4.50 करोड़ का कन्या कॉलेज बना खंडहर, किशनगढ़ वास में छात्राएं धर्मशाला में पढ़ने को मजबूर

Last Updated:April 19, 2026, 12:28 IST
Alwar Ground Report: अलवर के किशनगढ़ बास क्षेत्र में बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए बना राजकीय कन्या महाविद्यालय भवन प्रशासनिक लापरवाही के चलते एक साल से अधिक समय से बंद पड़ा है. दयालपुर गांव में 4.50 करोड़ की लागत से बना दो मंजिला भवन उपयोग में नहीं आ सका है और असामाजिक तत्वों के कारण इसका नुकसान हो रहा है. वर्तमान में 200 से अधिक छात्राएं धर्मशाला के छोटे कमरों में पढ़ने को मजबूर हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
ख़बरें फटाफट
अलवर. खैरथल तिजारा जिले के किशनगढ़ बास इलाके की बच्चियों की उच्च शिक्षा के लिए पूर्ववर्ती गहलोत सरकार द्वारा महाविद्यालय की घोषणा की गई थी. इस दौरान घोषणा के बाद कन्या महाविद्यालय की कक्षाएं किशनगढ़ बास सरकारी अस्पताल की धर्मशाला में शुरू की गई. जहां किशनगढ़ बास के गांव दयालपुर में महाविद्यालय के लिए जगह चिन्हित कर दो मंजिला भवन बनाया गया. सरकार ने 4.50 करोड़ रुपए खर्च कर राजकीय कन्या महाविद्यालय का भवन तो तैयार कर दिया, लेकिन अदूरदर्शी योजना और कमजोर प्रशासनिक समन्वय के चलते यह भवन पिछले एक साल से ज्यादा दिनों से भवन पर ताला लटका हुआ है.
कन्या महाविद्यालय में जहां बेटियों के हाथ में कलम और किताब होनी चाहिए थी, वहां अब असामाजिक तत्वों ने दो मंजिला भवन के सभी खिड़की-दरवाजे के शीशे तोड़ दिए जिससे सरकारी संपत्ति को काफी नुकसान हो रहा है. धीरे-धीरे बिल्डिंग खंडार होती जा रही है. शाम को यहां पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है. किशनगढ़ बास के सरकारी अस्पताल के धर्मशाला में संचालित राजकीय कन्या महाविद्यालय में 200 से ज्यादा छात्राएं अव्यवस्थित हालात में धर्मशाला के दो कमरों में पढ़ने को मजबूर हैं.
खंडहर में तब्दील हो रहा करोड़ों का भवन
दयालपुर गांव में महाविद्यालय का स्थायी भवन बनकर तैयार हुए एक साल से भी ज्यादा दिन हो गए. जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर 5 और पहली मंजिल पर 3 कमरे बनाएं गए, ताकि बालिकाएं यहां शिक्षा गृह कर सकें. लेकिन हकीकत यह है कि यह करोड़ों का भवन अब खंडहर में तब्दील हो रहा है. जगह की कमी के कारण कॉलेज में न पर्याप्त स्टाफ मिला और न ही छात्राओं की उपस्थिति. संसाधनों के अभाव में छात्राएं भी पढ़ाई छोड़ घर लौटने को मजबूर हैं.
बाउंड्री वॉल का बहाना बनाकर झाड़ रहे पल्ला
राजकीय कन्या महाविद्यालय प्रशासन और जनप्रतिनिधि अब बाउंड्री वॉल का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं. कॉलेज पहाड़ के पास बनाया गया है ऐसे में बालिकाओं की सुरक्षा को देखते हुए कॉलेज की बाउंड्री वॉल होनी जरूरी है तभी छात्राओं को नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा. कॉलेज सूनसान जगह पर है और बिना चारदीवारी के छात्राएं असुरक्षित हैं.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें
Location :
Alwar,Rajasthan
First Published :
April 19, 2026, 12:28 IST



