक हिस्सों में स्थित पंचमुखी बालाजी और अन्य सिद्ध मंदिर अपनी विशेष वास्तुकला और शांतिपूर्ण वातावरण के लिए प्रसिद्ध हैं. इन मंदिरों में हनुमान जन्मोत्सव और सुंदरकांड पाठ के दौरान अद्भुत रौनक देखने को मिलती है.

भीलवाड़ा: भीलवाड़ा शहर अपनी धार्मिक आस्था और मंदिरों की समृद्ध परंपरा के लिए पूरे राजस्थान में खास पहचान रखता है. यहां स्थित हनुमान मंदिर न केवल श्रद्धा के केंद्र हैं बल्कि अपनी अनोखी मान्यताओं और चमत्कारिक कहानियों के कारण भी चर्चा में रहते हैं. शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में फैले ये मंदिर भक्तों के लिए आस्था का बड़ा आधार बने हुए हैं, जहां हर दिन सैकड़ों लोग अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं. खास बात यह है कि इन मंदिरों की अलग-अलग विशेषताएं हैं, जो इन्हें सामान्य मंदिरों से अलग बनाती हैं. शहर के बापू नगर सेक्टर ए में स्थित श्री बाल हनुमान मंदिर भीलवाड़ा के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है. यहां पर हनुमान जी महाराज बाल स्वरूप में विराजमान है यह मंदिर स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र है. मंदिर में स्थापित बालाजी की प्रतिमा बेहद आकर्षक है और भक्तों का मानना है कि यहां दर्शन करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं.

भीलवाड़ा शहर के निकटवर्ती हरणी गांव में स्थित स्थित काठिया बाबा आश्रम का टेकरी के मंशापूर्ण हनुमान मंदिर श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है. यहां आने वाले भक्तों का मानना है कि सच्चे मन से मांगी गई हर इच्छा यहां अवश्य पूरी होती है. यह मंदिर प्राकृतिक वातावरण के बीच एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभूति कराता है, जहां पहुंचते ही मन को शांति मिलती है. यहां मंगलवार और शनिवार को विशेष भीड़ देखने को मिलती है, जब दूर-दूर से लोग बालाजी महाराज के दर्शन के लिए आते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं.

शहर के दादाबाड़ी क्षेत्र में स्थित पंचमुखी बालाजी मंदिर भी अपनी अलग पहचान रखते हैं. पंचमुखी बालाजी मंदिर को क्षेत्रफल की दृष्टि से भीलवाड़ा का सबसे बड़ा मंदिर माना जाता है, जहां सुबह और शाम हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. खास बात यह है कि यहां केवल मंगलवार ही नहीं बल्कि सप्ताह के हर दिन भक्तों की भीड़ लगी रहती है, जो इस मंदिर की लोकप्रियता और लोगों की गहरी आस्था को दर्शाता है.

Add as Preferred Source on Google

भीलवाड़ा के बालाजी मार्केट में स्थित पेज के बालाजी मंदिर को शहर के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक माना जाता है. यह मंदिर शहर के मध्य भाग में स्थित होने के कारण हर समय श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार रहता है. यहां आने वाले भक्तों की गहरी मान्यता है कि बालाजी महाराज के दर्शन मात्र से उनकी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं और जीवन की समस्याओं का समाधान मिलता है. मंदिर का ऐतिहासिक महत्व भी इसे खास बनाता है, क्योंकि वर्षों से यह स्थल लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है. त्योहारों और विशेष अवसरों पर यहां भव्य आयोजन होते हैं, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं और मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिलता है.

भीलवाड़ा शहर के हृदय स्थल पर स्थित पोस्ट ऑफिस के सामने संकट मोचन हनुमान मंदिर है. यह हनुमान मंदिर इतना चमत्कारी है कि यहां सिर्फ मंगलवार ही नहीं बल्कि, सप्ताह के साथ दिन ही हनुमान भक्त यह बालाजी महाराज के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं. यहां की सबसे बड़ी खास बात यह है कि यहां भक्ति बालाजी महाराज के धागा बढ़ने से भक्तों के कष्ट दूर हो जाते है.

First Published :

April 29, 2026, 11:01 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj