100 साल पुराना हस्तलिखित पंचांग! महाराजा के दौर की अनमोल विरासत ने बढ़ाया बीकानेर का गौरव

100 साल पुराना हस्तलिखित पंचांग! महाराजा के दौर की विरासत ने बढ़ाया गौरव
100 Year Old Handwritten Panchang : बीकानेर से एक ऐसी ऐतिहासिक धरोहर सामने आई है, जिसने लोगों को उस दौर में वापस ले जाने का काम किया है जब न कंप्यूटर थे और न आधुनिक तकनीक. करीब 100 साल पुराना यह हस्तलिखित पंचांग आज चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे महाराजा गंगा सिंह के शासनकाल में तैयार किया गया था. उस समय ज्योतिष पूरी तरह पारंपरिक गणनाओं और विद्वानों की मेहनत पर आधारित होती थी. यह पंचांग सिर्फ धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि उस दौर की जीवनशैली, प्रशासन और निर्णय प्रक्रिया का अहम हिस्सा था. राजदरबार में इसका उपयोग शुभ मुहूर्त तय करने और महत्वपूर्ण फैसलों के लिए किया जाता था. खास बात यह है कि यह पंचांग मोड़िया भाषा में लिखा गया है, जो आज लगभग लुप्त हो चुकी है. संग्रहकर्ता किशन सोनी के पास सुरक्षित यह धरोहर उस समय की विद्वता, संस्कृति और परंपराओं की झलक दिखाती है. ऐसे दस्तावेज हमें यह याद दिलाते हैं कि सीमित संसाधनों के बावजूद हमारे पूर्वजों ने ज्ञान और परंपरा को कितनी गहराई से संजोकर रखा.




