विश्व बैंक ने राजस्थान को दिया 2025 करोड़ का लोन, 926 किमी सड़कें होंगी अपग्रेड, सफर होगा आसान

Last Updated:April 17, 2026, 22:33 IST
New Highways And Road In Rajasthan: राजस्थान हाईवेज मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट के तहत 14 राजमार्गों के प्रोजेक्ट के लिए विश्व बैंक ने 2025 करोड़ लोन मंजूर किया, 926 किमी सड़कों पर आईटीएस और सेफ सिस्टम लागू होंगे. इस योजना के तहत करीब 926 किलोमीटर लंबाई के 14 राजमार्गों को अपग्रेड किया जाएगा. इसमें 5 प्रोजेक्ट EPC मोड पर और 9 प्रोजेक्ट HAM मोड पर विकसित होंगे. मतलब अलग-अलग तरीके से काम होगा लेकिन मकसद एक ही है, सड़कें बेहतर बनें.
राजस्थान में होगा हाइवे का विकास
जयपुर. जयपुर से एक बड़ी और असर वाली खबर सामने आई है, जो सीधे आम लोगों की रोज की यात्रा से जुड़ी है. राजस्थान में अब सड़कों को लेकर बड़ा काम शुरू होने वाला है. लंबे समय से खराब, संकरे या पुराने हो चुके कई राजमार्ग अब बदलने वाले हैं. वजह है एक बड़ा प्रोजेक्ट, जिसे सरकार आगे बढ़ा रही है और जिसे अब विश्व बैंक से भी हरी झंडी मिल गई है.
दरअसल, राजस्थान हाईवेज मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 14 राजमार्गों का विकास किया जाएगा. इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए विश्व बैंक बोर्ड ने 2025 करोड़ रुपये के लोन को मंजूरी दे दी है. यानी अब फाइलों से निकलकर ये योजना जमीन पर उतरने की तरफ बढ़ चुकी है. शासन सचिवालय में इसको लेकर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने खुद समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को साफ कहा कि काम समय पर होना चाहिए.
14 हाईवे बदलेंगे, सफर होगा आसानइस योजना के तहत करीब 926 किलोमीटर लंबाई के 14 राजमार्गों को अपग्रेड किया जाएगा. इसमें 5 प्रोजेक्ट EPC मोड पर और 9 प्रोजेक्ट HAM मोड पर विकसित होंगे. मतलब अलग-अलग तरीके से काम होगा लेकिन मकसद एक ही है, सड़कें बेहतर बनें. इन सड़कों पर सिर्फ डामर नहीं बिछेगा, बल्कि टेक्नोलॉजी भी जोड़ी जाएगी. इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम यानी ITS लागू किया जाएगा, जिससे रियल टाइम में ट्रैफिक पर नजर रखी जा सकेगी. इससे हादसों पर कंट्रोल करने और ट्रैफिक संभालने में मदद मिलेगी. सरकार का दावा है कि इन बदलावों से लोगों का यात्रा समय घटेगा और सड़क हादसों में भी कमी आएगी. जो लोग रोज लंबी दूरी तय करते हैं, उनके लिए ये बड़ा बदलाव हो सकता है.
सिर्फ सड़क नहीं, पूरा सिस्टम बदलेगाइस प्रोजेक्ट की खास बात ये है कि सिर्फ सड़क बनाकर छोड़ नहीं दिया जाएगा. इसके साथ पूरा सिस्टम सुधारने की बात हो रही है. सेफ सिस्टम एप्रोच अपनाया जाएगा, जिसमें हादसे के बाद की स्थिति को भी गंभीरता से लिया जाएगा. यानी अब ट्रॉमा केयर सेंटर, जीपीएस वाली एम्बुलेंस, और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम पर भी काम होगा. गोल्डन आवर में इलाज मिल सके, इसके लिए भी प्लान तैयार किया गया है. इसके अलावा वे-साइड सुविधाएं, ईवी चार्जिंग स्टेशन, और पीपीपी मॉडल पर कुछ सुविधाएं विकसित करने की भी योजना है. कम कार्बन वाले ट्रांसपोर्ट जैसे रोपवे को भी इसमें जोड़ा गया है.
जयपुर-जोधपुर में जाम से राहत की तैयारीइस प्रोजेक्ट में बड़े शहरों को भी ध्यान में रखा गया है. जयपुर और जोधपुर के लिए खास ट्रैफिक डी-कंजेशन प्लान तैयार किए जाएंगे. यानी आने वाले समय में इन शहरों में जाम की समस्या कुछ कम हो सकती है. इसके साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी टेक्नोलॉजी से जोड़ने की तैयारी है. एक लॉजिस्टिक्स मास्टर प्लान भी बनाया जाएगा, जिससे माल ढुलाई आसान हो सके.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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Location :
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
April 17, 2026, 22:33 IST



