PHOTOS: न ब्रह्मोस और न अग्नि-5, फिर भी पलक झपकते टार्गेट का कर देता है खात्मा – Horizon Lord rifle destroy target 9 second at 4 kilometer distance

Last Updated:April 19, 2026, 13:42 IST
Horizon’s Lord Sniper Rifle: दुनियाभर में वेपन सिस्टम डेवलप करने के मामले में दो देश (अमेरिका और रूस) निर्विवाद रूप से सर्वश्रेष्ठ हैं. कोल्ड वॉर के समय में USSR यानी पूर्व सोवियत संघ ने ऐसे-ऐसे हथियार डेवलप किए, जो आज भी प्रचलन में हैं. USSR का हिस्सा रहे यूक्रेन ने एक ऐसी राइफल बनाई है, जो रेंज और प्रहार क्षमता में क्लाशनिकोव द्वारा डेवलप AK-47 से कहीं ज्यादा खतरनाक है. इसका नाम होराइजंस लॉर्ड स्नाइपर राइफल है. इस राइफल से महज 9 सेकेंड में तकरीबन चार किलोमीटर दूर स्थित टार्गेट को ध्वस्त कर दिया गया.
यूक्रेन के स्नाइपर Vyacheslav Kovalskiy ने दुनिया का सबसे लंबी दूरी से कन्फर्म स्नाइपर किल का रिकॉर्ड बना दिया है. यह शॉट 12,468 फीट यानी करीब 2.36 मील (3.79 किलोमीटर) की दूरी से लगाया गया. खास बात यह रही कि गोली यानी बुलेट को लक्ष्य तक पहुंचने में लगभग 9 सेकंड का समय लगा. यह ऐतिहासिक निशाना ‘Horizon’s Lord’ नामक विशेष राइफल से 2023 में साधा गया. सैन्य विशेषज्ञ इस उपलब्धि को तकनीक, धैर्य और सटीक कैलकुलेशन का बेहतरीन उदाहरण मान रहे हैं, जो आधुनिक युद्ध कौशल में एक नया मानदंड स्थापित करता है. यह रूसी क्लाशनिकोव AK-47 राइफल से कहीं ज्यादा खतरनाक है. (फोटो: @liamplayerr के इंस्टाग्राम अकाउंट से साभार)
यूक्रेन में विकसित अत्याधुनिक लंबी दूरी की स्नाइपर राइफल ‘एमसीआर होराइजंस लॉर्ड’ (यूक्रेनी: वोलोदार ओब्रियु) इन दिनों अपनी क्षमता और कथित विश्व रिकॉर्ड शॉट को लेकर चर्चा में है. यूक्रेन की इस स्वदेशी राइफल को मुख्य रूप से एंटी-मैटेरियल (AMR) भूमिका के लिए डिजाइन किया गया है, जिसका इस्तेमाल बख्तरबंद वाहनों, भारी मशीनगनों और लंबी दूरी पर मौजूद दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस राइफल ने 3,800 मीटर (करीब 2.36 मील) की दूरी पर एक सफल निशाना साधने का दावा किया है, जिसे दुनिया के सबसे लंबे कन्फर्म स्नाइपर शॉट्स में गिना जा रहा है. इतनी दूरी पर सटीक निशाना लगाना किसी भी हथियार के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है, क्योंकि इसमें हवा की गति, गुरुत्वाकर्षण और तापमान जैसे कई जटिल कारकों का प्रभाव पड़ता है. (फोटो: @liamplayerr के इंस्टाग्राम अकाउंट से साभार)
‘होराइजंस लॉर्ड’ को यूक्रेन की कंपनी Horizon’s Lord LLC ने तैयार किया है. यह राइफल विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए 12.7x114HL कारतूस का उपयोग करती है, जो सुपरसोनिक स्पीड और न्यूनतम बुलेट ड्रॉप के लिए बनाए गए हैं. इसके अलावा, यह सिस्टम कई अन्य कैलिबर (जैसे 12.7×99 NATO, 12.7×108, 14.5×114 और 23×115 मिमी) में भी उपलब्ध है, जिससे इसे अलग-अलग ऑपरेशनल जरूरतों के अनुसार इस्तेमाल किया जा सकता है. तकनीकी रूप से यह राइफल काफी उन्नत मानी जा रही है. (फोटो: @liamplayerr के इंस्टाग्राम अकाउंट से साभार)
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एमसीआर होराइजंस लॉर्ड राइफल का वजन लगभग 15.7 से 17 किलोग्राम के बीच है और यह सिंगल-शॉट तथा मैगजीन फेड दोनों वर्जन में उपलब्ध है. राइफल में कस्टम ब्रास केसिंग का उपयोग किया गया है, जिससे सटीकता बढ़ती है. साथ ही इसमें थ्रेडेड मज़ल दिया गया है, जिससे बड़े सप्रेसर लगाए जा सकते हैं और रीकॉइल को नियंत्रित किया जा सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि ‘होराइजंस लॉर्ड’ जैसे हथियार यूक्रेन की रक्षा क्षमता को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. खासकर मौजूदा युद्ध जैसे हालात में, जहां लंबी दूरी से सटीक हमले निर्णायक साबित होते हैं, ऐसे हथियार रणनीतिक बढ़त प्रदान करते हैं. (फोटो: @liamplayerr के इंस्टाग्राम अकाउंट से साभार)
बताया जा रहा है कि इस राइफल और इसके पॉलिमर-केस्ड गोला-बारूद का सीरियल प्रोडक्शन भी शुरू हो चुका है. यह कदम न केवल यूक्रेन की स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता को दर्शाता है, बल्कि उसे वैश्विक हथियार बाजार में भी एक नई पहचान दिला सकता है. होराइजंस लॉर्ड आधुनिक युद्धक तकनीक का एक उदाहरण बनकर उभरी है, जो लंबी दूरी की मारक क्षमता और सटीकता के नए मानक स्थापित कर रही है. यह एके-47 से कहीं ज्यादा खतरनाक है. (फाइल फोटो/Reuters)
AK-47 राइफल की मारक क्षमता और सटीकता को लेकर नई जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट के अनुसार, इस हथियार की प्रभावी फायरिंग रेंज लगभग 300 से 400 मीटर मानी जाती है, जहां यह सबसे अधिक सटीकता के साथ काम करता है. हालांकि, इसके निशाने 800 से 1000 मीटर तक सेट किए जा सकते हैं, लेकिन इतनी दूरी पर सटीकता काफी कम हो जाती है. व्यावहारिक रूप से लड़ाई के हालात में इसकी सटीक मार 100 से 300 मीटर के बीच ही प्रभावी रहती है. इसकी गोली यानी बुलेट की गति करीब 715 मीटर प्रति सेकंड बताई गई है, जिससे यह नजदीकी और मध्यम दूरी की लड़ाई में बेहद कारगर हथियार माना जाता है. (फाइल फोटो/Reuters)
First Published :
April 19, 2026, 13:42 IST



