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दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर फर्जी वीजा रैकेट का पर्दाफाश, 12-12 लाख रुपये लेकर युवाओं को भेजा जाता था फ्रांस – igi airport fake visa racket busted delhi police caught 55 year old tamil nadu person who sent youth to France for Rs 12 lakh each

Last Updated:December 02, 2025, 18:32 IST

दिल्ली पुलिस की IGI एयरपोर्ट यूनिट ने एक अंतरराज्यीय फर्जी वीजा रैकेट का पर्दाफाश करते हुए तमिलनाडु से मास्टरमाइंड वी कन्नन को गिरफ्तार किया है. यह रैकेट युवाओं को फ्रांस में वेयरहाउस जॉब दिलाने के नाम पर 12-12 लाख रुपये लेकर नकली फ्रेंच डी-टाइप वीज़ा देता था. IGI एयरपोर्ट पर फर्जी वीजा रैकेट का पर्दाफाश, क्या आप भी जाने वाले हैं फ्रांस?

नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस की इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) यूनिट ने फर्जी वीजा रैकेट के खिलाफ अपने अभियान को जारी रखते हुए एक और अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है. यह रैकेट भारत से विदेश जाने के इच्छुक युवकों को नौकरी का लालच देकर नकली वीजा उपलब्ध कराता था. इस मामले में आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने तमिलनाडु से 55 साल के मुख्य एजेंट वी कन्नन को गिरफ्तार किया है. बता दें कि 28 अक्टूबर 2025 को तीन भारतीय यात्री नवीनराज सुब्रमण्यम, मोहन गांधी एलांगोवन और प्रभाकरन सेंथिलकुमार को पेरिस जाने के लिए आईजीआई एयरपोर्ट के इमीग्रेशन काउंटर पर पहुंचे. वीजा की जांच में तीनों गिरफ्तर में आए.

आईजीआई एयरपोर्ट पर वीजा की बारीकी से जांच करने पर तीनों के पासपोर्ट पर लगाए गए फ्रेंच डी-टाइप वीजा में सुरक्षा विशेषताओं की कमी पाई गई और वह नकली पाया गया. इसके बाद पुलिस ने संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया. पूछताछ में यात्रियों ने खुलासा किया कि नवीनराज का फर्जी वीजा उसके भाई ने 6 लाख रुपये में और अन्य दो यात्रियों मोहन गांधी और प्रभाकरन के वीजा तमिलनाडु के एक एजेंट ने दोनों से 12-12 लाख रुपये में उपलब्ध कराए थे.

मिलनाडु के नमक्कल जिले से मुख्य एजेंट वी. कन्नन को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया. (फाइल फोटो)

12 लाख में फ्रांस भेजता था यह गैंग

डीसीपी आईजीआई के निर्देश पर इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार त्यागी की अगुआई में एक टीम का गठन किया गया. तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर टीम ने तमिलनाडु के नमक्कल जिले से मुख्य एजेंट वी. कन्नन को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया. पूछताछ के दौरान कन्नन ने कबूल किया कि वह वेलूर में एक सरकारी आईटीआई चलाता है और साथ ही एक ओवरसीज एजुकेशन कंसल्टेंसी भी चलाता था. अपने सह-आरोपी मदुरै निवासी सैयद उर्फ अब्दुल हाकिम की मदद से उसने करीब 16 नौकरी के इच्छुक युवकों को फ्रांस में वेयरहाउस जॉब के लिए फर्जी वीज़ा दिए. वीजा की राशि नकद और बैंक ट्रांसफर दोनों माध्यमों से ली गई थी.

आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि नवंबर 2025 के महीने में ही फर्जी, जाली वीजा पासपोर्ट से संबंधित मामलों में 6 फर्जी एजेंटों समेत कुल 26 लोगों को गिरफ्तार या बुक किया गया है. इसके अलावा अकेले नवंबर महीने में एयरपोर्ट पर दलाली और अन्य अवैध गतिविधियों के चलते 28 दलालों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अब कन्नन के सहयोगी साठिक सैयद की तलाश में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस रैकेट के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हुए हैं.

About the Authorरविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें

Location :

New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

December 02, 2025, 18:32 IST

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IGI एयरपोर्ट पर फर्जी वीजा रैकेट का पर्दाफाश, क्या आप भी जाने वाले हैं फ्रांस?

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