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रातों-रात गायब हो गई दुनिया की मशहूर इमोजी झील, मर गई हजारों मछलियां! देखें हैरान करने वाली तस्वीरें

Canadian Emoji Lake Vanished: कनाडा के दक्षिण-पश्चिम क्यूबेक से एक हैरान करने वाली खबर आई है. वहां मौजूद लेक रौज जिसे लोग प्यार से इमोजी लेक कहते थे, अब पूरी तरह सूख चुकी है. यह झील अपनी खास बनावट के लिए जानी जाती थी. ऊपर से देखने पर यह दो छोटी झीलों के साथ मिलकर एक हैरान चेहरे जैसा आकार बनाती थी. मई 2025 में स्थानीय समुदाय के लोगों ने पाया कि झील का पानी गायब हो चुका है. वहां सिर्फ कीचड़ और मरी हुई मछलियां ही नजर आ रही थीं. आसपास की सड़कों पर मलबा जमा हो गया था. जांच में पता चला कि झील का पूर्वी किनारा लैंडस्लाइड की वजह से टूट गया. इसके बाद पूरा पानी एक झटके में बाहर निकल गया. क्री फर्स्ट नेशन ऑफ वासवानिपी के सदस्यों ने इस तबाही को सबसे पहले देखा. वहां के लोगों ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में कभी ऐसा मंजर नहीं देखा.

झील का पानी इतनी तेजी से बहा कि उसने रास्ते में आने वाले छोटे तालाबों को भी तबाह कर दिया. सैटेलाइट इमेजरी से पता चला है कि झील का पानी लगभग 10 किलोमीटर दूर डोडा लेक में जा मिला. इस वजह से डोडा लेक का साफ पानी भी अब कीचड़ जैसा मटमैला हो गया है.

झील फटने के पीछे क्या थे सबसे बड़े कारण?

एक्सपर्ट्स इस घटना को आउटबर्स्ट फ्लड कह रहे हैं. आमतौर पर ऐसी घटनाएं ग्लेशियर वाली झीलों में ही देखने को मिलती हैं. लेक रौज जैसी साधारण झील का इस तरह फटना बहुत ही दुर्लभ माना जाता है. रिसर्चर्स ने इसके पीछे कई बड़े कारण बताए हैं.

सबसे पहला कारण साल 2019 और 2023 में लगी भीषण आग को माना जा रहा है. इन सालों में कनाडा के जंगलों में लगी आग ने जमीन की ऊपरी परत को कमजोर कर दिया था. जली हुई मिट्टी पानी सोखने की क्षमता खो देती है. इस वजह से झील के किनारों पर दबाव काफी बढ़ गया था.
दूसरा बड़ा कारण इलाके में होने वाली पेड़ों की कटाई है. पिछले कुछ दशकों में यहां बड़े पैमाने पर जंगल काटे गए हैं. पेड़ कम होने की वजह से सर्दियों की बर्फ बहुत तेजी से पिघलने लगी है. बर्फ का पानी बहुत कम समय में झील को भर देता है. इस बार भी भारी बर्फबारी के बाद झील का लेवल अचानक बढ़ गया था. दबाव इतना ज्यादा था कि मिट्टी के किनारे उसे बर्दाश्त नहीं कर पाए.

वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर यह हादसा अभी नहीं होता तो अगले कुछ सालों में होना तय था.

आसमान से दिखने वाला मुस्कुराता चेहरा हुआ वीरान, रौज लेक के साथ क्या हुआ? (Photo : NASA Earth Observatory images by Wanmei Liang , using Landsat data from the U.S. Geological Survey)

इंसानी दखल ने बिगाड़ा कुदरत का खेल

क्यूबेक का इलाका पर्यावरण के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जाता है. करीब 20,000 साल पहले यह पूरा हिस्सा बर्फ की चादर से ढका हुआ था. इसलिए यहां की जमीन अभी भी बदलाव के दौर से गुजर रही है. सरकारी हाइड्रोलॉजिस्ट फ्रैंकोइस-निकोलस रॉबिन ने बताया कि यह लैंडस्केप बहुत तेजी से विकसित हो रहा है.

इंसानी गतिविधियों जैसे लॉगिंग और क्लाइमेट चेंज ने इस प्रोसेस को और तेज कर दिया है. पेड़ों की जड़ों के बिना मिट्टी अपनी पकड़ खो देती है और ढह जाती है.

इस घटना की तुलना ब्रिटिश कोलंबिया की चिलकोटिन नदी में हुई घटना से की जा रही है. वहां भी लैंडस्लाइड की वजह से नदी का रास्ता रुक गया था.

लेक रौज के गायब होने से वहां के इकोसिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है. हजारों मछलियां मर गई हैं और आसपास के जानवरों का ठिकाना छिन गया है. स्थानीय शिकारी और मछुआरे अब अपनी आजीविका को लेकर चिंतित हैं.

भविष्य के लिए क्या है वैज्ञानिकों की चेतावनी?

वैज्ञानिकों का मानना है कि लेक रौज का हादसा एक बड़ी चेतावनी है. ग्लोबल वार्मिंग की वजह से आने वाले समय में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं. जंगलों की आग और तेजी से पिघलती बर्फ झीलों के लिए खतरा बन रही है. कनाडा के कई अन्य हिस्सों में भी झीलों के किनारों की निगरानी बढ़ानी होगी.

अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो कई और सुंदर झीलें नक्शे से गायब हो सकती हैं. नासा की अर्थ ऑब्जर्वेटरी इस इलाके पर लगातार नजर रख रही है ताकि भविष्य के खतरों का आकलन किया जा सके.

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