Rajasthan

राजस्थान में 90 करोड़ की ड्रग्स फैक्ट्री तबाह! 3 घंटे रेंगते रहे कमांडो, फिर ऐसे पकड़ा गया मास्टरमाइंड हापू राम

जयपुर: राजस्थान पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक ऐसे ऑपरेशन को अंजाम दिया है, जिसकी स्क्रिप्ट किसी बॉलीवुड थ्रिलर से कम नहीं है. ‘ऑपरेशन विषग्रहण’ यानी ज़हर को सूंघकर पहचानना. इस मिशन के तहत पुलिस ने जोधपुर-जैसलमेर हाईवे पर स्थित बालेसर के एक सुनसान खेत में चल रही हाई-टेक MD ड्रग्स फैक्ट्री को न केवल ध्वस्त किया, बल्कि 90 करोड़ रुपये का माल भी बरामद किया.

इस ऑपरेशन का कोडनेम आज के दौर की नशीली दवाओं (Synthetics Drugs) के सेवन के तरीके से प्रेरित था, जिन्हें अक्सर सूंघकर शरीर के अंदर लिया जाता है. पुलिस ने इस ‘ज़हर’ के सौदागरों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और इसे नाम दिया— ऑपरेशन विषग्रहण.

कई राज्यों में फैला हुआ थाइस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड 28 वर्षीय हापू राम है. बाड़मेर का रहने वाला हापू राम पहले अफीम के कचरे (डोडा चूरा) की तस्करी करता था. 2015 से 2024 के बीच वह जोधपुर और उदयपुर की जेलों में कई बार रहा. जेल से बाहर आने के बाद उसने अपना रास्ता बदला और ज्यादा मुनाफे वाले MD ड्रग्स के धंधे में उतर गया. उसने अपने पुराने साथियों को मिलाकर एक खतरनाक सिंडिकेट बनाया, जो कई राज्यों में फैला हुआ था.

पुलिस ने उनकी ‘सप्लाई चेन’ पर नजर रखीशातिर तस्कर पुलिस से बचने के लिए केवल iPhone का इस्तेमाल करते थे और आपस में एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए बात करते थे. लेकिन पुलिस ने उनकी ‘सप्लाई चेन’ पर नजर रखी. MD ड्रग्स बनाने के लिए भारी मात्रा में ‘बर्फ’ (Ice) की जरूरत होती है. जब बालेसर के एक सुनसान गांव में बर्फ की असामान्य रूप से बड़ी खेप पहुँचते देखी गई, तो ANTF के IG विकास कुमार को यकीन हो गया कि शिकार करीब है.

3 घंटे तक जमीन पर रेंगते हुए फैक्ट्री के करीब पहुँची कमांडो25 अप्रैल की आधी रात को ANTF के कमांडो बालेसर पहुँचे. ड्रग्स फैक्ट्री एक ऊंचे टीले पर स्थित निर्माणाधीन इमारत में चल रही थी, जहाँ से दूर-दूर तक नजर रखी जा सकती थी. पकड़े जाने के डर से पुलिस टीम अंधेरे में 3 घंटे तक जमीन पर रेंगते हुए फैक्ट्री के करीब पहुँची.

जैसे ही पुलिस ने घेराबंदी कर सरेंडर करने को कहा, हापू राम और उसके साथी अर्जुन ने छत से फायरिंग शुरू कर दी. जवाब में पुलिस ने भी 15 राउंड गोलियां चलाईं. घबराकर तस्करों ने छत से छलांग लगा दी, जिसमें हापू राम के पैर में चोट आई और वह पकड़ा गया. पुलिस को फैक्ट्री के अंदर से 176 किलोग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 90 करोड़ रुपये आंकी गई है. मौके से एक विदेशी पिस्तौल की रेप्लिका और ड्रग्स बनाने का भारी मात्रा में कच्चा सामान भी जब्त किया गया.

राजस्थान का ‘ड्रग कॉरिडोर’ बना चिंता का विषयजांच में सामने आया कि ये तस्कर गुजरात और महाराष्ट्र से केमिकल मंगवाते थे और सांचौर, बाड़मेर, जालोर व जोधपुर की सुनसान जगहों पर प्रोसेस करते थे. पिछले एक साल में राजस्थान में 33 ड्रग्स फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ हुआ है, जिनमें से 31 अकेले इसी इलाके (जोधपुर संभाग) में थीं.

‘ऑपरेशन विषग्रहण’ अभियान चला था‘ऑपरेशन विषग्रहण’ ने न केवल करोड़ों का नशा पकड़ा है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितना भी आधुनिक तकनीक (iPhone/Encrypted Apps) का इस्तेमाल कर लें, पुलिस की पैनी नजर और बुनियादी खुफिया तंत्र (सप्लाई चेन मॉनिटरिंग) से नहीं बच सकते.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj