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अभिषेक बच्चन पर ऐसा पड़ा इन 6 मनहूस फिल्मों का साया, 20 हिट देकर भी नहीं बचा पाए अपना करियर, 2 तो थीं ब्लॉकबस्टर

Last Updated:April 18, 2026, 17:06 IST

बॉलीवुड में शायद ही किसी का करियर अभिषेक बच्चन जितना उलटा-पुलटा रहा हो. एक तरफ उनके नाम 20 से ज्यादा सफल फिल्में और वहीं दूसरी तरफ उन्हें फ्लॉप एक्टर कहा जाता है. ऐसा क्या हुआ कि बड़ी-बड़ी हिट फिल्में देने के बाद भी अभिषेक का करियर अपने समय के एक्टर्स जितनी ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया? इसका जवाब उन 6 ‘मनहूस’ फिल्मों में है, जिन्होंने अभिषेक पर ऐसा साया डाला कि उनका सोलो स्टारडम हमेशा के लिए खत्म हो गया.

नई दिल्ली. अभिषेक बच्चन ने 2000 में ‘रिफ्यूजी’ से डेब्यू किया था. अमिताभ बच्चन के बेटे होने के नाते उन पर इतना प्रेशर था कि कोई भी आम एक्टर सोच भी नहीं सकता. 17 फ्लॉप फिल्मों के बाद, जब उन्होंने ‘धूम’ और ‘युवा’ जैसी हिट फिल्में दीं, तो ऐसा लगा कि बॉलीवुड को अपना अगला सुपरस्टार मिल गया है, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. कुछ फिल्में ऐसी आईं, जिन्होंने अचानक उनके बढ़ते करियर को नीचे गिरा दिया.

1. द्रोणा (2008): ‘द्रोणा’ अभिषेक बच्चन के करियर की सबसे कॉन्ट्रोवर्शियल और बदकिस्मत फिल्म मानी जाती है. गोल्डी बहल के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने हैरी पॉटर जैसी जादुई दुनिया बनाने की कोशिश की थी, लेकिन खराब विजुअल इफेक्ट्स और बेकार कहानी ने इसे बॉलीवुड की सबसे बड़ी डिजास्टर में से एक बना दिया. करोड़ों के नुकसान के साथ, इस फिल्म ने अभिषेक की सोलो हीरो के तौर पर रेप्युटेशन को बहुत नुकसान पहुंचाया.

2. रावण (2010): मणिरत्नम ने अभिषेक को ‘युवा’ और ‘गुरु’ जैसी फिल्में दी थीं, जिससे अभिषेक की एक्टिंग काबिलियत को दुनिया ने पहचाना. ‘रावण’ इसी भरोसे के साथ आई थी. अभिषेक ने ‘वीरा’ के रोल के लिए बहुत ज्यादा फिजिकल और मेंटल मेहनत की, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई. इस फिल्म की नाकामी ने साबित कर दिया कि सिर्फ एक्टिंग से फिल्म नहीं चलती और अभिषेक के लिए सोलो हिट देना मुश्किल होता जा रहा है.

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3. उमराव जान (2006): जेपी दत्ता की इस बड़ी फिल्म में अभिषेक और ऐश्वर्या राय की जोड़ी जबरदस्त थी. लेकिन, रेखा की टाइमलेस ‘उमराव जान’ से तुलना ने फिल्म का जोश कम कर दिया. अभिषेक नवाब सुल्तान के रोल में जादू नहीं कर पाए और फिल्म बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई. इस फिल्म की नाकामी ने एक रोमांटिक हीरो के तौर पर अभिषेक के चार्म पर शक पैदा कर दिया.

4. झूम बराबर झूम (2007): यशराज फिल्म्स की कोशिशों, बेहतरीन म्यूजिक और अमिताभ बच्चन के कैमियो के बावजूद, ‘झूम बराबर झूम’ दर्शकों को पसंद नहीं आई. अभिषेक की जबरदस्त एक्टिंग और भड़काऊ गेटअप लोगों को पसंद नहीं आया. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई, जिससे अभिषेक के लिए सोलो स्टारडम का रास्ता और भी मुश्किल हो गया.

5. खेलें हम जी जान से (2010): आशुतोष गोवारिकर जैसे महान डायरेक्टर के साथ, अभिषेक ने स्वतंत्रता सेनानी सूर्य सेन की भूमिका निभाई. फिल्म के इरादे साफ थे, लेकिन इसकी धीमी गति और बोरिंग स्क्रिप्ट ने दर्शकों को थिएटर से दूर रखा. इस फिल्म की नाकामयाबी ने अभिषेक को बड़े बैनर की सोलो फिल्मों से दूरी बनाने पर मजबूर कर दिया.

6. ऑल इज वेल (2015): लंबे ब्रेक के बाद, अभिषेक इस फैमिली ड्रामा में सोलो लीड के तौर पर लौटे. लेकिन एक कमजोर कहानी और पुराने जोक्स ने फिल्म को डुबो दिया. इस फिल्म के बाद, अभिषेक ने एक लंबा ब्रेक लिया और खुद को OTT और मल्टी-स्टारर फिल्मों के लिए तैयार किया.

अभिषेक बच्चन के नाम लगभग 20 सफल फिल्में हैं, जिनमें ‘धूम’, ‘धूम 2 (ब्लॉकबस्टर)’, ‘धूम 3 (ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर)’, ‘बंटी और बबली’, ‘दोस्ताना’, ‘बोल बच्चन’ और ‘पा’ शामिल हैं. लेकिन इन सभी फिल्मों में एक बात कॉमन थी- या तो उनमें वह किसी बड़े सुपरस्टार (अमिताभ, शाहरुख, ऋतिक, अजय) के साथ थे या मल्टी-स्टारर थीं. जैसे ही वह सोलो लीड के तौर पर उभरे, ऊपर बताई गई 6 ‘मनहूस’ फिल्मों ने उनके करियर को नीचे गिरा दिया.

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April 18, 2026, 17:06 IST

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